भारत-चीन दोस्ती की 75वीं वर्षगांठ मनाई ……………

भारत की दोस्ती जितनी खूबसुरत है, दुश्मनी उतनी ही खतरनाक. गलवान में चीन यह बात समझ चुका है. 2020 में गलवान घाटी में पीएलए सैनिकों की हिमाकत का भारत ने मुंहतोड़ जवाब दिया. ड्रैगन के सैनिकों की लाशें बिछा दीं. इसके बाद भारत और चीन के रिश्तों पर सालों तक बर्फ जम गई. लेकिन अमेरिका […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
बुधवार, 2 अप्रैल 2025, 05:12 AM 4 मिनट read
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भारत-चीन दोस्ती की 75वीं वर्षगांठ मनाई ……………
Photo: UB India News Archive

भारत की दोस्ती जितनी खूबसुरत है, दुश्मनी उतनी ही खतरनाक. गलवान में चीन यह बात समझ चुका है. 2020 में गलवान घाटी में पीएलए सैनिकों की हिमाकत का भारत ने मुंहतोड़ जवाब दिया. ड्रैगन के सैनिकों की लाशें बिछा दीं. इसके बाद भारत और चीन के रिश्तों पर सालों तक बर्फ जम गई. लेकिन अमेरिका को टक्कर देने का सपना देखने वाले चीन को पता है कि भारत से दुश्मनी लेकर उसका भला नहीं हो पाएगा. यही वजह है कि जब उसने दोस्ती की राह में दो कदम आगे बढ़ाए तो भारत ने भी खुले दिल से उसका स्वागत किया और अपनी ओर से चार कदम आगे बढ़ा दिए. जी हां, भारत ने चीन के साथ वह किया है, जिसकी उम्मीद खुद शी जिनपिंग को भी नहीं रही होगी. दरअसल, भारत ने चीन को बताया है कि दोस्ती में कोई छोटा और बड़ा नहीं होता. इसलिए जिस चीनी मंच पर चीन के साथ भारत के किसी सचिव को होना चाहिए था, वहां खुद विदेश सचिव विक्रम मिसरी मौजूद थे.

सबसे पहले जानते हैं कि भारत ने चीन संग अभी क्या किया. दरअसल, मंगलवार को चीनी दूतावास में एक कार्यक्रम था. यह कार्यक्रम दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर था. इसका मकसद था दोस्ती का जश्न. भारत और चीन के बीच कूटनीतिक संबंधों के 75 साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में भारत की ओर से खुद विदेश सचिव विक्रम मिसरी पहुंचे थे. यहां ध्यान देने वाली बात है कि आमतौर पर ऐसे कार्यक्रम में सचिव लेवल के अधिकारी ही जाते हैं. मगर यह पहली बार है कि जब विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने चीनी दूतावास की ओर से आयोजित किसी कार्यक्रम में भाग लिया.

लिया.

Foreign secretary-

भारत-चीन की दोस्ती का जश्न मनाते विदेश सचिव विक्रम मिसरी

चीन की उम्मीद को चकमा
इस कार्यक्रम में खुद विदेश सचिव विक्रम मिसरी आएंगे, इसकी उम्मीद तो चीन को भी नहीं रही होगी. मगर पीएम मोदी ऐसे ही सरप्राइज के लिए तो जाने जाते हैं. उन्होंने जयशंकर के राइट हैंड विक्रम मिसरी को भेजकर चीन को बता दिया कि दोस्ती में कोई छोटा-बड़ा नहीं होता. अगर चीन दोस्ती का हाथ बढ़ाएगा तो भारत उससे ज्यादा दोस्ती निभाएगा. विक्रम मिसरी जब कार्यक्रम में पहुंचे तो मंच की शोभा बढ़ गई. चीनी दूतावास का माहौल बेहद जोशीला हो गया. भारत के विदेश सच‍िव विक्रम मिसरी और चीन के राजदूत झू फैहोंग ने दोस्ती की 75वीं वर्षगांठ पर केक काटा. फिर ग्लास टकराकर दोस्ती का जश्न मनाया.

India China Relations

भारत के विदेश सच‍िव विक्रम मिसरी और चीन के राजदूत केक काटते हुए.

क्यों खास है यह तस्वीर
इस कार्यक्रम की जो तस्वीरें आई हैं, उसमें भारत-चीन के बीच दोस्ती के नए अध्याय की झलक दिखती है. ऐसा लग रहा है कि भारत और चीन दोनों कह रहे हैं- छोड़ो कल की बातें, कल की बात पुरानी… नए दौर में लिखेंगे हम मिलकर नई कहानी. इस दौरान विक्रम मिसरी ने मंच से भारत की मंशा भी साफ कर दी. चीन को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि भारत और चीन का रिश्ता म्‍यूचुअल इंट्रेस्‍ट, म्‍यूचुअल इंट्रेस्‍ट और म्‍यूचुअल सेंसिटिविटी पर टिका है. जब तक यह तीनों बना रहेगा, रिश्ते बने रहेंगे. दरअसल बीते कुछ समय में भारत और चीन के रिश्तों में मिठास आई है. दोनों देश सीमा विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत का सहारा ले रहे हैं. पीएम मोदी और शी जिनपिंग के कजान में मुलाकात के बीच चीन-भारत के रिश्तों में बहुत मिठास आई है.

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