भारतीय मूल के काश पटेल को राष्ट्रपति ट्रम्प ने बनाया FBI का डायरेक्टर……

दुनिया में कहीं भी भारतीयों का नाम होता है तो हमारे देश को लोग खुशी से गदगद हो जाते हैं. ऐसा ही तब हुआ जब अमेरिकी सरकार ने भारतीय मूल के काश पटेल (Kash Patel) को FBI का निदेशक बनाया. उन्हें डॉनल्ड ट्रंप का विश्वस्नीय माना जाता है. आप जानते ही होंगे कि एफबीआई, अमेरिका […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शुक्रवार, 21 फरवरी 2025, 08:54 AM 6 मिनट read
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भारतीय मूल के काश पटेल को राष्ट्रपति ट्रम्प ने बनाया FBI का डायरेक्टर……
Photo: UB India News Archive

दुनिया में कहीं भी भारतीयों का नाम होता है तो हमारे देश को लोग खुशी से गदगद हो जाते हैं. ऐसा ही तब हुआ जब अमेरिकी सरकार ने भारतीय मूल के काश पटेल (Kash Patel) को FBI का निदेशक बनाया. उन्हें डॉनल्ड ट्रंप का विश्वस्नीय माना जाता है. आप जानते ही होंगे कि एफबीआई, अमेरिका की नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी है, जिसका पूरा नाम फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन है. जब से काश पटेल निदेशक बने हैं, ट्विटर पर उनको बधाई देने वालों की भीड़ लग गई है. इसी कड़ी में राष्ट्रपति ट्रंप के एक सहयोगी ने भी काश पटेल को अनोखे अंदाज में बधाई दी है. उन्होंने एक भारतीय गाने के वीडियो पर काश पटेल का चेहरा लगाकर उन्हें शुभकामनाएं दी हैं. डैन स्कैवीनो, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के सेकरेट्री हैं और व्हाइट हाउस डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ हैं. हाल ही में उनके ट्विटर अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट कर काश पटेल को शुभकामनाएं दी गई हैं. वीडियो के साथ लिखा- एफबीआई के नए डायरेक्टर काश पटेल को शुभकामनाएं. अब मजेदार बात ये है कि जो वीडियो पोस्ट किया गया है, वो असल में बाजी राव मस्तानी फिल्म का गाना है.

भारतीय मूल के कश्यप काश पटेल, अमेरिकी जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) के डायरेक्टर बन गए है। अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन सीनेट ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। गुरुवार को वोटिंग के दौरान उन्हें 51-49 के मामूली बहुमत से पद के लिए चुना गया।

डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों के अलावा पटेल के विरोध में दो रिपब्लिकन सांसद सुसान कॉलिन्स और लिसा मर्कोव्स्की दोमात्र ने भी वोट किया। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों को इस बात का डर है कि काश पटेल पद संभालने के बाद डोनाल्ड ट्रम्प के आदेशों का पालन करेंगे और उनके विरोधियों को निशाना बनाएंगे।

मंजूरी मिलने के बाद पटेल ने राष्ट्रपति ट्रम्प और अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।

ट्रम्प ने काश पटेल की आधिकारिक नियुक्ति पत्र पर साइन किए।
ट्रम्प ने काश पटेल की आधिकारिक नियुक्ति पत्र पर साइन किए।

अमेरिकी लोगों को नुकसान पहुंचाने वालों को पटेल की चेतावनी

सीनेट से मंजूरी के बाद पटेल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की। इस पोस्ट में उन्होंने कहा कि FBI अमेरिकियों को नुकसान पहुंचाने वालों का इस ग्रह के हर कोने में पीछा करेगी। पटेल ने इसे चेतावनी की तरह लेने के लिए कहा।

इसके अलावा काश पटेल ने लिखा कि,

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FBI की G-मेन से लेकर 9/11 हमले के बाद हमारे देश की सुरक्षा तक एक शानदार विरासत है। अमेरिकी लोग एक ऐसी FBI के हकदार हैं जो पारदर्शी, जवाबदेह और न्याय के लिए प्रतिबद्ध हो। हमारी न्याय प्रणाली के राजनीतिकरण ने जनता के भरोसे को खत्म कर दिया है। हम एक ऐसी FBI बनाएंगे, जिस पर लोग गर्व कर सकें।

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गुजराती परिवार में जन्मे, माता-पिता युगांडा से भागे

काश पटेल भारतीय प्रवासी के बेटे हैं। उनका जन्म एक गुजराती परिवार में हुआ था। काश पटेल के माता-पिता युगांडा के शासक ईदी अमीन के देश छोड़ने के फरमान से डरकर 1970 के दशक में भागकर कनाडा के रास्ते अमेरिका पहुंचे थे। 1988 में पटेल के पिता को अमेरिका की नागरिकता मिलने के बाद एक एरोप्लेन कंपनी में नौकरी मिली।

2004 में कानून की डिग्री हासिल करने के बाद जब पटेल को किसी बड़ी लॉ फर्म में नौकरी नहीं मिली तो उन्होंने एक सरकारी वकील के तौर पर काम करना शुरू कर दिया। हालांकि, ड्रीम जॉब के लिए उन्हें 9 साल तक इंतजार करना पड़ा।

काश पटेल 2013 में वॉशिंगटन में न्याय विभाग में शामिल हुए। यहां तीन साल बाद 2016 में पटेल को खुफिया मामले से जुड़ी एक स्थायी समिति में कर्मचारी के रूप में नियुक्त किया गया। इस विभाग के चीफ डेविड नून्स थे, जो ट्रम्प के कट्टर सहयोगी थे।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति रहने के दौरान ट्रम्प ने 2019 में जो बाइडेन के बेटे के बारे में जानकारी जुटाने के लिए यूक्रेन पर दबाव बनाया था। इस वजह से विपक्ष उन पर नाराज हो गया। किसी कानूनी पचड़े से बचने के लिए ट्रम्प ने इस मामले में मदद के लिए सलाहकारों की एक टीम बनाई। इसमें काश पटेल का भी नाम था। तब उनका नाम देख हर किसी को हैरानी हुई थी।

काश पटेल 2019 में ट्रम्प प्रशासन से जुड़ने के बाद तरक्की की सीढ़ियां चढ़ते गए। ट्रम्प प्रशासन में वे सिर्फ 1 साल 8 महीने रहे, लेकिन सबकी नजरों में आ गए। मैगजीन द अटलांटिक की एक रिपोर्ट में पटेल को ‘ट्रम्प के लिए कुछ भी करने वाला’ शख्स बताया गया है।

ट्रम्प प्रशासन में जहां पहले से लगभग सभी लोग ट्रम्प के वफादार थे, वहां भी उन्हें ट्रम्प के सबसे वफादार लोगों में गिना जाने लगा था। यही वजह है कि कई अधिकारी उनसे डरते थे।

काश पटेल ने ट्रम्प के लिए कई गाने भी लिखे हैं, जिसमें उन्हें देशभक्त बताया गया है।
काश पटेल ने ट्रम्प के लिए कई गाने भी लिखे हैं, जिसमें उन्हें देशभक्त बताया गया है।

ट्रम्प पर किताब लिखी, उसमें भी मददगार बने

काश पटेल नेशनल इंटेलिजेंस के डायरेक्टर के सीनियर एडवाइजर के तौर पर काम कर चुके हैं। इस दौरान वे 17 खुफिया एजेंसियों का कामकाज देखते थे। इस पद को संभालने के दौरान पटेल कई अहम मामलों में शामिल थे। वे ISIS लीडर्स, अल-कायदा के बगदादी और कासिम अल-रिमी जैसे नेताओं के खात्मे के अलावा कई अमेरिकी बंधकों को वापस लाने के मिशन में भी शामिल रहे हैं।

ट्रम्प के पद छोड़ने के बाद काश पटेल पूर्व राष्ट्रपति के एजेंडे को बढ़ाने की कोशिश करते रहे हैं। काश ने “गवर्नमेंट गैंगस्टर्स: द डीप स्टेट, द ट्रुथ, एंड द बैटल फॉर अवर डेमोक्रेसी” नाम की एक किताब लिखी है। इसमें उन्होंने बताया है कि सरकार में किस कदर भ्रष्टाचार फैला हुआ है।

काश पटेल ने ट्रम्प को बच्चों के बीच लोकप्रिय बनाने के लिए एक किताब द प्लॉट अगेंस्ट द किंग भी लिखी है। इसमें उन्होंने एक जादूगर का किरदार निभाया है, जो हिलेरी क्लिंटन से ट्रम्प को बचाने में उनकी मदद करता है। कहानी के अंत में जादूगर लोगों को यकीन दिलाने में कामयाब हो जाता है कि ट्रम्प ने हिलेरी क्लिंटन को धोखा देकर सत्ता हासिल नहीं की है।

काश पटेल, डोनाल्ड ट्रम्प के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ’ का कामकाज भी देखते हैं। पटेल ने 2022 फीफा विश्व कप के दौरान कतर के लिए सुरक्षा सलाहकार के रूप में भी काम किया था।

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