अमेरिकी टैरिफ का असर होगा, पर आसमान नहीं गिरेगा………….

अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ को लेकर ट्रेड वॉर की संभावना बढ़ गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि अगर चीन अमेरिका पर लगाया गया 34% टैरिफ वापस नहीं लेता है तो उस पर बुधवार से 50% एक्स्ट्रा टैरिफ लागू होगा। इसे लेकर चीन ने […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
मंगलवार, 8 अप्रैल 2025, 05:53 AM 6 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
अमेरिकी टैरिफ का असर होगा, पर आसमान नहीं गिरेगा………….
Photo: UB India News Archive

अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ को लेकर ट्रेड वॉर की संभावना बढ़ गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि अगर चीन अमेरिका पर लगाया गया 34% टैरिफ वापस नहीं लेता है तो उस पर बुधवार से 50% एक्स्ट्रा टैरिफ लागू होगा।

इसे लेकर चीन ने कहा है कि हमारे ऊपर लगे टैरिफ को और बढ़ाने की धमकी देकर अमेरिका गलती के ऊपर गलती कर रहा है। इस धमकी से अमेरिका का ब्लैकमेलिंग करने वाला रवैया सामने आ रहा है। चीन इसे कभी स्वीकार नहीं करेगा। अगर अमेरिका अपने हिसाब से चलने की जिद करेगा तो चीन भी आखिर तक लड़ेगा।

चीन बोला- अमेरिकी टैरिफ से हम पर आसमान नहीं गिरेगा

रविवार को चीन ने दुनिया के लिए साफ संदेश भेजा था- ‘अगर ट्रेड वॉर हुआ, तो चीन पूरी तरह तैयार है- और इससे और मजबूत होकर निकलेगा।’ चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र पीपल्स डेली ने रविवार को एक टिप्पणी में लिखा: ‘अमेरिकी टैरिफ का असर जरूर होगा, लेकिन ‘आसमान नहीं गिरेगा।’

इसमें यह भी कहा गया:

QuoteImage

2017 में अमेरिका की तरफ से पहले ट्रेड वॉर की शुरुआत के बाद से चाहे अमेरिका ने जितना भी दबाव डाला हो, हमने लगातार विकास किया है और आगे बढ़े हैं। हमने लचीलापन दिखाया है। जितना ज्यादा दबाव आता है, हम उतने ही मजबूत बनते हैं।

QuoteImage

चीनी विदेश मंत्रालय बोला- हम दुनिया के लिए दरवाजे खोलते रहेंगे

चीन के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में कहा, ‘दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और उपभोक्ता बाजार होने के नाते, चीन अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बदलने के बावजूद दुनिया के लिए अपने दरवाजे खोलता रहेगा।’

चीन के वाणिज्य मंत्रालय के उपमंत्री लिंग जी ने रविवार को अमेरिका से फंडिंग पाने वाली 20 कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इनमें टेस्ला और GE हेल्थकेयर जैसी बड़ी कंपनियां शामिल थीं। लिंग ने चीन को निवेश के लिए एक ‘आदर्श, सुरक्षित और संभावनाओं से भरा हुआ’ स्थान बताया।

रविवार को चीन की कॉमर्स मिनिस्ट्री ने अमेरिका से फंडिंग पाने वाली 20 कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।
रविवार को चीन की कॉमर्स मिनिस्ट्री ने अमेरिका से फंडिंग पाने वाली 20 कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।

चीन के अलावा बाकी देशों के साथ बातचीत करने को तैयार ट्रम्प

ट्रम्प ने सोमवार को कहा, ‘मैंने चेतावनी दी थी कि कोई भी देश जो अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करेगा, उसे तुरंत नए और काफी ज्यादा टैरिफ का सामना करना पड़ेगा, जो शुरुआत में तय किए गए टैरिफ से ज्यादा होंगे।

इसके अलावा हमारी चीन के साथ तय बैठकों को रोक दिया जाएगा और वो अन्य देशों, जिन्होंने बैठकों का अनुरोध किया है, उनसे बातचीत तुरंत शुरू हो जाएगी।’

किसी देश पर जैसे को तैसा टैरिफ नहीं रोकेंगे ट्रम्प

ट्रम्प किसी भी देश पर रेसिप्रोकल (जैसे को तैसा) टैरिफ को नहीं रोकेंगे। व्हाइट हाउस ने उन सभी खबरों को खारिज कर दिया है जिनमें दावा किया गया था कि ट्रम्प चीन को छोड़कर सभी देशों पर 90 दिनों तक रेसिप्रोकल टैरिफ रोकने पर विचार कर रहे हैं।

दूसरी तरफ, यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सोमवार को कहा कि यूरोपीय यूनियन (EU) अमेरिका के साथ समझौते के लिए तैयार है। EU ने अमेरिका को इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स पर टैरिफ हटाने की पेशकश की है।

ब्रुसेल्स में बोलते हुए उर्सुला ने कहा कि इन टैरिफ की वजह से सबसे पहले अमेरिकी उपभोक्ताओं और व्यापारियों को भारी लागत उठानी पड़ती है, लेकिन इनका दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ता है।

ट्रम्प बोले- अमेरिका में कोई महंगाई नहीं ट्रम्प ने सोमवार को कहा कि ग्लोबल मार्केट में भारी गिरावट के बावजूद अमेरिका में कोई महंगाई नहीं है। उन्होंने पिछले अमेरिकी नेताओं पर आरोप लगाया कि उनकी गलत नीतियों की वजह से चीन जैसे देशों को अमेरिका का फायदा उठाने का मौका मिला।

दुनिया भर के बाजारों में जारी गिरावट पर बोलते हुए ट्रम्प ने कहा कि तेल की कीमतें कम हो गई हैं, ब्याज दरें घट गई हैं, फूड प्रोडक्ट्स की कीमतें घट गई है, कोई महंगाई नहीं है।

ट्रम्प ने यह भी कहा कि चीन उनकी चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए अमेरिका के खिलाफ टैरिफ में 34% वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि पहले से लागू टैरिफ से अमेरिका को हर हफ्ते अरबों डॉलर का राजस्व मिल रहा है।

रविवार को ट्रम्प ने कहा था मार्केट क्रैश से फर्क नहीं पड़ता इससे पहले ट्रम्प ने रविवार को अमेरिका और दुनियाभर के बाजारों में आई गिरावट पर कहा था कि ‘कभी-कभी किसी चीज को ठीक करने के लिए दवा लेनी पड़ती है।’

रॉयटर्स के मुताबिक, ट्रम्प ने कहा कि दूसरे देशों ने हमारे साथ बहुत बुरा बर्ताव किया, क्योंकि हमारा नेतृत्व मूर्खतापूर्ण था, जिसने ऐसा होने दिया।

वहीं, अमेरिका और दुनियाभर में ट्रेड मार्केट्स में मची उथल-पुथल पर ट्रम्प ने कहा, ‘बाजारों के साथ आगे क्या होगा, मैं नहीं कह सकता, लेकिन हमारा देश अब कहीं ज्यादा मजबूत है। मुझे मार्केट क्रैश से फर्क नहीं पड़ा है क्योंकि ये कुछ ही समय के लिए है। फिर सब नॉर्मल हो जाएगा।’

अमेरिका में प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए ट्रम्प ने रेसिप्रोकल टैक्स लगाया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 2 अप्रैल को दूसरे देशों पर लगाया जाने वाला रेसिप्रोकल टैक्स का ऐलान किया था। इसमें भारत पर 26% टैरिफ लगाए जाने की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत बहुत सख्त है। मोदी मेरे अच्छे दोस्त हैं, लेकिन हमारे साथ सही व्यवहार नहीं कर रहे हैं।

भारत के अलावा चीन पर 34%, यूरोपीय यूनियन पर 20%, साउथ कोरिया पर 25%, जापान पर 24%, वियतनाम पर 46% और ताइवान पर 32% टैरिफ लगेगा। अमेरिका ने करीब 60 देशों पर उनके टैरिफ की तुलना में आधा टैरिफ लगाने का फैसला किया है।

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू
खास खबर

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू

राष्ट्रपति ट्रंप ने सबसे बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान का खार्ग द्वीप पूरी तबाह कर दिया गया है. हालांकि अभी ईरान ने इसकी पुष्टि नहीं की है. ट्रंप ने हमले की एआई वीडियो भी जारी की है.

UB India News31 अग॰
युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत
खास खबर

युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत

सोमवार यानी 31 अगस्त को देश के जीडीपी के आंकड़े आने वाले हैं. उम्मीद की जा रही है कि देश की रफ्तार 7% से ज्यादा रह सकती है. वैसे मिडिल ईस्ट वॉर, महंगाई के अलावा फैक्टर्स चुनौतियां बनी हुई हैं. लोन ग्रोथ और कॉरेपोरेट इनकम देश की ग्रोथ को सहारा दे सकते हैं. क्या चुनौतियों के बाद भी देश की इकोनॉमिक ग्रोथ 7% रह सकती है?

UB India News31 अग॰
नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…
खास खबर

नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…

पाल-तिब्बत सीमा के पास भोटेकोशी नदी में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने दोनों ही देशों के इलाकों में भीषण तबाही मचाई है। इस बाढ़ में अब तक 804 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3000 से ज्यादा अब भी लापता हैं। नेपाल-तिब्बत में विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

UB India News31 अग॰
ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा
खास खबर

ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन के बीच बिश्केक में मुलाकात होने वाली है. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद ये पहली बार होगा, जब दोनों देशों के नेता आमने-सामने मिलने वाले हैं. ऐसे में पूरी दुनिया की नजर इस द्विपक्षीय वार्ता पर होगी.

UB India News31 अग॰
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰