त्योहारों की भावना को त्योहार तक ही सीमित रखना चाहिए…

मकर संक्रांति के मौके पर एलजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने आज पटना में आवास पर दही चूड़ा का आयोजन किया था. इसके लिए उन्होंने सीएम नीतीश कुमार समेत तमाम बड़े नेताओं को न्योता भेजा था. हैरान करने वाली बात यह है कि जब सीएम नीतीश उनके आवास पर पहुंचे तो खुद मेजवान […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
मंगलवार, 14 जनवरी 2025, 10:52 AM 3 मिनट read
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त्योहारों की भावना को त्योहार तक ही सीमित रखना चाहिए…
Photo: UB India News Archive

मकर संक्रांति के मौके पर एलजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने आज पटना में आवास पर दही चूड़ा का आयोजन किया था. इसके लिए उन्होंने सीएम नीतीश कुमार समेत तमाम बड़े नेताओं को न्योता भेजा था. हैरान करने वाली बात यह है कि जब सीएम नीतीश उनके आवास पर पहुंचे तो खुद मेजवान यानी कि चिराग पासवान वहां मौजूद नहीं थे. जिसके बाद सीएम नीतीश बिना दही चूड़ा चखे ही वहां से लौट आए. नीतीश कुमार के स्वागत में मौजूद नहीं रहने पर अब चिराग पासवान की सफाई सामने आई है.

चिराग ने सफाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की व्यस्तता का हम सम्मान करते. वह प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं और सबको सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश के आने की जब उनको खबर मिली तब वह पूजा पर बैठे हुए थे इसीलिए उनका तुरंत आना संभव नहीं था. चिराग ने कहा कि आज मकर संक्रांति का त्योहार है और वह पूजा-पाठ में विश्वास रखते हैं. इसके साथ ही चिराग ने कहा कि मुख्यमंत्री जी आए यह बहुत बड़ी बात है. उन्होंने आकर अपनी शुभकामना दी यह हमारे लिए मेरी पार्टी के लिए हमारे तमाम कार्यकर्ताओं के लिए बड़ी बात है.

‘दही-चूड़ा को न बनाएं राजनीतिक त्योहार’

वहीं मीसा भारती के बयान पर चिराग पासवान ने कहा कि त्योहारों की भावना को त्योहार तक ही सीमित रखना चाहिए.
बिहार में मकर संक्रांति को राजनीतिक त्योहार बना दिया गया है. दही-चूड़ा को राजनीतिक त्योहार बना दिया गया है और जब मकर संक्रांति आता है तो खेल होगा… खेला होगा… क्या बिहार में और कुछ नहीं बचा है. चिराग ने कहा कि त्योहार के मौके पर तमाम दल के साथी एक साथ हैं, इससे ज्यादा अच्छा और क्या हो सकता है.

चिराग पासवान ने कहा कि मकर संक्रांति के बाद एनडीए के पांचों घटक दल एक साथ मिलकर जनता के बीच जाएंगे. प्रधानमंत्री मोदी की सोच वाली डबल इंजन की एनडीए सरकार एक बार फिर से बिहार में बनने जा रही है.
जैसा कि मालूम है आज मकर संक्रांति के दिन पटना में लोजपा (रामविलास) प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया। इस भोज में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत NDA गठबंधन के नेताओं को आमंत्रित किया गया था। हालांकि, चिराग पासवान खुद इस आयोजन में शामिल नहीं हुए, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चा छिड़ गई। नीतीश कुमार तय समय पर भोज में पहुंचे, लेकिन चिराग की अनुपस्थिति ने गठबंधन की एकता पर सवाल खड़े कर दिए।

एकजुटता का संदेश देना चाहते थे चिराग

दरअसल, लोजपा (रामविलास) के कार्यालय में आयोजित इस दही-चूड़ा भोज के माध्यम से चिराग पासवान NDA में एकजुटता का संदेश देना चाहते थे। लेकिन उनकी खुद की अनुपस्थिति ने इस संदेश को कमजोर कर दिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समय पर पहुंचे, उनके साथ जेडीयू कोटे के मंत्री विजय कुमार चौधरी और कुछ अन्य पार्टी नेता भी मौजूद थे। चिराग पासवान की गैरमौजूदगी में पार्टी के अन्य नेताओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

चिराग पासवान ही नहीं थे मौजूद

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आगमन के समय चिराग पासवान वहां मौजूद नहीं थे। एलजेपी (आर) ऑफिस में नीतीश कुमार ने चिराग के पिता स्वर्गीय रामविलास पासवान को श्रद्धांजलि अर्पित की और कुछ देर बाद वहां से चले गए। इस मौके पर दोनों उपमुख्यमंत्री, सम्राट चौधरी और तेजस्वी यादव भी अनुपस्थित रहे।

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