बिहार के उपभोक्ताओं को लगेगा बिजली का झटका या फिर मिलेगी राहत ?

बिहार के उपभोक्ताओं को फिर बिजली का झटका लगने वाला है, या फिर राहत मिलेगी? ऐसा सवाल सवाल इसलिए पूछा जा रहा है कि बिहार की बिजली कंपनियों ने जो तैयारी शुरू कर दी है इसका सीधा असर आम बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ने जा रहा है. बिहार में दिन के समय सस्ती बिजली और शाम […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
रविवार, 6 अक्टूबर 2024, 06:36 AM 3 मिनट read
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बिहार के उपभोक्ताओं को लगेगा बिजली का झटका या फिर मिलेगी राहत ?
Photo: UB India News Archive

बिहार के उपभोक्ताओं को फिर बिजली का झटका लगने वाला है, या फिर राहत मिलेगी? ऐसा सवाल सवाल इसलिए पूछा जा रहा है कि बिहार की बिजली कंपनियों ने जो तैयारी शुरू कर दी है इसका सीधा असर आम बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ने जा रहा है. बिहार में दिन के समय सस्ती बिजली और शाम में महंगी बिजली मिलेगी. बिजली कंपनियों की ओर से कहा जा रहा है कि वर्तमान समय में औद्योगिक इकाईयों को टाइम ऑफ डे टैरिफ यानी टीओडी की सुविधा मिल रही है इसलिए अब यह राज्य के घरेलू उपभोक्ताओं को भी देने पर विचार किया जा रहा है.

जानकारी यह भी है कि नवंबर में बिहार विद्युत विनियामक आयोग (Bihar Electricity Regulatory Commission) को दिए जाने वाली टैरिफ प्रस्ताव में इसको शामिल किया जा सकता है. अगर विनिमायक आयोग अनुमति दे देता है तो यह सिस्टम लागू हो जाएगा. बताया यह भी जा रहा है कि इसके लिए उपभोक्ताओं को विकल्प भी दिया जा सकता है कि वह इस सिस्टम में आएं अथवा न भी आएं.

बिजली कंपनी केअधिकारियों के मुताबिक, यह उपभोक्ताओं के ऐच्छिक विकल्प के रूप में रह सकता है और जो उपभोक्ता इस मोड में आना चाहेंगे, उनको टीओडी का लाभ मिलेगा, और जो उपभोक्ता रूफटॉप सोलर लगाकर अपने छत पर ग्रिड कनेक्टेड बिजली उत्पादन करते हैं, वैसे उपभोक्ताओं को नेट मीटरिंग से पोस्ट पेड की सुविधा मिलेगी.

बता दें कि बिहार में कुल 2.7 करोड़ बिजली उपभोक्ता हैं, जिमें लगभग 50% ग्रामीण उपभोक्ता है वहीं, 33% अर्बन कंज्यूमर (शहरी उपभोक्ता) हैं. यह सुविधा उपभोक्ताओं को ऐच्छिक विकल्प के रूप में दी जाएगी. हालांकि, अभी यह व्यवस्था लागू होने में देर हो सकती है क्योंकि बिहार विद्युत विनियामक आयोग की अनुमति के बाद ही यह नई व्यवस्था लागू होगी.

मिली जानकारी के अनुसार, टीओडी टैरिफ लागू होने के बाद भी स्मार्ट प्रीपेड नहीं बदलना पड़ेगा. उपभोक्ता स्मार्ट प्रीपेड मीटर को सोलर प्लांट लगाने पर नेट मीटरिंग के रूप में उपभोक्ता उपयोग कर सकते हैं और फिर औसत बिजली बिल की समस्या समाप्त होगी. कहा दिन में जब सस्ती बिजली रहेगी तो उपभोक्ता अपना ज्यादातर काम करेंगे. बिजली कंपियनों का कहना है कि अभी यह व्यवस्था व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए लागू है, लेकिन आम उपभोक्ताओं के लिए भी लागू होगी तो उन्हें भी फायदा मिलना शुरू होगा.

दरअसल, इसके पीछे एक वजह भी है क्योंकि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से सोलर पावर प्लांट लगाने की पहल की जा रही है. इसकी बिजली सस्ती है और इस कारण उपभोक्ताओं को ग्रीन एनर्जी सस्ती उपलब्ध होगी. रात में थर्मल पावर प्लांट की बिजली मिलेगी क्योंकि यह बिजली कोयला खपत होने के कारण महंगी है.

टाइम ऑफ डे टैरिफ यानी टीओडी की व्यवस्था के तहत सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक 20 प्रतिशत कम दर पर बिजली मिलने की बात कही जा रही है. वहीं, शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक 20 प्रतिशत ज्यादा दर पर बिजली मिलेगी. रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक सामान्य दर पर बिजली आपूर्ति होगी. बता दें कि नवंबर में विद्युत विनियामक आयोग को प्रस्ताव सौंपने की तैयारी है और अनुमति मिलने के बाद यह व्यवस्था लागू हो सकती है.

 

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