रूस से जंग के बीच संयुक्त अरब अमीरात पहुंचे यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की

यूक्रेन और रूस के बीच जारी जंग को समाप्त करने के लिए शांति वार्ता की लगातार उठ रही मांग के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की संयुक्त अरब अमीरात पहुंचे हैं। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो सऊदी अरब के दौरे पर अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे जो आगामी दिनों में रूसी अधिकारियों के साथ […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
सोमवार, 17 फरवरी 2025, 08:20 AM 3 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
रूस से जंग के बीच संयुक्त अरब अमीरात पहुंचे यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की
Photo: UB India News Archive

यूक्रेन और रूस के बीच जारी जंग को समाप्त करने के लिए शांति वार्ता की लगातार उठ रही मांग के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की संयुक्त अरब अमीरात पहुंचे हैं। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो सऊदी अरब के दौरे पर अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे जो आगामी दिनों में रूसी अधिकारियों के साथ सीधी बातचीत करेगा। अमेरिका के एक अधिकारी ने बताया कि रुबियो की इस यात्रा का उद्देश्य रूस-यूक्रेन जंग को समाप्त कराना है।

डोनाल्ड ट्रंप ने दिए थे इस बात के संकेत

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले सप्ताह संकेत दिया था कि वह सऊदी अरब में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेंगे। अधिकारी ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर बताया कि रियाद में होने वाली वार्ता में अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल वाल्ट्ज और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के भी भाग लेने की उम्मीद है। रुबियो की यह यात्रा पिछले हफ्ते राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत के बाद हो रही है।

जेलेंस्की ने साफ किया था अपना रुख

पुतिन के साथ बातचीत में ट्रंप ने कहा था कि वो ‘‘अपनी-अपनी टीम द्वारा तुरंत बातचीत शुरू करने पर सहमत हुए हैं।’’ ट्रंप की पुतिन के साथ यह बातचीत 24 फरवरी, 2022 को यूक्रेन पर आक्रमण के बाद रूस को अलग थलग करने की अमेरिका की नीति के उलट थी। हालांकि, ट्रंप ने जेलेंस्की से भी अलग से बात की। जेलेंस्की ने कहा था कि वह यूक्रेन के बारे में किसी भी ऐसी बातचीत को स्वीकार नहीं करेंगे जिसमें उनका देश शामिल नहीं हो। यूरोप के देशों की सरकारों ने भी इसमें भूमिका की मांग की है।

UAE पहुंचे यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की

‘फॉक्स न्यूज चैनल’ के ‘‘संडे मॉर्निंग फ्यूचर्स’’ कार्यक्रम में विटकॉफ ने कहा कि वह और वाल्ट्ज ‘‘राष्ट्रपति के निर्देश पर बैठकें करेंगे’’ और उन्हें ‘‘रूस-यूक्रेन के संबंध में कुछ अच्छी प्रगति’’ की उम्मीद है। इस बीच, जर्मनी में म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में भाग लेने के बाद जेलेंस्की अबू धाबी पहुंचे। उनके कार्यालय द्वारा जारी फुटेज में रविवार देर रात को हवाई अड्डे पर उन्हें और उनकी पत्नी ओलेना का अमीरात के अधिकारी स्वागत करते दिख रहे हैं। युद्ध शुरू होने के बाद जेलेंस्की की यह यूएई की पहली यात्रा है।

जेलेंस्की के कार्यालय ने ऑनलाइन संदेश में कहा, ‘‘हमारी शीर्ष प्राथमिकता हमारे अधिक से अधिक लोगों को कैद से मुक्त कराकर स्वदेश वापस लाना है।’’ राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा, ‘‘हम निवेश और आर्थिक साझेदारी के साथ-साथ बड़े पैमाने पर मानवीय कार्यक्रम पर भी ध्यान केंद्रित करेंगे।’’ संयुक्त अरब अमीरात को लंबे समय से शांति वार्ता के लिए संभावित स्थल के रूप में देखा जाता रहा है, क्योंकि युद्ध शुरू होने के बाद से ही यहां बड़ी संख्या में रूस और यूक्रेन के प्रवासी आ पहुंचे हैं और अमीरात को पूर्व में मध्यस्थता का अनुभव भी है।

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू
खास खबर

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू

राष्ट्रपति ट्रंप ने सबसे बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान का खार्ग द्वीप पूरी तबाह कर दिया गया है. हालांकि अभी ईरान ने इसकी पुष्टि नहीं की है. ट्रंप ने हमले की एआई वीडियो भी जारी की है.

UB India News31 अग॰
युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत
खास खबर

युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत

सोमवार यानी 31 अगस्त को देश के जीडीपी के आंकड़े आने वाले हैं. उम्मीद की जा रही है कि देश की रफ्तार 7% से ज्यादा रह सकती है. वैसे मिडिल ईस्ट वॉर, महंगाई के अलावा फैक्टर्स चुनौतियां बनी हुई हैं. लोन ग्रोथ और कॉरेपोरेट इनकम देश की ग्रोथ को सहारा दे सकते हैं. क्या चुनौतियों के बाद भी देश की इकोनॉमिक ग्रोथ 7% रह सकती है?

UB India News31 अग॰
नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…
खास खबर

नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…

पाल-तिब्बत सीमा के पास भोटेकोशी नदी में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने दोनों ही देशों के इलाकों में भीषण तबाही मचाई है। इस बाढ़ में अब तक 804 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3000 से ज्यादा अब भी लापता हैं। नेपाल-तिब्बत में विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

UB India News31 अग॰
ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा
खास खबर

ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन के बीच बिश्केक में मुलाकात होने वाली है. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद ये पहली बार होगा, जब दोनों देशों के नेता आमने-सामने मिलने वाले हैं. ऐसे में पूरी दुनिया की नजर इस द्विपक्षीय वार्ता पर होगी.

UB India News31 अग॰
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰