कांग्रेस के पोस्टर में भारत का गलत नक्शा

कर्नाटक के बेलगावी में गुरुवार को कांग्रेस की वर्किंग कमेटी की बैठक होनी है। मीटिंग से पहले कार्यकर्ताओं ने बेलगावी में पोस्टर लगाए। जिसमें भारत का गलत नक्शा दिखाया जा रहा है। बीजेपी के आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने सोशल मीडिया X पर गलत नक्शे की तस्वीर पोस्ट की और लिखा कि, कांग्रेस […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
गुरुवार, 26 दिसंबर 2024, 06:48 AM 4 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
कांग्रेस के पोस्टर में भारत का गलत नक्शा
Photo: UB India News Archive

कर्नाटक के बेलगावी में गुरुवार को कांग्रेस की वर्किंग कमेटी की बैठक होनी है। मीटिंग से पहले कार्यकर्ताओं ने बेलगावी में पोस्टर लगाए। जिसमें भारत का गलत नक्शा दिखाया जा रहा है।

बीजेपी के आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने सोशल मीडिया X पर गलत नक्शे की तस्वीर पोस्ट की और लिखा कि, कांग्रेस ने अपने सभी होर्डिंग्स पर भारत का बिगड़ा हुआ नक्शा लगाया है, साथ ही सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा सहित अन्य की तस्वीरें भी लगाई हैं, जिसमें कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा दिखाया गया है।

आज से कांग्रेस का दो दिवसीय अधिवेशन, पार्टी ‘नव सत्याग्रह’ शुरू करेगी बेलगावी में 26 दिसंबर से कांग्रेस का दो दिन चलने वाला अधिवेशन शुरू हो रहा है। ये अधिवेशन 1924 में हुए कांग्रेस के 39वें अधिवेशन के 100 साल पूरे होने के मौके पर रखा गया है।

26 और 27 दिसंबर 1924 को बेलगावी में ही कांग्रेस का दो दिवसीय अधिवेशन हुआ था। यह पहला और आखिरी अधिवेशन था जिसकी अध्यक्षता महात्मा गांधी ने की थी। इसी अधिवेशन में उन्हें पार्टी अध्यक्ष भी चुना गया था।

अधिवेशन में क्या-क्या होगा…

26 दिसंबर: पहला दिन

  • दोपहर 2:30 बजे कांग्रेस वर्किंग कमिटी (CWC) की बैठक होगी। इसमें अगले साल के लिए कांग्रेस की कार्य योजना और कार्यक्रम पर चर्चा की जाएगी और दो प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। बैठक में भाजपा सरकार के तहत देश को जिन बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, उन पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी।
  • कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया भवन के परिसर में गांधीजी की कांस्य की नई प्रतिमा का उद्घाटन करेंगे।

27 दिसंबर: दूसरा दिन

  • CPED ग्राउंड में सुबह 11:30 बजे रैली आयोजित की जाएगी। इस रैली को ‘जय बापू-जय भीम-जय संविधान’ नाम दिया गया है।

1924 के बेलगावी अधिवेशन में दिग्गजों का हुआ था जमावड़ा

इंडियन नेशनल कांग्रेस के उस सेशन में ऐसी कई हस्तियां साथ आईं, जिन्होंने आजादी की लड़ाई को गति दी। इनमें महात्मा गांधी, मोतीलाल और जवाहरलाल नेहरू, लाला लाजपत राय, राजगोपालचारी, डा. एनी बेसेंट, सरोजिनी नायडू, चित्तरंजनदास, पंडित मदन मोहन मालवीय, सैफुद्दीन किचलु, अबुल कलाम आजाद, राजेन्द्र प्रसाद, वल्लभभाई पटेल शामिल थे।

1924 के बेलगावी अधिवेशन में महात्मा गांधी। यह पहला और आखिरी अधिवेशन था जिसकी अध्यक्षता महात्मा गांधी ने की थी।
1924 के बेलगावी अधिवेशन में महात्मा गांधी। यह पहला और आखिरी अधिवेशन था जिसकी अध्यक्षता महात्मा गांधी ने की थी।

अधिवेशन में हुए खर्च से नाराज हुए थे महात्मा गांधी

गांधीजी कांग्रेस अधिवेशन से छह दिन पहले बेलगावी पहुंच गए थे। वे चाहते थे कि आजादी की मांग करने वाले ‘स्वराज’ गुट और अंग्रेजी शासन के तहत यथास्थिति बनाए रखने के पक्ष वाले ‘नो-चेंज’ गुट के बीच एकता लाई जा सके।

गांधीजी के लिए खेमाजीराव गोडसे नाम के कार्यकर्ता ने 350 रुपए खर्च करके बांस और घास की छोटी सी कुटिया बनाई। इसे लेकर गांधीजी ने आपत्ति दर्ज कराई। उनका कहना था कि उनके जैसे साधारण इंसान के लिए इतने रुपए खर्च करना सही नहीं है।

इसके अलावा इस अधिवेशन के लिए तैयार विशाल शामियाना तैयार किया गया था। यह शामियाना सर्कस के तंबू जितना बड़ा था और इसे 5000 रुपए में किराए पर लिया गया था। साथ ही आग से बचाव के लिए 500 रुपए का बीमा भी किया गया था। गांधीजी ने इसके सजावट पर खर्च की गई रकम पर भी आपत्ति जताई थी। उन्होंने यह अनुरोध भी किया कि प्रतिनिधि शुल्क को 10 रुपए से घटाकर 1 रुपए कर दिया जाए, जिसे स्वीकार कर लिया गया।

इन सबके बावजूद, बेलगावी अधिवेशन से कांग्रेस को 773 रुपए का लाभ हुआ। इसमें से 745 रुपए पी.यू.सी.सी. बैंक में जमा किए गए, 25 रुपए खर्चों के लिए सचिव के पास रखे गए, और 1 रुपया कोषाध्यक्ष एन.वी. हेरेकर के पास छोटे-मोटे खर्चों के लिए रखा गया।

बेलगावी सेशन के दौरान महात्मा गांधी की तस्वीर।
बेलगावी सेशन के दौरान महात्मा गांधी की तस्वीर।

स्वतंत्रता संग्राम का अहम केंद्र था बेलगावी

देश के स्वतंत्रता संग्राम में बेलगावी महत्वपूर्ण केंद्र था। लोकमान्य तिलक ने 1916 में बेलगांव से ही अपना ‘होम रूल लीग‘ आंदोलन शुरू किया था। 1924 में बेलगावी के तिलकवाड़ी इलाके में विजयनगर नामक स्थान पर अधिवेशन हुआ था। अब कांग्रेस अधिवेशन के स्थल को प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बना दिया गया है। वहां एक कुआं बनाया गया था, जो आज भी अधिवेशन की गवाही के तौर पर मौजूद है।

बेलगांव में अधिवेशन की स्मृति में ‘वीरसौधा‘ स्मारक बनाया गया है। कैंपस में मौजूद कुएं को कांग्रेस कुएं के नाम से जाना जाता है।
बेलगांव में अधिवेशन की स्मृति में ‘वीरसौधा‘ स्मारक बनाया गया है। कैंपस में मौजूद कुएं को कांग्रेस कुएं के नाम से जाना जाता है।
UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू
खास खबर

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू

राष्ट्रपति ट्रंप ने सबसे बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान का खार्ग द्वीप पूरी तबाह कर दिया गया है. हालांकि अभी ईरान ने इसकी पुष्टि नहीं की है. ट्रंप ने हमले की एआई वीडियो भी जारी की है.

UB India News31 अग॰
युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत
खास खबर

युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत

सोमवार यानी 31 अगस्त को देश के जीडीपी के आंकड़े आने वाले हैं. उम्मीद की जा रही है कि देश की रफ्तार 7% से ज्यादा रह सकती है. वैसे मिडिल ईस्ट वॉर, महंगाई के अलावा फैक्टर्स चुनौतियां बनी हुई हैं. लोन ग्रोथ और कॉरेपोरेट इनकम देश की ग्रोथ को सहारा दे सकते हैं. क्या चुनौतियों के बाद भी देश की इकोनॉमिक ग्रोथ 7% रह सकती है?

UB India News31 अग॰
नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…
खास खबर

नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…

पाल-तिब्बत सीमा के पास भोटेकोशी नदी में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने दोनों ही देशों के इलाकों में भीषण तबाही मचाई है। इस बाढ़ में अब तक 804 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3000 से ज्यादा अब भी लापता हैं। नेपाल-तिब्बत में विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

UB India News31 अग॰
ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा
खास खबर

ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन के बीच बिश्केक में मुलाकात होने वाली है. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद ये पहली बार होगा, जब दोनों देशों के नेता आमने-सामने मिलने वाले हैं. ऐसे में पूरी दुनिया की नजर इस द्विपक्षीय वार्ता पर होगी.

UB India News31 अग॰
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰