पटना के एशिया हॉस्पिटल की डायरेक्टर की शनिवार दोपहर करीब 2 बजे उनके ही चैंबर में हत्या कर दी गई। सुरभि को 6 गोलियां मारी गईं। चैंबर अस्पताल के तीसरे फ्लोर पर था। जिस वक्त घटना हुई अस्पताल में मरीज और स्टाफ दोनों मौजूद थे।
हत्या के पीछे किसी अपने का ही हाथ बताया जा रहा है। क्योंकि सुरभि के चैंबर में हर किसी को घुसने की परमिशन नहीं थी। अस्पताल के स्टाफ ने भी किसी को हड़बड़ाकर आते-जाते नहीं देखा।
बताया जा रहा है कि हत्या जिसने भी की वो सुरभि के बेहद करीब था। पूरी प्लानिंग के साथ हत्याकांड को अंजाम दिया गया है। इस बात को सुरभि के पिता भी मानते हैं।
चैंबर से खून से दाग ऐसे साफ किए गए जैसे वहां कुछ हुआ ही ना हो। सुरभि को गोली लगने के 2 घंटे के बाद पुलिस को सूचना दी गई। घटना के कुछ दिन पहले ही हॉस्पिटल के CCTV कैमरों को बदला गया।
पढ़िए सुरभि हत्याकांड के अनसुलझे सवाल…
सवाल नंबर-1 तीसरे फ्लोर पर हत्या हुई किसी को पता नहीं चला
- सुरभि का चैंबर अस्पताल के तीसरे फ्लोर पर था। चैंबर के अंदर किसी को बिना परमिशन घुसने की इजाजत नहीं थी।
- दोपहर के 2 बजे हत्या को अंजाम दिया गया। उस वक्त मरीज और स्टाफ भी मौजूद थे, लेकिन किसी ने ना गोलियों की आवाज सुनी। ना किसी को आते जाते देखा।
सवाल नंबर- 2 पति ने ससुर से क्यों छिपाई गोली लगने की बात
- सुरभि के पति राकेश रौशन अपने ससुराल में ही रहते थे। उन्होंने जब ससुर को कॉल किया तो गोली लगने का जिक्र नहीं किया।
- ससुर के अस्पताल पहुंचने के बाद भी राकेश गोली वाली बात छिपाते रहे। राकेश भी सुरभि के साथ पूरा अस्पताल देखते थे।
सवाल नंबर- 3 चैंबर से खून के निशान क्यों मिटाए गए
- सुरभि की हत्या के बाद पूरे चैंबर से खून के निशान मिटाए गए। अस्पताल की पुरानी दाई को बुलाया गया और सफाई करवाई गई।
- पुलिस जब चैंबर में पहुंची तो वहां खून का कोई निशान नहीं था। जबकि स्टाफ का कहना है कि करीब 3 से 4 लीटर खून बह चुका था।

सवाल नंबर- 4 पुलिस को 2 घंटे बाद सूचना क्यों दी
- सुरभि को गोली लगने के बाद एशिया अस्पताल में ही उसका इलाज शुरू कर दिया गया।
- करीब 2 घंटे बाद यानी 4 बजे के आसपास पुलिस को सूचना दी गई। तब तक क्राइम सीन से खून साफ हो चुका था। सुरभि को लगी 6 बुलेट्स भी निकाली जा चुकी थी। डॉक्टर उसे मृत घोषित कर चुके थे।
सवाल नंबर- 5 कुछ दिन पहले ही क्यों बदले CCTV कैमरे
- एशिया अस्पताल में कुछ दिन पहले ही CCTV कैमरों को बदला गया था। हॉस्पिटल के अंदर एक भी कैमरा काम नहीं कर रहा था।
- अस्पताल के सिर्फ मेन गेट का CCTV काम कर रहा था। अस्पताल से बाहर निकलने के लिए 3 गेट और भी हैं। स्टाफ का कहना है कि अपराधी यहीं से भागे। पुलिस का मानना है कि ये गेट कई दिनों से खुले ही नहीं।
सवाल नंबर- 6 क्या हत्या के पीछे हॉस्पिटल की डील थी
- सुरभि के चैंबर की टेबल पर अकाउंट्स की फाइलें पड़ीं थीं। बताया जा रहा है कि एशिया हॉस्पिटल की डील चल रही थी। सुरभि हत्या से कुछ देर पहले उन्हीं पेपर्स को देख रही थीं।
- कहा ये भी जा रहा है कि सुरभि को अकाउंट्स में घोटालों के बारे में पता चल चुका था, इसलिए प्लानिंग के तहत उन्हें मार दिया गया।
पिता बोले-प्री प्लांड मर्डर, दामाद का कुछ डॉक्टर्स से विवाद था
पटना में शनिवार को एशिया हॉस्पिटल की डायरेक्टर सुरभि राज की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने अस्पताल में घुसकर डायरेक्टर के सिर और सीने में 6 गोलियां मारीं।
घटना दोपहर 3:30 बजे की है। ओपीडी के वक्त मरीजों की काफी भीड़ थी। तभी कुछ लोग डायरेक्टर सुरभि राज के चैंबर में घुसे और ताबड़तोड़ 6-7 गोलियां चला दीं।
पुलिस के मुताबिक, 30 साल की सुरभि को गोली मारने के बाद बदमाशों ने डायरेक्टर के चैंबर को धो दिया। पुलिस के अनुसार, अपराधियों ने सबूत मिटाने की कोशिश की है। इसकी जांच की जा रही है। हत्या की वजह अभी तक साफ नहीं हो पाई है।
एशिया हॉस्पिटल से पटना एम्स ले गए अस्पताल स्टाफ घायल सुरभि को इलाज के लिए पटना एम्स लेकर पहुंचा, लेकिन खून ज्यादा बह जाने से उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही SP (पूर्व), DSP और अगमकुआं थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को भी बुलाया गया। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों को खंगाल रही है। हॉस्पिटल के कुछ कर्मचारियों को हिरासत में लेकर घटनास्थल पर ही पूछताछ चल रही है।
आपसी दुश्मनी और रंगदारी के एंगल से जांच जारी
पुलिस के अनुसार, व्यक्तिगत दुश्मनी, रंगदारी समेत कई एंगल से जांच की जा रही है। पटना सिटी ASP अतुलेश झा ने बताया- ‘कुछ स्टाफ डायरेक्टर के कमरे में गए तो उन्होंने सुरभि राज को अचेत अवस्था में खून से लथपथ पाया। उनको ICU में शिफ्ट किया गया। फिर एम्स ले जाया गया।।’
सुरभि के पिता राजेश सिन्हा ने बताया, ’11 बजे बच्चे-हस्बैंड के साथ निकली थी। मैं 2 बजे घर से निकला था। 3:19 बजे दामाद का कॉल आया। सुरभि बेहोश हो गई है। मैं दौड़ा आया। हाथ में बैग था। मैं गिर गया और मेरा हाथ भी टूट गया। उस समय गोली का पता नहीं चला था। आधे घंटे बाद बोलते हैं कि सिर से छर्रा निकल रहा है। मुझे पता चला कि 6 गोलियां मारी गई हैं। किसी पर कोई शक नहीं है। मुझे लग रहा कि प्री प्लांड मर्डर है। दामाद से कुछ लोगों का विवाद चल रहा था। यहां के डॉक्टर्स से विवाद था। 2017 में शादी हुई थी।’
नर्सिंग स्टाफ दीपक कुमार ने बताया-
हमें इमरजेंसी में कहा गया कि आप लोगों की मीटिंग है। मेदांता से 2 स्टाफ आए थे, वो आपको ट्रेनिंग देंगे। मेदांता से फीमेल और मेल स्टाफ ट्रेनिंग देने आए थे। 3.15 पर मीटिंग खत्म हुई। वो लोग चले गए। हम लोग रुके हुए थे। फिर चैंबर में गए देखने कि कोई है तो नहीं वहां। देखा कि चैंबर में मैडम गिरी हुईं थीं। हम लोगों ने 3.25 के आसपास गेट खोला था। उससे पहले कोई जानकारी नहीं थी। चैंबर में आना-जाना पॉसिबल नहीं है।

हत्या के बाद अस्पताल की तस्वीरें…
कांग्रेस ने कहा- बिहार में आम आदमी के जान की कोई कीमत नहीं
- कांग्रेस प्रवक्ता ज्ञान रंजन ने कहा, ‘बिहार में आदमी की जान की कोई कीमत नहीं है। अपराधी जहां-तहां जाकर हत्या कर रहे हैं। अंधी सरकार और बहरा प्रशासन चापलूसी गिरी में मस्त है।’
- भाजपा प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, ‘सरकार तुरंत कार्रवाई करेगी। 24 घंटे में अपराधी को पाताल से खींचकर निकाला जाएगा। सजा दी जाएगी।’
- राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा- ‘ऐसी घटनाओं के बाद भी ये लोग 2005 के पहले की रट लगाएंगे। बिहार में कैसी सरकार, शासन और प्रशासन है। हत्याएं हो रही हैं और मुख्यमंत्री अचेत अवस्था में हैं।’








