कनाडा में 10 साल बाद ट्रूडो युग का अंत, जस्टिन ट्रूडो को क्यों करना पड़ा इस्तीफे का ऐलान?

जस्टिन ट्रूडो ने कनाडा के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है. अब ट्रूडो तब तक ही कार्यवाहक पीएम हैं, जब तक नए प्रधानमंत्री का चयन नहीं कर लिया जाता. वैसे तो ट्रूडो के इस्तीफे की कई वजहें बताई जा रही हैं, लेकिन इस्तीफे के पीछे ऐसे कई कारणों का जिक्र हो […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
मंगलवार, 7 जनवरी 2025, 05:25 AM 6 मिनट read
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कनाडा में 10 साल बाद ट्रूडो युग का अंत,  जस्टिन ट्रूडो को क्यों करना पड़ा इस्तीफे का ऐलान?
Photo: UB India News Archive

जस्टिन ट्रूडो ने कनाडा के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है. अब ट्रूडो तब तक ही कार्यवाहक पीएम हैं, जब तक नए प्रधानमंत्री का चयन नहीं कर लिया जाता. वैसे तो ट्रूडो के इस्तीफे की कई वजहें बताई जा रही हैं, लेकिन इस्तीफे के पीछे ऐसे कई कारणों का जिक्र हो रहा है, जिनका दबाव संभवता ट्रूडो झेल नहीं पा रहे थे. इसमें डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से लगातार की जा रही ट्रोलिंग से लेकर अपनों की बगावत तक सभी चीजों को शामिल किया जा रहा है.

ट्रंप की ट्रोलिंग से परेशान हो गए ट्रूडो!

अमेरिका की कमान संभालने जा रहे डोनाल्ड ट्रंप लगातार जस्टिन ट्रूडो को ट्रोल करते नजर आ रहे थे. अमेरिका का राष्ट्रपति चुनाव जितने के बाद ट्रंप ने ट्रूडो को अमेरिका के 51वें राज्य का गवर्नर कहकर संबोधित किया था. ट्रंप के बयान का सीधा मतलब था कि वह कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य मानते हैं. इतना ही नहीं जब ट्रूडो अमेरिका में ट्रंप से मिलने पहुंचे तो ट्रंप ने मुलाकात की फोटो शेयर की थी और इसमें भी ट्रूडो को ‘अमेरिकी राज्य कनाडा’ का गवर्नर बताया था. ट्रंप के बयानों से कनाडा के अंदर ट्रूडो की बड़ी फजीहत हो रही थी. इसके अलावा ट्रंप ने कनाडा पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी भी दी थी.

अपनी ही पार्टी के नेता हो गए बागी

जस्टिन ट्रूडो की नीतियों ने उनकी अपनी पार्टी के नेताओं को ही बगावत करने पर मजबूर कर दिया. 2024 के अंतिम महीनों में ट्रूडो के मंत्रिमंडल में इस्तीफों की लहर छा गई. 19 सितंबर 2024 को परिवहन मंत्री पाब्लो रोड्रिग्ज ने इस्तीफा दे दिया. 20 नवंबर 2024 को अल्बर्टा के सांसद रैंडी बोइसोनॉल्ट ने इस्तीफा दिया. 15 दिसंबर 2024 को आवास मंत्री सीन फ्रेजर ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए अगले फेरबदल में कैबिनेट छोड़ने के अपने इरादे की घोषणा की. हद तो तब हो गई, जब 16 दिसंबर 2024 को क्रिस्टिया फ्रीलैंड ने उप प्रधान मंत्री और वित्त मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया. एक के बाद एक लगी इस्तीफों की झड़ी ने भी ट्रूडो पर दबाब बना दिया.

बढ़ती महंगाई, फेल हुई अर्थव्यवस्था

कनाडा में एक तरफ लगातार महंगाई बढ़ रही है तो वहीं दूसरी तरफ बेरोजगारी भी तेजी से पैर पसार रही है. ट्रूडो की लिबरल पार्टी के खिलाफ कंजरवेटिव पार्टी ने इसे बड़ा मुद्दा बनाया. कनाडा में कोविड के बाद बेरोजगारी दर लगभग 6.5 फीसदी तक पहुंच गई. कनाडा में घरों की कीमत लगातार बढ़ती जा रही है, जिसने आम लोगों को ट्रूडो के खिलाफ खड़ा कर दिया है. पिछले साल दिसंबर महीने में लिबरल पार्टी में भी ट्रूडो के खिलाफ विद्रोह जैसी स्थिति देखते को मिली थी. लिबरल पार्टी के 51 सांसदों ने एक मीटिंग में सहमति जताई और कहा कि अब ट्रूडो को अपना पद छोड़ देना चाहिए.

बिगड़ते गए कनाडा के अंतरराष्ट्रीय संबंध

जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल में कनाडा के अंतरराष्ट्रीय संबंध कई देशों के साथ बिगड़ते चले गए. एक तरफ उन्होंने भारत को निशाना बनाना शुरू कर दिया तो वहीं दूसरी तरफ इजरायल और नेतन्याहू को लेकर भी बयानबाजी करते रहे. कनाडा में खालिस्तानी आतंकी निज्जर की हत्या का दोष ट्रूडो ने सीधे तौर पर भारत की जांच एजेंसियों पर मढ़ना शुरू कर दिया. वहीं, ट्रूडो ने खुलेआम यह ऐलान कर दिया कि अगर नेतन्याहू उनके देश में आते हैं तो वह अंतरराष्ट्रीय आपराधिक कोर्ट (ICC) के वारंट का पालन करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लेंगे. नेतन्याहू पर ट्रूडो के इस बयान से अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम बौखला गए और उन्होंने ट्रूडो को धमकी दे डाली कि अगर कनाडा ने ऐसा किया तो अमेरिका उनकी पूरी अर्थव्यवस्था को तबाह कर देगा.

जल्द ही अमेरिका का 51वां राज्य बनेगा कनाडा? डोनाल्ड ट्रंप के ऑफर ने मचा दी है हलचल

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के इस्तीफे के कुछ ही घंटों बाद अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बयान देकर पूरी दुनिया में हलचल मचा दी। ट्रंप ने ट्रूडो के इस्तीफे के बाद सोमवार को कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की अपनी पेशकश को एक बार फिर दोहरा दिया। 53 साल के ट्रूडो ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। उनको यह कदम इसलिए उठाना पड़ा क्योंकि उनकी बढ़ती अलोकप्रियता के बीच उनकी सत्तारूढ़ लिबरल पार्टी ने उन पर दबाव डालना शुरू कर दिया था।

ट्रुडो से मुलाकात के बाद कही थी ये बात

बता दें कि कनाडा में इस साल आम चुनाव होने हैं। ट्रूडो ने कहा कि जब तक पार्टी नया नेता नहीं चुन लेती, तब तक वह प्रधानमंत्री पद पर बने रहेंगे। इससे पहले 2017 से 2021 तक अमेरिका का राष्ट्रपति रहने के दौरान 78 वर्षीय ट्रंप और ट्रूडो के बीच रिश्ते कभी भी सामान्य नहीं रहे। बीते साल 5 नवंबर को चुनावी जीत मिलने के बाद ट्रंप ने अपने आवास मार-ए-लागो में ट्रूडो से मिलने के बाद से ही कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात कह रहे हैं। उसके बाद से उन्होंने कई बार अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर इसका जिक्र किया है जिससे पता चलता है कि वह जल्द से जल्द ऐसा करना चाहते हैं।

ट्रुडो को पता था, इसलिए इस्तीफा दिया’

Truth सोशल पर ट्रंप ने कहा, ‘कनाडा में बहुत से लोग 51वां राज्य बनना पसंद करेंगे। अमेरिका अब बड़े पैमाने पर व्यापार घाटा और सब्सिडी बर्दाश्त नहीं कर पाएगा, जबकि कनाडा को इसकी सख्त जरूरत है। जस्टिन ट्रूडो को यह बात पता थी, इसलिए उन्होंने इस्तीफा दे दिया। अगर कनाडा अमेरिका में शामिल हो जाता है, तो कोई टैरिफ नहीं होगा, टैक्स बहुत कम हो जाएंगे, और वे रूसी और चीनी जहाजों के खतरे से पूरी तरह सुरक्षित होंगे जो लगातार उन्हें घेरे रहते हैं। अगर हम साथ मिल जाते हैं तो यह कितना महान देश बनेगा!!!’

ट्रंप ने कनाडा को दी हुई है धमकी

कनाडा की बात करें तो उसकी ओर से ट्रंप के ऑफर पर कुछ खास प्रतिक्रिया नहीं आई है। ट्रंप ने धमकी दी है कि कनाडा अगर अमेरिका के साथ अपनी दक्षिणी सीमा से अवैध ड्रग्स और अवैध प्रवासियों के प्रवाह को रोकने में नाकाम रहता है तो वह कनाडा से होने वाले आयात पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगा देंगे। कुछ पोस्ट में ट्रंप ने ट्रूडो का मजाक उड़ाते हुए उन्हें ‘गवर्नर ऑफ द ग्रेट स्टेट ऑफ कनाडा’ भी कहा।

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