पटना के एशिया अस्पताल की संचालिका डॉ सुरभि राज की हत्या के तीन दिन बाद मुख्य आरोपी को पकड़ने में पुलिस ने सफलता हासिल की है. पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए तकनीकी जांच और साक्ष्य संकलन में अधार पर मृतका के पति और अस्पताल में काम करने वाली एक महिला कर्मचारी और अन्य कर्मचारियों की संलिप्तता की बात कही है. इस हत्याकांड में एशिया अस्पताल के मालिक और मृतिका के पति और देवर समेत एक महिला कर्मचारी और दो अन्य कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है.
पति राकेश रोशन और उनके छोटे भाई गिरफ्तार
इस संबंध में पटना सिटी कस सहायक पुलिस अधीक्षक-1 अतुलेश झा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में सुरभि के पति, देवर और अस्पताल के तीन स्टाफ शामिल हैं. बता दें, डॉ. सुरभि के पति राकेश रोशन 3 भाई हैं. पुलिस ने राकेश और सबसे छोटे भाई अतुल को गिरफ्तार किया है. मंझला भाई मुन्ना प्रॉपर्टी डीलर है. मामले की जांच के दौरान अपराध स्थल से लैपटॉप, विभिन्न सिम कार्ड और अन्य सामान बरामद किए गए और मृतक सुरभि राज का गोली लगा मोबाइल फोन और एक अन्य गिरफ्तार मसूद आलम के प्रस्तुत ईवीआर को गिरफ्तार राकेश रोशन के पास से बरामद किया गया.
मामले में साजिश का शक तब ही गहरा गया था जब घटना के ढाई घंटे बाद अस्पताल के कर्मचारियों द्वारा पुलिस को सूचना दी गई थी. बताया जाता है कि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही अस्पताल के कर्मचारियों ने हत्या से जुड़े सबूतों को भी मिटा दिए थे. नर्सिंग होम में महिला डायरेक्टर को मारी गई 7 गोलियों की आवाज किसी भी कर्मचारी द्वारा नहीं सुने जाने और हत्या से जुड़े साक्ष को मिटा दिए जाने पर पुलिस का शक अस्पताल के कर्मचारियों पर ही गहरा गया और आखिरकार पुलिस ने वैज्ञानिक अनुसंधान कर पूरे मामले का उद्भेदन कर लिया.
सुरभि के पिता राजेश सिन्हा ने मर्डर को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
पुलिस को किसी करीबी के शामिल होने का शक है। वहीं सुरभि के पिता ने अस्पताल के कुछ कर्मचारियों पर साजिश का शक जताया है।
दामाद ने कहा- सुरभि बेहोश हो गई है
सुरभि के पिता राजेश सिन्हा ने बताया, ’11 बजे बच्चे-हस्बैंड के साथ निकली थी। मैं 2 बजे घर से निकला था। 3:19 बजे दामाद का कॉल आया। सुरभि बेहोश हो गई है। मैं दौड़ा आया। हाथ में बैग था। मैं गिर गया और मेरा हाथ भी टूट गया। उस समय गोली का पता नहीं चला था।
‘आधे घंटे बाद बोलते हैं कि सिर से छर्रा निकल रहा है। मुझे पता चला कि 6 गोलियां मारी गई हैं। किसी पर कोई शक नहीं है। मुझे लग रहा कि प्री प्लांड मर्डर है। दामाद से कुछ लोगों का विवाद चल रहा था। यहां के डॉक्टर्स से विवाद था। 2017 में शादी हुई थी।’
पति राकेश रौशन फोर्थ ग्रेड कर्मचारी से हॉस्पिटल मालिक बना
5 साल पहले तक सुरभि राज के पति राकेश बाईपास के एक हॉस्पिटल में फोर्थ ग्रेड कर्मचारी थे। सरकारी मेडिकल स्कीम में सेटिंग करके अस्पताल को करोड़ों रुपए का मुनाफा देने लगे। हॉस्पिटल लॉबी में पकड़ मजबूत होती चली गई।
बाद में अपना हॉस्पिटल खोल लिया। राकेश रियल स्टेट के धंधे में भी शामिल हैं। सूत्रों की मानें तो अस्पताल में अक्सर एक महिला डॉक्टर आती थी। इस बात को लेकर पति-पत्नी के बीच लड़ाई-झगड़े होते हैं। हालांकि इस पर कोई खुलकर कुछ नहीं बोल रहा है। महिला डॉक्टर अस्पताल में क्यों आती थी। ये जांच का विषय है। पुलिस इस एंगल से भी पड़ताल कर रही है।
हत्या में किसी अपने के शामिल होने की आशंका
पुलिस जिस तरह से हॉस्पिटल के कर्मियों से लगातार पूछताछ कर रही थी, ऐसे में साजिश में किसी अपने का हाथ होने से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। घटना के बाद जिस तरह से अस्पताल प्रशासन की गतिविधि रही, उससे पुलिस का शक और भी गहरी हो गया है।
सूत्रों की मानें तो पुलिस इस एंगल पर सबसे अधिक जोर दे रही है। हत्या के पीछे कहीं किसी अपने की साजिश तो नहीं है।








