केंद्र सरकार ने स्टैंडिंग कमेटियों का गठन किया,कांग्रेस को चार समितियों की अध्यक्षता

मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में साल 2024-25 के लिए 24 डिपार्टमेंटल पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी का गुरुवार देर रात गठन किया गया। हर समिति में राज्यसभा और लोकसभा दोनों के सदस्य शामिल हैं। कांग्रेस ने केंद्र सरकार से 6 स्टैंडिंग कमेटी की अध्यक्षता की मांगी थी, लेकिन उसे चार प्रमुख पैनलों की अध्यक्षता दी गई […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शुक्रवार, 27 सितंबर 2024, 05:31 AM 6 मिनट read
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केंद्र सरकार ने स्टैंडिंग कमेटियों का गठन किया,कांग्रेस को चार समितियों की अध्यक्षता
Photo: UB India News Archive

मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में साल 2024-25 के लिए 24 डिपार्टमेंटल पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी का गुरुवार देर रात गठन किया गया। हर समिति में राज्यसभा और लोकसभा दोनों के सदस्य शामिल हैं।

कांग्रेस ने केंद्र सरकार से 6 स्टैंडिंग कमेटी की अध्यक्षता की मांगी थी, लेकिन उसे चार प्रमुख पैनलों की अध्यक्षता दी गई है। इसमें विदेश, शिक्षा, कृषि, ग्रामीण मामलों की समिति शामिल हैं।

राहुल गांधी को रक्षा मामलों की समिति का सदस्य बनाया गया है। सोनिया गांधी का नाम किसी भी समिति में नहीं है।

बीजेपी 11 समितियों की अध्यक्षता करेगी। TMC और DMK के खाते में 2 -2 समितियों की अध्यक्षता आई है। JDU, TDP, SP, शिवसेना (एकनाथ), NCP (अजित) को एक-एक समिति की अध्यक्षता दी गई है।

हर डिपार्टमेंटल पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी में 31 मेंबर्स होते हैं, जिसमें से 21 लोकसभा से और 10 राज्यसभा से चुने जाते हैं। इन सभी कमेटी का कार्यकाल एक साल से ज्यादा नहीं होता है।

24 विभागों की पार्लियामेंट्री कमेटी

सांसद समिति का नाम
1 भाजपा सांसद राधा मोहन सिंह (अध्यक्ष)
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (सदस्य)
रक्षा मामलों की समिति
2 कांग्रेस सांसद शशि थरूर (अध्यक्ष)

भाजपा सांसद अरुण गोविल (सदस्य)

असदुद्दीन ओवैसी (सदस्य)

विदेश मामलों की समिति
3 कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी समिति
4 कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी कृषि, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण संबंधी समिति
5 सपा सांसद रामगोपाल यादव स्वास्थ्य और परिवार कल्याण समिति
6 भाजपा सांसद निशिकांत दुबे (अध्यक्ष)

सदस्य
सपा सांसद जया बच्चन
शिवसेना (UBT) प्रियंका चतुर्वेदी
बीजेडी सांसद सुष्मित पात्रा
कांग्रेस सांसद केटीएस तुलसी
भाजपा सांसद अनिल बलूनी
भाजपा सांसद कंगना रनौत
भाजपा सांसद पूनम मादम
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा

संचार और सूचना प्रौद्योगिकी समिति
7 कांग्रेस सांसद सप्तगिरि शंकर उलाका ग्रामीण और पंचायती राज
8 भाजपा सांसद भर्तृहरि महताब वित्त संबंधी समिति
9 बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर कोयला, खदान और इस्पात समिति
10 भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी जल संसाधन समिति
11 डीएमके सांसद तिरुचि शिवा उद्योग संबंधी समिति
12 भाजपा सांसद डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल गृह मामलों की समिति
13 टीएमसी सांसद डोला सेन वाणिज्य संबंधी समिति
14 भाजपा सांसद सी एम रमेश रेल मामलों की समिति
15 एनसीपी (अजित) सांसद सुनील तटकरे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस
16 टीडीपी सांसद मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी आवास और शहरी मामलों
17 शिवसेना (एकनाथ) सांसद श्रीरंग अप्पा चंदू बारने ऊर्जा संबंधी समिति
18 टीडीपी सांसद मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी आवास और शहरी मामलों की समिति
19 भाजपा सांसद भुवनेश्वर कालिता विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण समिति
20 जेडी(यू) सांसद संजय झा परिवहन, पर्यटन और संस्कृति समिति
21 भाजपा सांसद बसवराज बोम्मई जलवायु परिवर्तन तथा श्रम संबंधी समिति
22 भाजपा सांसद पीसी मोहन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता संबंधी समिति
23 भाजपा सांसद ब्रिज लाल कार्मिक, लोक शिकायत, विधि एवं न्याय समिति
24 डीएमके सांसद के.कनिमोझी उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण समिति

सरकार की पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी से जुड़े सवाल-जवाब…

सवाल: सरकार की कुल कितनी डिपार्टमेंटल पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी हैं? जवाब: भारत सरकार के सभी मंत्रालयों/विभागों से जुड़ी कुल 24 डिपार्टमेंटल पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी हैं। ये कमेटी दो प्रकार की होती हैं – पहली- स्टैंडिंग कमेटी, दूसरी- एड हॉक कमेटी। एड हॉक कमेटी को कुछ विशेष कामकाज के लिए बनाया जाता है। एक बार जब वो काम पूरा हो जाता है तो कमेटी खत्म कर दी जाती है।

सवाल: क्या लोकसभा-राज्यसभा में अलग-अलग कमेटी होती है? जवाब: कुल 24 पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी को दो हिस्सों में बांटा गया है। 16 कमेटी लोकसभा में आती हैं, वहीं 8 कमेटी राज्यसभा के अंतर्गत संचालित होती हैं।

सवाल: इन कमेटी में कितने मेंबर होते हैं? जवाब: इनमें से हर कमेटी में 31 मेंबर्स होते हैं, जिसमें से 21 लोकसभा से और 10 राज्यसभा से चुने जाते हैं। इन सभी कमेटी का कार्यकाल एक साल से अधिक नहीं होता है।

सवाल: कमेटी में सदस्यों का चयन कौन करता है? जवाब: स्टैंडिंग कमेटी के सदस्यों को, जिन्हें सांसदों के पैनल के रूप में भी जाना जाता है। इन्हें सदन के अध्यक्ष की तरफ से नॉमिनेट किया जाता है। ये अध्यक्ष के निर्देश के अनुसार काम करते हैं।

सवाल: कमेटी का कार्यकाल कितना होता है? जवाब: संसद में कुल 50 संसदीय कमेटी होती हैं। इनमें 3 फाइनेंशियल कमेटीज, 24 डिपार्टमेंटल कमेटीज, 10 स्टैडिंग कमेटीज और 3 एडहॉक कमेटीज का कार्यकाल 1 साल का होता है। 4 एडहॉक कमेटीज और 1 स्टैडिंग कमेटी का कार्यकाल 5 साल का होता है। वहीं, 5 अन्य स्टैडिंग कमेटीज का कार्यकाल फिक्स नहीं होता।

सवाल: पार्लियामेंट्री कमेटी का क्या काम होता है? जवाब: हर विभाग की कमेटी अलग होती है। उससे जुड़े मामलों में गड़बड़ी की जांच करना, नए सुझाव देना, नए नियम-कानून का ड्रॉफ्ट तैयार करना इन कमेटी का मुख्य काम है।

उदाहरण: कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल संसद की पब्लिक अकाउंट कमेटी (PAC) की अध्यक्षता करते हैं। यह कमेटी हाल में चर्चा में आई थी। खबर थी कि PAC सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) चीफ माधबी पुरी बुच पर लगे आरोपों की जांच कर सकती है। PAC इस मामले में वित्त और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालयों के अधिकारियों से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। इस मामले में जांच के लिए बुच को सितंबर के अंत तक PAC के सामने पेश होने के लिए बुलाया जा सकता है।

सवाल: पार्लियामेंट्री कमेटी को ये अधिकार कहां से मिले? जवाब: पॉर्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी में शामिल सांसदों (कमेटी सदस्य) को संविधान के तहत दो अधिकार मिलते हैं। पहला आर्टिकल 105 – यह सांसदों को किसी कामकाज में दखल देने का विशेष अधिकार देता है। जिसके तहत वे कमेटी में अपनी राय और सुझाव देते हैं। दूसरा आर्टिकल 118- यह संसद के कामकाज में नियम-कानून बनाने का अधिकार देता है।

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