उत्तर प्रदेश के लखनऊ में कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर 200 रुपए का जुर्माना लगाया है. एसीजेएम कोर्ट ने जुर्माने की रकम वादी के वकील नृपेंद्र पांड को देने का आदेश दिया है. कोर्ट ने यह कार्रवाई राहुल गांधी के व्यक्तिगत रूप से हाजिर नहीं होने पर की है.
यह मामला 17 दिसंबर 2022 को महाराष्ट्र के अकोला में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी द्वारा दिए गए एक विवादित बयान से जुड़ा है। शिकायतकर्ता नृपेंद्र पाडेय का आरोप है कि राहुल गांधी ने स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर का अपमान करते हुए उन्हें “अंग्रेजों का नौकर और पेंशन लेने वाला कहा था। पांडेय का कहना है कि यह बयान समाज में वैमनस्य और घृणा फैलाने के इरादे से दिया गया था। इतना ही नहीं, इस प्रेस कॉन्फेस के दौरान पहले से तैयार पर्च भी पत्रकारों के बीच वितरित किए गए थे, जिससे भारतीय दंड संहिता की धारा 153(ए) और 505 के तहत मामला दर्ज करने की मांग की गई थी।
शिकायतकर्ता वकील नृपेंद्र पांडेय के अनुसार, राहुल गांधी ने 17 दिसंबर 2022 को महाराष्ट्र के अकोला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर पर विवादित बयान दिया था. उन्होंने सावरकर को ‘अंग्रेजों का नौकर’ और ‘पेंशन लेने वाला’ कहा था. जिसके बाद काफी बवाल मचा था और उसी मामले में उनके खिलाफ केस किया गया था. जिसकी सुनवाई लखनऊ की एसीजेएम कोर्ट में चल रही है, हालांकि सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं होने की वजह से कोर्ट ने 200 रुपए का जुर्माना लगाया और उनके पक्ष से पेश होने वाले व्यक्ति को फटकार भी लगाई.








