गांधी के सहारे सत्ता की ओर देखते प्रशांत किशोर………..

प्रशांत किशोर इन दिनों बिहार के साथ-साथ देश की सियासत में भी काफी चर्चित नाम हैं. चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर जैसे-जैसे राजनीति में अपने कदम आगे बढ़ा रहे हैं उनके मजबूत इरादों की तस्वीर लोगों को दिखाई देने लगी है. हाल ही में बिहार के बीपीएससी अभ्यर्थियों के मुद्दे को लेकर जिस […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
मंगलवार, 7 जनवरी 2025, 04:23 AM 6 मिनट read
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गांधी के सहारे सत्ता की ओर देखते प्रशांत किशोर………..
Photo: UB India News Archive

प्रशांत किशोर इन दिनों बिहार के साथ-साथ देश की सियासत में भी काफी चर्चित नाम हैं. चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर जैसे-जैसे राजनीति में अपने कदम आगे बढ़ा रहे हैं उनके मजबूत इरादों की तस्वीर लोगों को दिखाई देने लगी है. हाल ही में बिहार के बीपीएससी अभ्यर्थियों के मुद्दे को लेकर जिस तरह से प्रशांत किशोर ने अपने प्रतिद्वंदियों तेजस्वी यादव और पप्पू यादव को पीछे छोड़ते हुए लीड लेने का काम किया, उससे साफ पता चलता है प्रशांत किशोर कुछ लंबा प्लान कर रहे हैं. दरअसल सोमवार की सुबह पुलिस ने जिस तरह आमरण अनशन पर बैठे प्रशांत किशोर को गांधी मैदान से उठाया, गिरफ्तार किया और फिर पूरे दिन अपनी कस्टडी में रखने के बाद कोर्ट से बेल मिलने के बाद देर शाम छोड़ दिया उससे निश्चित तौर पर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के बीच प्रशांत किशोर की इमेज हीरो वाली बनी होगी.

गांधी की बात करने वाले प्रशांत किशोर ने बीपीएससी छात्रों के मुद्दे को लेकर अब सत्याग्रह का ऐलान किया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनकी टीम की ओर से एक पोस्ट शेयर कर लिखा गया है- ”दम है कितना दमन में तेरे, देख लिया है देखेंगे… जगह है कितनी जेल में तेरे, देख रहे हैं देखेंगे”. पुलिस कस्टडी से बाहर निकलते ही प्रशांत किशोर ने खुलकर अपनी बात कही. इस दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि दो घंटे पहले जिस प्रशांत किशोर को बिहार पुलिस पकड़ कर बेउर जेल ले गई थी, अब उसे ही रिहा कर दिया गया है. माननीय न्यायलय ने हमें अकंडिशनल बेल दिया है. मैं हमेशा कहता हूं कि जनबल के आगे कोई बल नहीं है. जनता के लिए किया गया सत्याग्रह का प्रभाव है. आश्चर्यजनक है कि जिस प्रशांत किशोर को पुलिस ने डिटेन किया. पुलिस के अनुसार कोर्ट ने कंडिशनल बेल दिया. इसे हमने अस्वीकार किया है.

अभी रुकने वाले नहीं PK, जारी रहेगा अनशन

प्रशांत किशोर ने कहा कि पुलिस मुझे बेउर ले गई लेकिन मुझे जेल में नहीं रखा. पुलिस के पास पेपर ही नहीं था उस पेपर के इंतजार में बैठे रहे. मैटर को फिर से आर्ग्यू किया गया. इसके बाद कोर्ट ने पुलिस पर टिप्पणी की है और हमारी बात को वैलिडेट किया है. गांधी मैदान में शांतिपूर्ण सत्याग्रह किसी कानून का उल्लंघन नहीं है. पूरे दिन अनुभव किया सैकड़ो पुलिस वाले जनसुराजी हैं. एम्स में डॉ. ने कहा, 3 साल से जनुसराजी हैं. प्रशांत किशोर ने कहा कि मेरा अनशन जारी था, जारी है, जारी रहेगा. युवा संघर्ष समिति के बैठक में तय किया जाएगा कि अनशन किस जगह पर होगा.

वहीं प्रशांत किशोर ने कहा कि बीपीएससी परीक्षा के लिए हम लोग हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे. वहीं तेजस्वी के बयान पर प्रशांत किशोर ने तंज कसते हुए कहा कि तेंजस्वी को मैं पिछले 5 दिनों से या सुझाव दे रहा हूं, आपको किसने रोका था इस अभियान को लीड करने से. आप तो घर में बैठकर आग ताप रहे हैं. कल फिर से जब यह अभियान शुरू होगा तो फिर से नेट चलाएंगे. तेजस्वी और राहुल जी आप लोग ट्वीट करना कम कीजिए और बच्चों के साथ आकर खड़े हो जाइए. वहीं प्रशांत किशोर ने सीएम नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए कहा कि नीतीश कुमार शारीरिक और मानसिक रूप से थके हुए नेता है, जिनका अंतिम 10 महीना बचा हुआ है. 14 तारीख को एक अणे मार्ग पर चूड़ा-दही खा लें.

वहीं पुलिस द्वारा थप्पड़ मारने पर प्रशांत किशोर ने कहा कि पुलिस ने थप्पड़ नहीं मारा, वह बगल में एक साथी थे, उन्हें गलती से थप्पड़ लग गई थी. एक पुलिस वाले ने मुझे अपना जैकेट खोल कर दिया और कहा कि आप यह जैकेट पहन लीजिए. बहुत अच्छे पुलिस वाले भी इस नौकरी में है, जिन पुलिस वाले को अपना हीरोइज्म दिखाना था इसलिए उन्होंने ऐसा किया. इस दौरान प्रशांत किशोर के एडवोकेट कुमार अमित ने कहा कि जो भी एलिगेशन लगाए गए हैं, वह सब के सब जमानती है. इनको कायदे से थाने से ही मिल मिल जाना चाहिए था. पता नहीं किसके इशारे से इनको लगभग 8 से 9 घंटे तक घुमाया गया.

2 अक्टूबर को हुआ पार्टी का ऐलान

दरअसल महात्मा गांधी की बात करने वाले प्रशांत किशोर ने अपने पार्टी का ऐलान करने के पहले चंपारण से अपने पदयात्रा की शुरुआत की थी. प्रशांत किशोर 2 अक्टूबर 2022 से जन सुराज अभियान के तहत पूरे बिहार की पदयात्रा पर रहे. उन्होंने इस दौरान 17 जिले में पदयात्रा की. बताया जाता है कि इन 2 सालों में प्रशांत किशोर ने लगभग 5 हजार किमी की पदयात्रा की. इसके साथ ही 5500 से अधिक गांवों में पैदल चलकर पहुंचे. वहीं 2 मई 2022 से बिहार में चल रहा जन सुराज अभियान गांधी जयंती के दिन 2 अक्टूबर 2024 को एक राजनीतिक दल के तौर पर परिवर्तित हुआ और प्रशांत किशोर ने अपनी पार्टी का नाम भी जनसुराज ही रखा.

प्रशांत किशोर एक ऐसा नाम जो बिहार ही नहीं देशभर में 2014 से ही खूब चर्चा में रहा है. दरअसल जब 2014 में केंद्र में पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार आई तब एनडीए के लिए चुनावी रणनीति तैयार करने का क्रेडिट प्रशांत किशोर को ही मिला था. छोटे-छोटे वीडियो के माध्यम से सरकार बदलने को लेकर सोशल मीडिया पर प्रचार प्रसार से लेकर आकर्षक स्लोगन तैयार करने की जिम्मेदारी प्रशांत किशोर की टीम ने ही उठाई थी. प्रशांत किशोर और उनकी कंपनी I-Pac ने पूरे देश में चुनावी रणनीतिकार के तौर पर अपनी मजबूत छवि बना ली थी.

कैसे फेमस हो गए प्रशांत किशोर?

इसके बाद तो प्रशांत किशोर फेमस हो गए और उनकी महत्वाकांक्षाएं भी बढ़ती गईं. I-PAC (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी नाम की संस्था जो 2015 में बना राजनीतिक पार्टियों के लिए काम कर चर्चा में रहे. वर्ष 2015 बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव के लिए काम किया और महागठबंधन के लिए रणनीति बनाई. वहीं, वर्ष 2021 पश्चिम बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए रणनीति बनाकर भी चर्चा में आए. जबकि आंध्र प्रदेश में जगन मोहन रेड्डी के लिए रणनीति बनाकर पीके ने प्रचंड जीत की राह बनाई.

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