किसी भी गठबंधन की ताकत बढ़ा देते हैं नीतीश …………….

आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने एक बार फिर से एक ऐसा बयान दिया है, जिससे पार्टी में खलबली मची है. सीएम नीतीश कुमार पर आरजेडी के अंदर अलग-अलग राय को लेकर विरोधाभास की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. दरअसल भाई वीरेंद्र ने सीएम नीतीश कुमार के दिल्ली की नई सीएम रेणु गुप्ता के शपथ ग्रहण […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शुक्रवार, 21 फरवरी 2025, 07:39 AM 5 मिनट read
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किसी भी गठबंधन की ताकत बढ़ा देते हैं नीतीश …………….
Photo: UB India News Archive

आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने एक बार फिर से एक ऐसा बयान दिया है, जिससे पार्टी में खलबली मची है. सीएम नीतीश कुमार पर आरजेडी के अंदर अलग-अलग राय को लेकर विरोधाभास की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. दरअसल भाई वीरेंद्र ने सीएम नीतीश कुमार के दिल्ली की नई सीएम रेणु गुप्ता के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल न होने को लेकर कहा कि नीतीश कुमार महागठबंधन में शामिल होना चाहते हैं, वह हमारे साथ आने वाले हैं. इसलिए वह दिल्ली नहीं गए. हालांकि भाई वीरेंद्र का यह बयान तेजस्वी यादव के रुख से बिलकुल अलग है.

बता दें, तेजस्वी यादव पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि अब वह सीएम नीतीश कुमार को अपने साथ नहीं लेंगे. ऐसे में भाई वीरेंद्र का बार ऐसा बयान आरजेडी नीतीश कुमार के नाम पर आरजेडी के अंदर मची खलबली की कहानी भी बयां करता है. एक तरफ तेजस्वी यादव नीतीश कुमार से दूरी बनाते हुए दिखाई दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ भाई वीरेंद्र के बयान से यह साफ़ झलकता है कि पार्टी के कुछ नेता अब भी नीतीश कुमार को महागठबंधन में शामिल करने के पक्ष में हैं. यह स्थिति आरजेडी के लिए असहज है और आने वाले समय में पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती हैं.

किसी भी गठबंधन की ताकत बढ़ा देते हैं नीतीश 

दरअसल करीब पिछले 2 दशकों से बिहार के सीएम पद की जिम्मेदारी संभाल रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार की राजनीति के एक ऐसे खिलाड़ी हैं, जिनको न आरजेडी इग्नोर कर पाती है और न ही बीजेपी. ऐसे में भले ही नीतीश कुमार किसी गठबंधन में रहे उनकी चर्चा तो हमेशा होती रहती है. बिहार की राजनीति के लिए नीतीश कुमार जरूरी भी हैं और मजबूरी भी. राजनीति के जानकारों के लिए ऐसा कहने का आधार भी है क्योंकि बीते दो दशक में बिहार की राजनीति में अब तक यही देखा गया है कि नीतीश कुमार जिधर भी जाते हैं उस गठबंधन का पलड़ा भारी हो जाता है. इसके साथ ही यह भी साफ है कि नीतीश कुमार की पार्टी जदयू की अकेली कोई बहुत ताकत नहीं है, लेकिन जब किसी के साथ होती है तो उस गठबंधन की ताकत कई गुना बढ़ जाती है.

बता दें, भाई वीरेंद्र इससे पहले भी नीतीश कुमार के महागठबंधन में आने को लेकर कई बार बयान दे चुके हैं. पिछले दिनों उन्होंने कहा था कि राजनीति में कोई स्थाई दोस्त या दुश्मन नहीं होता है. नीतीश कुमार आना चाहते हैं तो उनका स्वागत किया जाएगा. वहीं इससे आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने जनवरी महीने में कहा था कि नीतीश कुमार अगर बीजेपी को छोड़कर इधर आते हैं तो उनके साथ मिलकर काम करेंगे. लालू ने यह भी कहा था कि नीतीश कुमार जो इधर उधर किए वो सब माफ कर देंगे. यह देखना दिलचस्प होगा कि आरजेडी नेतृत्व इस मामले में क्या रुख अपनाता है क्या पार्टी भाई वीरेंद्र के बयान से खुद को अलग करेगी या फिर नीतीश कुमार को लेकर अपने रुख में बदलाव करेगी. अब यह एक सवाल है.

क्या कहते हैं राजनीति के जानकार?

बिहार के वरिष्ठ पत्रकार अरुण कुमार पांडेय का कहना है कि भाई वीरेंद्र के बयान को गंभीरता से लेने कि जरूरत नहीं है. भाई वीरेंद्र यूं ही इस तरह का बयान देते हैं. वैसे भी आरजेडी के अंदर लालू प्रसाद यादव ने पार्टी से जुड़े अहम निर्णय लेने के लिए तेजस्वी यादव को अधिकृत किया है. यानि अब आरजेडी में तेजस्वी यादव की ही सुनी जाएगी. तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार को लेकर पहले ही कह दिया है कि अब उनके साथ गठबंधन संभव नहीं है तो ऐसे में भाई वीरेंद्र के बयान का कोई मतलब नहीं है. उनके बयान से कोई पॉलिटिकल लाइन तय नहीं किया जाएगा. हालांकि यह बात सच है कि बिहार की राजनीति में कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होता है.

तेजस्वी का काम आसान कर रहे भाई वीरेंद्र ?

भाई भाई वीरेंद्र के ऐसे बयानों के पीछे की रणनीति को लेकर अरुण कुमार पांडेय का कहना है कि भले ही भाई वीरेंद्र तेजस्वी यादव की लाइन से अलग बयान दे रहे हैं. लेकिन, उनके ऐसे बयानों से कहीं न कहीं टारगेट नीतीश कुमार की छवि को लेकर ही किया जा रहा है. भाई वीरेंद्र ऐसा बयान देकर नीतीश कुमार के पलटी मरने के पिछले रिकॉर्ड की याद दिलाकर एक तरह से उनको हल्का बनाने का प्रयास करते हैं. एक तरह से भले ही थोड़ी देर के लिए वह तेजस्वी की लाइन से अलग होते दिखते हैं लेकिन इसकी इनसाइड स्टोरी पूछिए तो भाई वीरेंद्र नीतीश कुमार को टारगेट कर एक तरह से तेजस्वी यादव का ही काम कर रहे हैं. ऐसे में भाई वीरेंद्र पार्टी लाइन से अलग बयान देने पर भी आरजेडी में उनके अंदर कोई कार्रवाई नहीं होगी.

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