3 देशों में रहते हैं दुनिया के 50% अरबपति…………

दुनिया की दिग्गज बिजनेस मैगजीन फोर्ब्स ने सबसे ज्यादा अरबपतियों वाले देशों की ताजा लिस्ट जारी की है। फोर्ब्स वर्ल्ड्स बिलियनेयर्स 2025 के अनुसार, दुनियाभर में 3000 से ज्यादा अरबपतियों की कुल संपत्ति बढ़कर 16.1 ट्रिलियन डॉलर हो गई है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इन 3000 से ज्यादा अरबपतियों में से 50 प्रतिशत अरबपति […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
गुरुवार, 3 अप्रैल 2025, 06:56 AM 3 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
3 देशों में रहते हैं दुनिया के 50% अरबपति…………
Photo: UB India News Archive

दुनिया की दिग्गज बिजनेस मैगजीन फोर्ब्स ने सबसे ज्यादा अरबपतियों वाले देशों की ताजा लिस्ट जारी की है। फोर्ब्स वर्ल्ड्स बिलियनेयर्स 2025 के अनुसार, दुनियाभर में 3000 से ज्यादा अरबपतियों की कुल संपत्ति बढ़कर 16.1 ट्रिलियन डॉलर हो गई है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इन 3000 से ज्यादा अरबपतियों में से 50 प्रतिशत अरबपति सिर्फ 3 देशों- संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन और भारत में हैं। अरबपतियों की सबसे ज्यादा संपत्ति के मामले में भी यही 3 देश टॉप पर हैं।

फोर्ब्स की ताजा लिस्ट में 3028 बिजनेसमैन शामिल

फोर्ब्स की वर्ल्ड्स बिलियनेयर्स 2025 की लिस्ट में 3028 बिजनेसमैन शामिल हैं। इस लिस्ट में पिछले साल की तुलना में 247 अरबपति बढ़ गए हैं। इन अरबपतियों की कुल संपत्ति में 2 ट्रिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद इन सभी अरबपतियों की कुल संपत्ति बढ़कर अब 16.1 ट्रिलियन डॉलर हो गई है।

अमेरिका में सबसे ज्यादा 902 अरबपति

फोर्ब्स वर्ल्ड्स बिलियनेयर्स 2025 में संयुक्त राज्य अमेरिका 902 अरबपतियों (पिछले साल 813) के साथ इस लिस्ट में सबसे ऊपर है। लिस्ट में दूसरे स्थान पर चीन (हांगकांग सहित) में 516 अरबपति हैं। भारत इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर है। भारत में कुल अरबपतियों की संख्या 205 है। अमेरिका में अरबपतियों की कुल संपत्ति 6.8 ट्रिलियन डॉलर है। इतना ही नहीं, फोर्ब्स वर्ल्ड्स बिलियनेयर्स 2025 की टॉप 10 लिस्ट में से 8 अरबपति अमेरिका से ही हैं। चीन के 450 अरबपतियों (पिछले साल 406) की कुल संपत्ति 1.7 ट्रिलियन डॉलर है।

भारत में अरबपतियों की संपत्ति में गिरावट

लिस्ट में तीसरे स्थान पर भारत है, जिसके कुल 205 अरबपतियों (पिछले साल 200) की कुल संपत्ति 941 बिलियन डॉलर है। बताते चलें कि इस साल भारत के अरबपतियों की संपत्ति में गिरावट दर्ज की गई है, जो पिछले साल 954 बिलियन डॉलर थी। दरअसल, मुकेश अंबानी ($92.5 बिलियन) और गौतम अडानी ($56.3 बिलियन), दोनों की संपत्ति में अलग-अलग वजहों से $20 बिलियन से ज्यादा घट गई।

टॉप 10 की लिस्ट में कौन-सा देश कहां

फोर्ब्स वर्ल्ड्स बिलियनेयर्स 2025 की लिस्ट में चौथे स्थान पर जर्मनी है, जहां 793 बिलियन डॉलर की कुल संपत्ति के साथ 171 अरबपति रहते हैं। रूस 5वें स्थान पर है, जहां 140 अरबपति हैं और उनकी कुल संपत्ति 580 बिलियन डॉलर है। लिस्ट में छठे स्थान पर कनाडा है, जहां कुल 76 अरबपति हैं और उनकी कुल संपत्ति 359 बिलियन डॉलर है। इटली 7वें स्थान पर है। यहां 74 अरबपति हैं और उनकी कुल संपत्ति 339 बिलियन डॉलर है। हॉन्ग कॉन्ग 8वें स्थान पर है, जहां 66 अरबपति हैं और उनकी कुल संपत्ति 335 बिलियन डॉलर है। लिस्ट में 9वें स्थान पर ब्राजील है, जहां कुल 56 अरबपति हैं और उनकी कुल संपत्ति 212 बिलियन डॉलर है। 10वें नंबर पर यूनाइटेड किंगडम है, जहां 238 बिलियन डॉलर की कुल संपत्ति के साथ 55 अरबपति हैं।

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू
खास खबर

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू

राष्ट्रपति ट्रंप ने सबसे बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान का खार्ग द्वीप पूरी तबाह कर दिया गया है. हालांकि अभी ईरान ने इसकी पुष्टि नहीं की है. ट्रंप ने हमले की एआई वीडियो भी जारी की है.

UB India News31 अग॰
युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत
खास खबर

युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत

सोमवार यानी 31 अगस्त को देश के जीडीपी के आंकड़े आने वाले हैं. उम्मीद की जा रही है कि देश की रफ्तार 7% से ज्यादा रह सकती है. वैसे मिडिल ईस्ट वॉर, महंगाई के अलावा फैक्टर्स चुनौतियां बनी हुई हैं. लोन ग्रोथ और कॉरेपोरेट इनकम देश की ग्रोथ को सहारा दे सकते हैं. क्या चुनौतियों के बाद भी देश की इकोनॉमिक ग्रोथ 7% रह सकती है?

UB India News31 अग॰
नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…
खास खबर

नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…

पाल-तिब्बत सीमा के पास भोटेकोशी नदी में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने दोनों ही देशों के इलाकों में भीषण तबाही मचाई है। इस बाढ़ में अब तक 804 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3000 से ज्यादा अब भी लापता हैं। नेपाल-तिब्बत में विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

UB India News31 अग॰
ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा
खास खबर

ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन के बीच बिश्केक में मुलाकात होने वाली है. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद ये पहली बार होगा, जब दोनों देशों के नेता आमने-सामने मिलने वाले हैं. ऐसे में पूरी दुनिया की नजर इस द्विपक्षीय वार्ता पर होगी.

UB India News31 अग॰
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰