जेडीयू की रथ पॉलिटिक्स के क्या है मायने…………..

चुनावी साल 2025 को लेकर सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने अपनी तैयारी तेज कर दी है. जेडीयू अपने वोट बैंक को मजबूत करने के लिए खास रथ का सहारा ले रही है. दरअसल जदयू ने अलग-अलग रथ बनवाए हैं. इन रथों के माध्यम जेडीयू पार्टी को मजबूत करने के साथ-साथ अपने कोर वोटरों […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
गुरुवार, 26 दिसंबर 2024, 06:01 AM 4 मिनट read
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जेडीयू की रथ पॉलिटिक्स के क्या है मायने…………..
Photo: UB India News Archive

चुनावी साल 2025 को लेकर सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने अपनी तैयारी तेज कर दी है. जेडीयू अपने वोट बैंक को मजबूत करने के लिए खास रथ का सहारा ले रही है. दरअसल जदयू ने अलग-अलग रथ बनवाए हैं. इन रथों के माध्यम जेडीयू पार्टी को मजबूत करने के साथ-साथ अपने कोर वोटरों को साधने में जुट जाएगी. सीएम नीतीश कुमार की इस रणनीति का फायदा आगामी विधानसभा चुनाव में न सिर्फ उनकी पार्टी को मिलेगा बल्कि चुनावी मैदान में एनडीए की सहयोगी पार्टियों को भी इसका खूब लाभ मिलेगा.

दरअसल हाल के दिनों राष्ट्रीय पार्टियों के साथ-साथ बिहार के राजनीतिक दलों के बीच भी हिंदू-मुस्लिम और आंबेडकर के मुद्दे की चर्चा तेजी से हो रही है. ऐसे में तमाम राजनीतिक दलों के बीच इस बात को लेकर चर्चा तेज है कि चुनावी साल में कौन सी पार्टी अपने वोट बैंक को मजबूत करने में जुटी है.  इसी क्रम में जेडीयू की रथ को लेकर भी सियासी गलियारे में चर्चा तेज है.

JDU ने अति पिछड़ा वोट बैंक को साधने के लिए कर्पूरी रथ निकाल पार्टी के अति पिछड़ा वोट बैंक को साधने के लिए कमर कस ली है. वहीं जेडीयू ने महिला वोटरों को लुभाने के लिए महिला विंग को मैदान में उतारा है. जेडीयू की महिला विंग रथ के माध्यम से पूरे बिहार में घूम-घूमकर महिलाओं को बताएंगी सीएम नीतीश कुमार ने उनलोगों के लिए क्या क्या किया है. वहीं इसी बीच जेडीयू ने दलित और मुस्लिम वोट बैंक को भी साधने के लिए एक अन्य रथ को रवाना कर दिया है. इसे एक तरह से जेडीयू की बड़ी रणनीति मानी जा रही है. वहीं इसके साथ ही जेडीयू अंबेडकर रथ और अल्पसंख्यक विकास रथ भी निकाल रही है, जिसे पार्टी की बड़ी रणनीति मानी जा रही है.

बिहार के वरिष्ठ पत्रकार अरुण पांडे कहते हैं कि जेडीयू रथ की राजनीति कर एक तीर से दो शिकार करना चाहती है. वह भी तब जब बाबा साहब को लेकर अमित शाह के दिए बयान के बहाने इंडिया गठबंधन के नेता लगातार एनडीए पर निशाना साध हैं. वहीं अब बीजेपी भी इंडिया गठबंधन पर निशाना साध रही है. लेकिन नीतीश कुमार की पार्टी रथ के बहाने बिहार की जनता को ये बताने की कोशिश में लग गई है कि नीतीश कुमार बाबा साहब के सच्चे अनुयायी हैं और बिहार में नीतीश कुमार की सरकार है , इससे जेडीयू को उम्मीद है की विरोधी एनडीए को नुकसान ना पहुंचा सकेंगे और बीजेपी सहित एनडीए के तमाम सहयोगियों को नीतीश कुमार के चेहरे का फायदा मिल सके.

जेडीयू के तरफ से अंबेडकर रथ और अल्पसंख्यक विकास रथ को रवाना करने के समय जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा मंत्री अशोक चौधरी और मंत्री रत्नेश सदा मौजूद थे. इस मौके पर जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि रथ का  उद्देश्य  है कि हम सबों के नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 19 वर्षों का काम घर-घर और जन-जन तक ले जाया जाए ताकि न्याय के साथ विकास की रफ्तार को तेजी करने के लिए फिर से नीतीश कुमार को 2025 मुख्यमंत्री का बागडोर सौंपने के लिए फिर से सत्ता पर पहुंचाया जा सके. उन्होंने बताया कि सामाजिक सद्भाव का समानता को संदेश जन जन तक पहुंचना है इस उद्देश्य हम लोगों ने रथ को रवाना किया है.

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