महागठबंधन की चाल नीतीश कुमार के चुनावी विसात को वेध पाएगी !

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की योजनाओं के जरिए किसी खास वर्ग या जाति को प्रभावित करना उनकी राजनीति की पुरानी शैली रही है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले नीतीश कुमार ने इसीलिए युवा वर्ग को अपने पाले में करने विभिन्न विभागों में नौकरियों की बरसात कर दी। इन दिनों महागठबंधन के भीतर दलित गोलबंदी की […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
मंगलवार, 15 अप्रैल 2025, 05:21 AM 5 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
महागठबंधन की चाल नीतीश कुमार के चुनावी विसात को वेध पाएगी !
Photo: UB India News Archive

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की योजनाओं के जरिए किसी खास वर्ग या जाति को प्रभावित करना उनकी राजनीति की पुरानी शैली रही है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले नीतीश कुमार ने इसीलिए युवा वर्ग को अपने पाले में करने विभिन्न विभागों में नौकरियों की बरसात कर दी। इन दिनों महागठबंधन के भीतर दलित गोलबंदी की जद्दोजहद साफ दिख रही है। राष्ट्रीय कांग्रेस ने बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावारु और प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार के हाथ कमान सौंपी तो लालू प्रसाद यादव ने अपनी छतरी तले पशुपति पारस को ला कर एक चुनौती तो दे ही दी है।

पशुपति और राजेश के तेवर भी कड़े
राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष पशुपति पारस ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला कर यह तो अपरोक्ष रूप से बता दिया कि उनकी भूमिका वही होने जा रही है, जो साल 2020 के विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान ने निभाई। साल 2020 के विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान के निशाने पर कौन थे, यह अब तो सबको पता है। परिणाम यह आया कि लोजपा (रामविलास) को भले ही एक सीट पर जीत मिली, बाद में उस विधायक ने भी पाला बदल लिया। लेकिन चिराग ने बिहार की नंबर एक पार्टी JDU को तीसरे नंबर पर धकेलवाने का काम कर दिया। अब देखना होगा कि पशुपति पारस के अकेले चुनाव लड़ने की मंशा क्या है? हालांकि अपने बयान में उन्होंने संकेत दे डाले हैं।

पशुपति ने नीतीश और बीजेपी दोनों से मोल ली दुश्मनी
पशुपति कुमार पारस ने कहा कि ‘हमारी पार्टी एनडीए अलायंस की वफादार सहयोगी थी। राष्ट्रहित में हमने 2024 के लोकसभा चुनाव में एनडीए का साथ दिया। लेकिन इसके बावजूद, जब भी एनडीए की बैठकें हुईं, बयान आया कि बीजेपी, जदयू, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा, और लोकजनशक्ति (रामविलास (लेकिन हमारी पार्टी का नाम तक नहीं लिया गया। अब बिहार की सभी 243 विधानसभा सीटों पर अपनी ताकत को मजबूत करेगी। अगर महागठबंधन (RJD-कांग्रेस) से उचित सम्मान और समय पर प्रस्ताव मिलता है, तो भविष्य में गठबंधन पर विचार करेंगे क्योंकि NDA में हमारे साथ अन्याय हुआ है।’

इसलिए बढ़ी पारस की नाराजगी
उनकी नाराजगी तब और बढ़ गई जब एनडीए ने अपनी बैठकों में ‘पांच पांडव’ का जिक्र किया, जिसमें रालोजपा(राष्ट्रीय लोक जनकशक्ति पार्टी) को शामिल नहीं किया गया। यह साफ था कि बीजेपी ने चिराग को प्राथमिकता दी, और पशुपति पारस को हाशिए पर धकेल दिया गया। पशुपति पारस इतना कुछ कह रहे हैं तो उसके पीछे बिहार में पासवान समुदाय का 5-6% वोट है। पारस इस जाति के जितना भी वोट हासिल करेंगे, उससे एनडीए को नुकसान होगा।

राहुल की नीति से कितना होगा फायदा?
दूसरी ओर कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्ण अल्लावारू और प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार के निशाने पर दलित वोट हैं। वैसे भी राहुल गांधी के निशाने पर कांग्रेस के विरासत वाली वह वोट है जो नेहरू युग से कांग्रेस के साथ रहा यानि दलित और सवर्ण मत। कृष्णा , राजेश कुमार और कन्हैया से इस वोट को ज्यादा से ज्यादा हासिल करने का लक्ष्य है।अब यह तो समय बताएगा कि आगामी विधान सभा चुनाव में राहुल की नीति कितना सही हुई।

नीतीश कुमार का प्लान ‘DM’!
इसीलिए नीतीश कुमार ने अपने प्लान DM यानी दलित मुस्लिम को एक्टिव कर दिया है। महागठबंधन की राजनीति की चाल समझ नीतीश कुमार ने बिहार की चुनावी विसात पर सुविधाओं की बाजी खेल डाली। इस बाजी के अनुसार इस साल मई के अंत तक राज्य के सभी अनुसूचित जाति-जनजाति के सुयोग्य श्रेणी के परिवारों को घर बनाने के लिए जमीन मिल जाएगी। इसके लिए सरकार की ओर से सोमवार को अंबेडकर समग्र सेवा अभियान शुरू किया गया है।अभियान के दौरान राज्य के सभी अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति टोले में प्रत्येक सप्ताह बुधवार और शनिवार को शिविर आयोजन कर यह लाभ दिया जाएगा। इतना ही नहीं इस वर्ग के वैसे सभी व्यक्त्तियों को गृह स्थल का पर्चा उपलब्ध कराया जाएगा।

नीतीश ने कर दी योजनाओं की बरसात
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नाराज मुस्लिमों को साधने के लिए भी योजनाओं की बरसात कर दी। इस दौरैन मुस्लिम के एक बड़ा वर्ग यानी पसमांदा मुस्लिम पर नीतीश ने डोरे डाले। इसी तरह जब युवाओं को साधने महागठबंधन के दल अपने अपने तरीके से पद यात्रा करने लगे तो नीतीश कुमार ने स्वास्थ्य, शिक्षा, जल संसाधन समेत अन्य विभागों के जरिए युवाओं को विभिन्न पद हेतु नियुक्ति पत्र तक थमाया। बहरहाल नीतीश कुमार अपने ढंग से महागठबंधन केी हर चाल के विरुद्ध जवाब बन कर खड़े हो चुके हैं।

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू
खास खबर

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू

राष्ट्रपति ट्रंप ने सबसे बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान का खार्ग द्वीप पूरी तबाह कर दिया गया है. हालांकि अभी ईरान ने इसकी पुष्टि नहीं की है. ट्रंप ने हमले की एआई वीडियो भी जारी की है.

UB India News31 अग॰
युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत
खास खबर

युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत

सोमवार यानी 31 अगस्त को देश के जीडीपी के आंकड़े आने वाले हैं. उम्मीद की जा रही है कि देश की रफ्तार 7% से ज्यादा रह सकती है. वैसे मिडिल ईस्ट वॉर, महंगाई के अलावा फैक्टर्स चुनौतियां बनी हुई हैं. लोन ग्रोथ और कॉरेपोरेट इनकम देश की ग्रोथ को सहारा दे सकते हैं. क्या चुनौतियों के बाद भी देश की इकोनॉमिक ग्रोथ 7% रह सकती है?

UB India News31 अग॰
नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…
खास खबर

नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…

पाल-तिब्बत सीमा के पास भोटेकोशी नदी में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने दोनों ही देशों के इलाकों में भीषण तबाही मचाई है। इस बाढ़ में अब तक 804 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3000 से ज्यादा अब भी लापता हैं। नेपाल-तिब्बत में विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

UB India News31 अग॰
ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा
खास खबर

ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन के बीच बिश्केक में मुलाकात होने वाली है. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद ये पहली बार होगा, जब दोनों देशों के नेता आमने-सामने मिलने वाले हैं. ऐसे में पूरी दुनिया की नजर इस द्विपक्षीय वार्ता पर होगी.

UB India News31 अग॰
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰