साउथ कोरिया के पद से हटाए गए राष्ट्रपति यून सुक येओल गिरफ्तार………….

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक येओल को गिरफ्तार कर लिया गया है। बता दें कि यून दक्षिण कोरिया में महाभियोग का सामना कर रहे थे और उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी। दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने 3 दिसंबर को मार्शल लॉ के ऐलान से जुड़े मामलों में ये कार्रवाई की है। यून समर्थकों और सुरक्षाकर्मियों […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
बुधवार, 15 जनवरी 2025, 07:24 AM 6 मिनट read
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साउथ कोरिया के पद से हटाए गए राष्ट्रपति यून सुक येओल गिरफ्तार………….
Photo: UB India News Archive

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक येओल को गिरफ्तार कर लिया गया है। बता दें कि यून दक्षिण कोरिया में महाभियोग का सामना कर रहे थे और उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी। दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने 3 दिसंबर को मार्शल लॉ के ऐलान से जुड़े मामलों में ये कार्रवाई की है।

यून समर्थकों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुई भिड़ंत

मिली जानकारी मुताबिक, सुबह के वक्त तीन हजार से ज्यादा पुलिस अधिकारी और भ्रष्टाचार विरोधी जांचकर्ता येओल के घर के पास पहुंचे थे, जहां यून समर्थकों और सत्तारूढ़ पीपुल्स पावर पार्टी के सदस्यों की सुरक्षाबलों के साथ भिड़ंत भी हुई थी। इस दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया गया था। इन सभी गतिरोधों के बीच अब यून सुक येओल को गिरफ्तार किया गया है।

यून ने किया था मार्शल लॉ का ऐलान

दरअसल यून ने 3 दिसंबर को मार्शल लॉ का ऐलान किया था। उनके इस ऐलान से देश की सियासत में हड़कंप मच गया था और जनता भी हैरान थी। बाद में 14 दिसंबर को सांसदों ने उन पर महाभियोग चलाने और उन्हें पद से हटाने के लिए वोटिंग की थी। अब संवैधानिक न्यायालय उसी महाभियोग को लेकर विचार कर रही है और उन्हें स्थायी रूप से हटाने के ऊपर भी मंथन चल रहा है।

यून के वकीलों ने किया था ये दावा

चूंकि यून के ऊपर पहले ही गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी, इसलिए उनके वकील भी पहले से बयानबाजी कर रहे थे। यून के वकीलों ने कहा था कि यून को हिरासत में लेने की कोशिश अवैध है। ये सब उन्हें अपमानित करने के लिए किया जा रहा है। यून के वकीलों ने इस पूरे मामले को एक षड़यंत्र बताया था।

फिलहाल यून की गिरफ्तारी पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बनी हुई है। चूंकि एक राष्ट्रपति का इस तरह गिरफ्तार होना एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम है।

योल कल कोर्ट में पेश नहीं हुए। इसके बाद जांच एजेंसियों की तरफ से उनके खिलाफ आज सुबह गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया। उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस को मौके पर भारी विरोध का सामना करना पड़ा। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक गिरफ्तारी के लिए 1000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।

योल को गिरफ्तार कर भ्रष्टाचार जांच कार्यालय के सामने पेश करने के लिए ले जाया गया है। इस मामले में उनके खिलाफ पहला वारंट जारी किया गया था।
योल को गिरफ्तार कर भ्रष्टाचार जांच कार्यालय के सामने पेश करने के लिए ले जाया गया है। इस मामले में उनके खिलाफ पहला वारंट जारी किया गया था।
योल के घर के बाहर बड़ी तादाद में पुलिस को तैनात किया गया था।
योल के घर के बाहर बड़ी तादाद में पुलिस को तैनात किया गया था।
योल की गिरफ्तारी के विरोध में उनके घर के बाहर सैकड़ों प्रदर्शनकारी मौजूद हैं।
योल की गिरफ्तारी के विरोध में उनके घर के बाहर सैकड़ों प्रदर्शनकारी मौजूद हैं।

सीढ़ी लगाकर घर में घुसी पुलिस

न्यूज एजेंसी योनहाप की रिपोर्ट के मुताबिक योल की सुरक्षा में लगे गार्ड्स ने पुलिस को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। योल समर्थक बड़ी संख्या में राष्ट्रपति आवास के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे। इसके बाद पुलिस ने सीढ़ी का इस्तेमाल कर योल के घर में दाखिल हुई।

कोर्ट में पेश नहीं होने की वजह से कल से ही योल की गिरफ्तारी की आशंका जताई जा रही थी। रात से ही योल समर्थक प्रदर्शनकारी उनके घर के बाहर इकट्ठा होना शुरू हो गए थे। पुलिस को सत्ताधारी पार्टी के सांसदों और योल के वकीलों ने भी रोकने की कोशिश की थी।

इससे पहले 3 जनवरी को पुलिस ने भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में गिरफ्तार करने की कोशिश की थी। हालांकि, तब पुलिस को राष्ट्रपति के 200 गार्ड्स ने गेट पर ही रोक दिया था। योल के घर के बाहर हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी पहुंचे थे। करीब 6 घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस को खाली हाथ ही वापस लौटना पड़ा था।

योल के समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई थी।
योल के समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई थी।

48 घंटे में कोर्ट से वारंट लेना होगा

योल की गिरफ्तारी के बाद उनसे पूछताछ के लिए जांच एजेंसियों के पास 48 घंटे का समय है। इसके बाद औपचारिक तरीके से उनकी गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से वारंट लेना होगा। योल के सलाहकार सियोक डोंग-हियोन ने गिरफ्तारी से पहले कहा था कि- यून सुक योल पूछताछ के लिए तैयार है, बशर्ते उन्हें गिरफ्तार करने आए अधिकारी वापस लौट जाएं।

दूसरी तरफ योल के खिलाफ महाभियोग की वैधता और विद्रोह से जुड़े आरोपों की सुनवाई के लिए कोर्ट के पास 14 दिंसबर के बाद से 180 दिन का समय है। सुप्रीम कोर्ट के 8 में से 6 जज अगर योल के खिलाफ वोट करते हैं, तो उन्हें दोषी करार दिया जाएगा।

अगर इस दौरान योल को दोषी साबित नहीं किया जा सका या महाभियोग अवैध घोषित हो जाता है, तो योल एक बार फिर साउथ कोरिया के राष्ट्रपति बन जाएंगे।

तस्वीर मंगलवार को महाभियोग पर हुई सुनवाई की है। योल के पेश नहीं होने की वजह से कार्यवाही सिर्फ 5 मिनट ही चली।
तस्वीर मंगलवार को महाभियोग पर हुई सुनवाई की है। योल के पेश नहीं होने की वजह से कार्यवाही सिर्फ 5 मिनट ही चली।

राष्ट्रपति योल को इमजरेंसी लगाने की जरूरत क्यों पड़ी थी?

साउथ कोरिया की संसद में कुल 300 सीटें हैं। इस साल की शुरुआत में हुए चुनाव में जनता ने विपक्षी पार्टी DPK को भारी जनादेश दिया था। सत्ताधारी पीपुल पावर को सिर्फ 108 सीटें मिलीं, जबकि विपक्षी पार्टी DPK को 170 सीटें मिलीं। बहुमत में होने की वजह से विपक्षी DPK, राष्ट्रपति सरकार के कामकाज में ज्यादा दखल दे रही थी और वे अपने एजेंडे के मुताबिक काम नहीं कर पा रहे थे।

राष्ट्रपति योल ने 2022 में मामूली अंतर से चुनाव जीता था। इसके बाद से उनकी लोकप्रियता घटती चली गई। उनकी पत्नी के कई विवादों में फंसने की वजह से भी उनकी इमेज पर असर पड़ा। फिलहाल राष्ट्रपति की लोकप्रियता 17% के करीब है, जो कि देश के तमाम राष्ट्रपतियों में सबसे कम है।

इन सबसे निपटने के लिए राष्ट्रपति ने मार्शल लॉ लगा दिया। उन्होंने DPK पर उत्तर कोरिया के साथ सहानुभूति रखने और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया।

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