देश के सबसे बड़े आईपीओ की फुस्स लिस्टिंग ,बाजार में लिस्ट होते ही डूबने लगे शेयर

भारत का सबसे बड़ा आईपीओ आज शेयर बाजार में लिस्ट हो गया। जी हां, आईपीओ के जरिए 27,870.16 करोड़ रुपये जुटाने वाली हुंडई मोटर इंडिया आज भारतीय शेयर बाजार में लिस्ट हो गई। बीएसई पर हुंडई मोटर इंडिया के शेयर 29 रुपये प्रति शेयर के नुकसान के साथ 1931 रुपये के भाव पर लिस्ट हुए। […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
मंगलवार, 22 अक्टूबर 2024, 05:18 AM 3 मिनट read
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देश के सबसे बड़े आईपीओ की फुस्स लिस्टिंग ,बाजार में लिस्ट होते ही डूबने लगे शेयर
Photo: UB India News Archive

भारत का सबसे बड़ा आईपीओ आज शेयर बाजार में लिस्ट हो गया। जी हां, आईपीओ के जरिए 27,870.16 करोड़ रुपये जुटाने वाली हुंडई मोटर इंडिया आज भारतीय शेयर बाजार में लिस्ट हो गई। बीएसई पर हुंडई मोटर इंडिया के शेयर 29 रुपये प्रति शेयर के नुकसान के साथ 1931 रुपये के भाव पर लिस्ट हुए। जबकि निवेशकों ने आईपीओ में कंपनी के एक शेयरों के लिए 1960 रुपये दिए थे। वहीं दूसरी ओर, एनएसई पर कंपनी के शेयर 26 रुपये के घाटे के साथ 1934 रुपये के भाव पर लिस्ट हुए।

1875 रुपये पर पहुंचा शेयर का भाव

निवेशकों को लिस्टिंग में झटका देने के बाद हुंडई मोटर इंडिया के शेयरों का भाव यहीं नहीं रुका और इसमें लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। खबर लिखे जाने तक सुबह 10.17 बजे हुंडई मोटर इंडिया के शेयर बीएसई पर अपने लिस्टिंग प्राइस से 2.90 प्रतिशत (56.00 रुपये) और अपने इश्यू प्राइस से 4.34 प्रतिशत (85.00 रुपये) के नुकसान के साथ 1875 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहे थे। बताते चलें कि हुंडई मोटर इंडिया का आईपीओ 15 अक्टूबर को खुला था और 17 अक्टूबर को बंद हुआ था। कंपनी के आईपीओ को निवेशकों का बहुत फीका रिस्पॉन्स मिला था।

आईपीओ को रिटेल निवेशकों ने नहीं मिला था अच्छा रिस्पॉन्स

शुरुआती दो दिनों में हुंडई मोटर इंडिया के आईपीओ को सिर्फ 0.42 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन ही मिला था। हालांकि, तीसरे दिन बड़े निवेशकों ने इस आईपीओ के लिए जमकर बिड किया और अंत में हुंडई मोटर इंडिया के आईपीओ को कुल 2.37 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। लेकिन चिंता की सबसे बड़ी बात ये रही कि रिटेल निवेशक हुंडई मोटर इंडिया के आईपीओ से पर्याप्त दूरी बनाकर रखे। इस आईपीओ के लिए सबसे ज्यादा बोलियां QIB कैटेगरी से आईं। अगर QIB कैटेगरी के निवेशक भी इस आईपीओ में पैसा नहीं लगाते तो ये आईपीओ शायद देश के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ होने के साथ-साथ सबसे फ्लॉप आईपीओ भी बन जाता।

ग्रे मार्केट में क्या थी स्थिति?

इस आईपीओ को ग्रे मार्केट में शुरू से ही अच्छा भाव नहीं मिला था। जिस दिन इसका आईपीओ खुलने से पहले इसका जीएमपी 45 रुपये तक आ गया था। वहीं जिस दिन आईपीओ खुला था, उस दिन जीएमपी बढ़कर 63 रुपये था। हालांकि इसके बाद इसमें लगातार गिरावट आती रही। जिस दिन आईपीओ बंद हुआ था, उस दिन यह ग्रे मार्केट में घाटे में था। आज लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में इसका जीएमपी 48 रुपये था। यानी इसके 2.45 फीसदी प्रीमियम पर लिस्ट होने की उम्मीद थी।

इन्होंने दिखाया था सबसे ज्यादा उत्साह

इस IPO को लेकर सबसे ज्‍यादा उत्साह क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) में दिखा था। इस श्रेणी में उपलब्ध शेयरों के मुकाबले 6.97 गुना ज्‍यादा बोलियां लगीं। वहीं, रिटेल निवेशकों ने 0.50 गुना बोलियां लगाईं। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) ने अपने लिए आरक्षित 2,12,12,445 शेयरों के मुकाबले लगभग 86,72,251 शेयरों के लिए बोली लगाई, जो 0.6 गुना था।

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