शेयर बाजार में जारी तेजी पर आज ब्रेक लग गया। IT स्टॉक्स में भयंकर बिकवाली के चलते सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में बंद हुए। सुबह के सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी नए रिकॉर्ड पर पहुंचने के बाद बिकवाली हाबी हुई। बाजार बंद होने पर बीएसई सेंसेक्स 131.43 अंक टूटकर 82948.23 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह एनएसई निफ्टी 41 अंकों की गिरावट के साथ 25377.54 अंक पर पहुंच गया। बुधवार को बाजार का मूड आईटी स्टॉक्स ने खराब किया। आईटी शेयरों में TECHM, INFY, HCLTECH और TCS के शेयरों में 3 फीसदी से अधिक की गिरावट रही।
आपको बता दें कि विदेशी पूंजी के प्रवाह के बीच बुधवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी अपने नए रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया था। 30 शेयर वाला बीएसई सेंसेक्स 230.66 अंक चढ़कर 83,310.32 अंक के नए सर्वकालिक शिखर पर पहुंचा था। एनएसई निफ्टी 60.05 अंक की बढ़त के साथ 25,478.60 अंक के नए रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया था। एशियाई बाजारों में चीन का शंघाई कम्पोजिट और जापान का निक्की-225 फायदे में रहे। अमेरिकी बाजार मंगलवार को मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए थे। अमेरिकी फेड के फैसले से पहले शेयर बाजार सर्तक रुख अपना रहा है। अगर फेड दरों में कटौती करता है तो एक बार फिर बाजार में तेजी लौट सकती है।
अनिल अंबानी की कंपनियां हुई कर्ज मुक्त
अनिल अंबानी की स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड दोनों ही कंपनियां रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर बुधवार 18 सितंबर के कारोबारी सत्र में कमाल कर रही हैं. रिलायंस पावर के स्टॉक में 5 फीसदी के उछाल के बाद अपर सर्किट लगा हुआ है तो रिलायंस इंफ्रा का शेयर भी 20 फीसदी की उछाल के साथ 283.73 रुपये पर जा पहुंचा है और शेयर में अपर सर्किट लग गया है. दोनों ही स्टॉक में तेजी की वजह है कि रिलायंस पावर जहां पूरी तरह डेट फ्री कंपनी बन गई है तो रिलायंस इंफ्रा ने 3831 करोड़ रुपये का कर्ज चुका दिया है और अब कंपनी पर केवल 475 रुपये का कर्ज बकाया है.
मंगलवार 17 सितंबर, 2024 की देर शाम रिलायंस पावर ने स्टॉक एक्सचेंज के पास रेगुलेटरी फाइलिंग में ये जानकारी दी कि रिलायंस पावर ने विदर्भ इंडस्ट्रीज पावर लिमिटेड के गारेंटर के तौर पर 3872.04 करोड़ रुपये के बकाये कर्ज का भुगतान कर दिया है. इसी के साथ कंपनी ने सीएफएम एसेट रीकंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड ( CFM Asset Reconstruction Private Limited) के साथ सभी विवाद को सुलझा लिया है. रिलायंस पावर द्वारा दी गई कॉर्पोरेट गारंटी के बदले में विदर्भ इंडस्ट्रीज पावर लिमिटेड के 100 फीसदी शेयर्स को सीएफएम के पक्ष में गिरवी के तौर पर रखे गए हैं.
इस खबर के चलते रिलायंस पावर का स्टॉक 5 फीसदी के उछाल के साथ 32.97 रुपये पर खुला और स्टॉक में अपर सर्किट लग गया. रिलायंस पावर प्राइवेट सेक्टर में पावर जेनरेशन के क्षेत्र की देश की दिग्गज कंपनियों में शुमार है. कोल, गैस, हाइड्रो और रिन्यूएबल एनर्जी बेस्ड प्रोजेक्ट्स के जरिए कंपनी 5300 मेगावाट बिजली प्रोडक्शन करती है.
अनिल अंबानी की रिलायंस ग्रुप की रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर का स्टॉक भी जोरदार तेजी के साथ कारोबार कर रहा है. बुधवार 18 सितंबर, 2024 को कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज के पास रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर पर कुल बकाया कर्ज 3831 करोड़ रुपये से घटकर 475 करोड़ रुपये रह गया है. कंपनी ने बताया कि इंवेन्ट एआरसी (Invent ARC’s)का बकाया रकम शून्य पर आ गया है. साथ ही रिलायंस इंफ्रा ने एलआईसी, एडलवाइज एसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड, आईसीआईसीआई बैंक, यूनियन बैंक समेत दूसरे लेंडर्स के भी बकाये कर्ज का भुगतान कर दिया है. कंपनी पर एक्सटर्नल डेट लायबिलिटी घटकर 475 करोड़ रुपये पर आ गई है. इसके बाद कंपनी का नेट वर्थ 9041 करोड़ रुपये पर आ गया है.
रिलायंस इंफ्रा पर कर्ज के बोझ में कमी के बाद रिलायंस इंफ्रा का स्टॉक 20 फीसदी के उछाल के साथ 282.73 रुपये के हाई पर जा पहुंचा है. पिछले सत्र में स्टॉक 235.61 रुपये पर क्लोज हुआ था.








