बिहार में बाढ़ का तांडव, हजारों लोग बेघर, क्यों हर साल आती है त्रासदी

अगर इन दिनों आप बिहार घूमने जाएंगे तो आपको गांवों में पानी और सड़कों पर परिवार नजर आएगा, जो पटरियों पर तिरपाल लगाकर अपने लोगों के साथ रह रहे होंगे और ये तस्वीर हर साल आती है. क्योंकि बाढ़ हर साल आती है, जिसके चलते लाखों लोग बेघर होते हैं और खानाबदोश की तरह जिंदगी […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
गुरुवार, 3 अक्टूबर 2024, 06:42 AM 5 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
बिहार में बाढ़ का तांडव, हजारों लोग बेघर, क्यों हर साल आती है त्रासदी
Photo: UB India News Archive

अगर इन दिनों आप बिहार घूमने जाएंगे तो आपको गांवों में पानी और सड़कों पर परिवार नजर आएगा, जो पटरियों पर तिरपाल लगाकर अपने लोगों के साथ रह रहे होंगे और ये तस्वीर हर साल आती है. क्योंकि बाढ़ हर साल आती है, जिसके चलते लाखों लोग बेघर होते हैं और खानाबदोश की तरह जिंदगी जी रहे होते हैं. हर साल आने वाला बाढ़ कुछ ना कुछ लेकर जरूर जाता है और अपने पीछे छोड़ जाता है निराशा और दुख. दुख इस बात की कि कुछ परिवार अपनों को खो देते हैं तो कुछ परिवार अपने आशियाने को. लेकिन घबराना क्यों है, ये तो हर साल की बात है. बिहार में बाढ़ की समस्या कोई साल, दो साल या पांच साल से नहीं है, बल्कि वर्षों से है. हर साल बाढ़ आती है और लोग अपना घर छोड़कर किसी अस्थाई जगह पर आशियाना बनाते हैं और जैसे-तैसे गुजर-बसर करते हैं. हेलिकॉप्टरों के जरिए आसमान से जरूरतों के सामान गिराए जाते हैं. इस तरह की दयनीय जिंदगी जीने के लिए लाखों लोग हर साल मजबूर होते हैं. लेकिन इसका उपाय सरकार ढूंढ नहीं पा रही है. इनके इस तरह की जीवन पर यह बात बिल्कुल सटीक बैठती है कि ये जख्म पुराना है, तुम दवा अब नयी दो…

हर साल बाढ़ से करना पड़ता है दो-दो हाथ
बिहार में हर साल बाढ़ आती है, हर साल मुख्यमंत्री हेलिकॉप्टर से हवाई सर्वे करते हैं और फिर समस्या जस की तस बनी रहती है. बिहार के लोगों पर प्राकृतिक रूप से दोहरी मार है. पहले भारी बारिश के चलते आसपास की नदियां भर जाती हैं तो बाढ़ आता है या फिर नेपाल से पानी छोड़ा जाता है तो बाढ़ आता है. इन दोनों परिस्थितियों में गरीबों को बेघर होना पड़ता है और एक खानाबदोश जिंदगी जीनी पड़ती है. ऐसा नहीं है कि बिहार के लिए केंद्र की तरफ से राहत पैकेज नहीं मिलता है. हाल ही में मोदी सरकार ने बिहार को 656 करोड़ रुपये का बाढ़ राहत पैकेज दिया है. लेकिन हम और आप उन अधिकारियों से क्या ही उम्मीद कर सकते हैं, जो खेतों के बीचोबीच पुल बनाकर छोड़ देते हैं या फिर करोड़ों की लागत से पुल तैयार करते हैं और वो भरभराकर गिर जाते हैं.

BIHAR BADH

इन नदियों के चलते आता है बाढ़
सीतामढ़ी, दरभंगा, सुपौल, सहरसा, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार और मुजफ्फरपुर हर साल बाढ़ की त्रासदी को झेलता है. गंडक, कोसी, बागमती और महानंदा सहित अन्य नदियों में जैसे ही जलस्तर बढ़ता है. वैसे ही इलाकों में बाढ़ का संकट गहराने लगता है. पूर्णिया में बाढ़ के कहर से करीब 40 पंचायत के एक लाख से अधिक लोग परेशान हैं. खासकर अमौर प्रखंड और रुपौली प्रखंड में बाढ़ की विभीषिका अभी भी देखने को मिल रही है. एक तरफ जहां महानंदा और कनकई नदी का जलस्तर घटा है तो वही परमान और बकरा नदी का जलस्तर बढ़ गया है. जिस कारण अमौर प्रखंड के 30 पंचायत में और कोसी नदी से रुपौली प्रखंड के 10 पंचायतो में बाढ़ भयावह रूप ले चुकी है.

BIHAR BADH

बाढ़ के चलते चूल्हा तक हो गया ठप
अमौर के बिशनपुर , बरबट्टा , अधांग, तियरपाडा, पोठिया गंगेली , पठान टोली , नगरा टोला समेत कई पंचायतो में लोगों के घरों में पानी है. बिशनपुर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि विवेकानंद झा समेत दर्जनों बाढ़ पीड़ितों ने कहा कि बाढ़ से लोग बेहाल हैं. लोग घर में चौकी पर चौकी डालकर या ऊंचे स्थलों पर अपने बच्चों और बुजुर्गों को लेकर शरण लिए हुए हैं. चूल्हा में पानी घुस जाने के कारण चूल्हा चौका ठप है.

BIHAR BADH

शिवहर जिले में भी हाहाकार

शिवहर जिले के तरियानी छपरा में बागमती नदी पर बना तटबंध टूटने से पूरे तरियानी छपरा के सभी 16 वार्ड में पानी से हाहाकार मचा हुआ है. लोग को काफ़ी परेशानी उत्पन्न हो गई है. अधिकाश लोग बागमती नदी के तटबंध पर पॉलीथी न में रहने के मजबूर है एक ही पॉलीथीन मे बच्चे, जानवर और आदमी रहने को मजबूर है, खासकर छोटे बच्चे की हालात काफी खराब है. वहीं पूर्व विधायक सुनीता सिंह चौहान और जेडीयू के प्रदेश महासचिव राणा रंधीर सिंह चौहान पीड़ितो के बिच राहत सामग्री का वितरण किया.

BIHAR BADH

सीतामढ़ी में बाढ़ से आई त्रासदी
सीतामढ़ी में बाढ़ से आई त्रासदी के बाद 2 प्रखंडों की बड़ी आबादी पूरी तरह प्रभावित है. हजारों परिवार विस्थापित हो गए. इन सब के बीच जिला प्रशासन अब पूरी तरह ऐक्शन मोड में दिखाई दे रहा है. सीतामढ़ी डीएम रिची पांडे प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और बाढ़ पीड़ितों से रूबरू होते हुए हालात की जानकारी ली. जिला प्रशासन की ओर से सीतामढ़ी के बाढ़ प्रभावित इलाकों में कुल 29 जगहों पर कम्युनिटी किचन चलाया जा रहा है. वहीं बाढ़ से दो प्रखंड के कुल 36 पंचायत प्रभावित है.

शेखपुरा में संकट गहराया

शेखपुरा जिले के घाट कुसुंभा प्रखंड अंतर्गत हरूहर नदी में पानी कम हो रहा है. लेकिन प्रभावित लोगो की मुसीबत कमने का नाम ले रहा है. नदी की पानी से एक हजार से भी ज्यादा एकड़ खेत में लगा धान बर्बाद होने लगा है. हालांकि जिला प्रशासन द्वारा फसल क्षतिपूर्ति मुआवजा को लेकर सर्वे किया जा रहा है. लेकिन टाल क्षेत्र का किसान ज्यादा कर पट्टा पर खेती करते हैं, जिनके पास खेत का कोई कागजात नही है,जिसके कारण लाभ नहीं मिलने की चिंता किसान को सता रही है.

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू
खास खबर

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू

राष्ट्रपति ट्रंप ने सबसे बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान का खार्ग द्वीप पूरी तबाह कर दिया गया है. हालांकि अभी ईरान ने इसकी पुष्टि नहीं की है. ट्रंप ने हमले की एआई वीडियो भी जारी की है.

UB India News31 अग॰
युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत
खास खबर

युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत

सोमवार यानी 31 अगस्त को देश के जीडीपी के आंकड़े आने वाले हैं. उम्मीद की जा रही है कि देश की रफ्तार 7% से ज्यादा रह सकती है. वैसे मिडिल ईस्ट वॉर, महंगाई के अलावा फैक्टर्स चुनौतियां बनी हुई हैं. लोन ग्रोथ और कॉरेपोरेट इनकम देश की ग्रोथ को सहारा दे सकते हैं. क्या चुनौतियों के बाद भी देश की इकोनॉमिक ग्रोथ 7% रह सकती है?

UB India News31 अग॰
नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…
खास खबर

नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…

पाल-तिब्बत सीमा के पास भोटेकोशी नदी में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने दोनों ही देशों के इलाकों में भीषण तबाही मचाई है। इस बाढ़ में अब तक 804 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3000 से ज्यादा अब भी लापता हैं। नेपाल-तिब्बत में विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

UB India News31 अग॰
ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा
खास खबर

ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन के बीच बिश्केक में मुलाकात होने वाली है. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद ये पहली बार होगा, जब दोनों देशों के नेता आमने-सामने मिलने वाले हैं. ऐसे में पूरी दुनिया की नजर इस द्विपक्षीय वार्ता पर होगी.

UB India News31 अग॰
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰