केंद्रीय बजट पेश होने में अब केवल चार दिन शेष………………..

भारत के वित्तीय वर्ष 2025-26 का केंद्रीय बजट पेश होने में अब केवल चार दिन बाकी हैं. केंद्र सरकार 1 फरवरी को यूनियन बजट पेश करेगी. इस बजट में डायरेक्ट टैक्स से जुड़े प्रावधानों की घोषणा की जाती है. सरकार विभिन्न क्षेत्रों के लिए फंड का आवंटन करती है. देश के हर क्षेत्र और वर्ग […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
मंगलवार, 28 जनवरी 2025, 05:26 AM 7 मिनट read
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केंद्रीय बजट पेश होने में अब केवल चार दिन शेष………………..
Photo: UB India News Archive

भारत के वित्तीय वर्ष 2025-26 का केंद्रीय बजट पेश होने में अब केवल चार दिन बाकी हैं. केंद्र सरकार 1 फरवरी को यूनियन बजट पेश करेगी. इस बजट में डायरेक्ट टैक्स से जुड़े प्रावधानों की घोषणा की जाती है. सरकार विभिन्न क्षेत्रों के लिए फंड का आवंटन करती है. देश के हर क्षेत्र और वर्ग की नजरें इस बजट पर टिकी हुई हैं. एक्सपर्ट मान रहे हैं कि इनकम टैक्स भरने के लिए इस्तेमाल होने वाला ओल्ड टैक्स रिजीम खत्म हो सकता है. चर्चा यह भी है कि स्मार्टफोन सस्ते हो सकते हैं.

बजट का प्रभाव न केवल वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है, बल्कि सर्विस सेक्टर में भी कीमतों को निर्धारित करने में मदद करता है. हर वर्ग को उम्मीद है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार के बजट में महंगाई, रोजगार और आर्थिक प्रगति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान केंद्रित करेंगी. बीते साल के बजट में पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और टिकाऊ विकास पर विशेष जोर दिया गया था. इस बार सरकार रेलवे, एविएशन, स्वास्थ्य सेवा, हॉस्पिटैलिटी, डेटा सेंटर और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों के लिए नए आवंटन या घोषणाएं कर सकती है.

एक्सपर्ट बताते हैं कि बजट 2025 में स्‍मार्टफोन में इस्‍तेमाल होने वाले कलपुर्जों पर इंपोर्ट ड्यूटी कम की जा सकती है, क्योंकि फोन निर्माता कंपनियों ने सरकार से शुल्‍क घटाने की मांग की है. अगर ऐसा होता है तो भारत में स्‍मार्टफोन की कीमत घट जाएगी, क्‍योंकि इंपोर्ट ड्यूटी कम होने से फोन बनाने का खर्च घटेगा.

पिछले साल जुलाई में आया था बजट,

Budget Timing 2025 : बजट को जारी करने का एक निश्चित समय होता है, लेकिन क्‍या आपको पता है कि इस समय में कभी-कभार बदलाव भी होता है. सरकार ने पिछले साल ही इस समय में कुछ कारणों से बदलाव किया था तो क्‍या इस बार भी बजट के टाइमिंग में कोई बदलाव होगा.

ग्रीन स्टार्टअप्स व महिला केंद्रित फंड्स के लिए विशेष प्रोत्साहन की जरूरत

इंडक्टस के सीईओ और संस्थापक अलोक कुमार का कहना है, “बजट 2025 भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है. हमें ऐसे रणनीतिक कदमों की जरूरत है जो भारत को एक वैश्विक इनोवेशन हब बना सकें. हमारी प्रमुख अपेक्षाओं में स्टार्टअप्स के लिए सेक्शन 80-IAC के तहत टैक्स हॉलिडे को 5 साल तक बढ़ाना, FDI नियमों को सरल बनाना, और AI, क्लाइमेट टेक व डीप टेक्नोलॉजी जैसे हाई-पोटेंशियल सेक्टर्स के लिए समर्पित फंड तैयार करना शामिल है. स्थिरता और समावेशिता को प्राथमिकता देते हुए ग्रीन स्टार्टअप्स व महिला केंद्रित फंड्स के लिए विशेष प्रोत्साहन की आवश्यकता है. इसके अलावा, टियर-2 और टियर-3 शहरों में क्षेत्रीय स्टार्टअप हब स्थापित करके और R&D के लिए मजबूत ग्रांट प्रदान कर, भारत की अपार उद्यमशीलता क्षमता को उजागर किया जा सकता है. यह बजट भारत को वैश्विक स्टार्टअप नेतृत्व प्रदान करने का अवसर है.”

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