चीन ने सोशल मीडिया पर वीडियो के जरिए अमेरिकी कंपनियों की खोल दी पोल …………

अमेरिका और चीन के बीच इस समय भयंकर वाला ट्रेड वार चल रहा है, दोनों देश एक-दूसरे पर टैरिफ लगा रहे हैं। अमेरिका ने बीते दिन चीनी प्रोडक्ट्स पर 245 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है तो वहीं चीन ने भी इसके जवाब में 125 फीसदी टैरिफ का आदेश जारी कर दिया। हालांकि चीन ने अपने […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
गुरुवार, 17 अप्रैल 2025, 11:07 AM 3 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
चीन ने सोशल मीडिया पर वीडियो के जरिए अमेरिकी कंपनियों की खोल दी पोल …………
Photo: UB India News Archive

अमेरिका और चीन के बीच इस समय भयंकर वाला ट्रेड वार चल रहा है, दोनों देश एक-दूसरे पर टैरिफ लगा रहे हैं। अमेरिका ने बीते दिन चीनी प्रोडक्ट्स पर 245 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है तो वहीं चीन ने भी इसके जवाब में 125 फीसदी टैरिफ का आदेश जारी कर दिया। हालांकि चीन ने अपने एक बयान में कहा कि अगर ट्रंप चीन के प्रति रिस्पेक्ट दिखाएंगे तो वह बातचीत के लिए तैयार है। इसी बीच चीन को टैरिफ वॉर में उसके नागरिकों का भी समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है।

चाइनीज सोशल मीडिया पर लोगों ने वीडियो बनाए और दावा किया कि Gucci, Dior और Chanel जैसे लग्जरी ब्रांड चीन में ही अपना सामान बनवाते हैं और फिर अपने देश में अपनी कंपनी का लोगो बनाकर मोटा मुनाफा कमाते हैं। इसे दावे के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें होने लगीं। साथ ही दावा किया गया कि उन्हें अमेरिकन लोगों का सपोर्ट भी मिलने लगा।

चीन में ही Chanel, L’OREAL जैसी कंपनियों के बनते हैं सामान?

सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में कहा गया कि आपको पता है कि Chanel, Estee Lauder और L’OREAL जैसी कंपनियों के लिए महंगे समान कौन बनाता है। वीडियो में एक महिला से बात करते हुए कहा कि आप कह रही हैं आप इन कंपनियों को ये सारे ब्यूटी एसेसीरिज बनाकर देती है। वीडियो में LA PRAIRIE, MAC, Shu uemura, Bobbi brown और Rosewood hotel नाम के कुछ प्रोडक्ट भी दिखाए गए। महिला ने जवाब देते हुए कहा कि हमें L’OCCITANE से भी ऑर्डर मिलते हैं। इसके बाद वीडियो में फैक्ट्री भी दिखाई गई और काम करने के तरीके को भी समझाया गया।

NIKE, Adidas और FILA  को लेकर भी दावा

आगे एक और वीडियो में कहा गया कि क्या आप जानते हैं NIKE, Adidas, FILA और UGG के जूते कौन बनाता है। वीडियो में कहा गया कि NIKE के लिए चीन के फुजिआन में FJF ग्रुप जूते बनाती है। ये चीन में सबसे बड़ी फैक्ट्री है। इसके बाद दूसरी बड़ी कंपनी जो Adidas के लिए जूते बनाती है, उसका नाम POU CHEN Group है। आगे दावा किया गया कि UGG के लिए जूते चीन की Henglong Group बनाती है, आगे कहा कि Fila के लिए जूते चीन की Shengtai Group बनाती है।

Gucci, Plada, Coach और Louis Vuitton के सामान पर भी दावा

एक अन्य वीडियो में तो कहा गया कि Gucci, Plada, Coach, Louis Vuitton के बैग भी चीन बनाता है, वह भी बहुत सस्ते में। आगे वीडियो में कहा कि हमें गर्व है कि हम सबसे बेहतरीन क्वालिटी के प्रोडक्ट बनाते हैं, हमारे पास क्वालिटी कंट्रोल है और बेस्ट क्राफ्ट्समैन है। साथ ही हमारे पास पूरी सप्लाई चेन है, हमें जो चाहिए होता है वह मिलता है। अब मेरिकी और उनके छोटे भाई यूरोप चीन के सामान यूज नहीं करना चाहते हैं, आपको नहीं लगता कि आपके लग्जरी ब्रांड्स की फैक्ट्री चीन से नहीं जाना चाहते। जी बिल्कुल वे जाना चाहते हैं लेकिन वे फेल हो रहे क्योंकि चीन के बाहर उन्हे ओईएम फैक्ट्री नहीं मिल रहे और न ही उनके पास क्वालिटी कंट्रोल है।

हालांकि कई रिपोर्ट में कुछ ब्रांड्स ने इन दावों को सिरे से नाकार दिया।

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू
खास खबर

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू

राष्ट्रपति ट्रंप ने सबसे बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान का खार्ग द्वीप पूरी तबाह कर दिया गया है. हालांकि अभी ईरान ने इसकी पुष्टि नहीं की है. ट्रंप ने हमले की एआई वीडियो भी जारी की है.

UB India News31 अग॰
युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत
खास खबर

युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत

सोमवार यानी 31 अगस्त को देश के जीडीपी के आंकड़े आने वाले हैं. उम्मीद की जा रही है कि देश की रफ्तार 7% से ज्यादा रह सकती है. वैसे मिडिल ईस्ट वॉर, महंगाई के अलावा फैक्टर्स चुनौतियां बनी हुई हैं. लोन ग्रोथ और कॉरेपोरेट इनकम देश की ग्रोथ को सहारा दे सकते हैं. क्या चुनौतियों के बाद भी देश की इकोनॉमिक ग्रोथ 7% रह सकती है?

UB India News31 अग॰
नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…
खास खबर

नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…

पाल-तिब्बत सीमा के पास भोटेकोशी नदी में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने दोनों ही देशों के इलाकों में भीषण तबाही मचाई है। इस बाढ़ में अब तक 804 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3000 से ज्यादा अब भी लापता हैं। नेपाल-तिब्बत में विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

UB India News31 अग॰
ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा
खास खबर

ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन के बीच बिश्केक में मुलाकात होने वाली है. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद ये पहली बार होगा, जब दोनों देशों के नेता आमने-सामने मिलने वाले हैं. ऐसे में पूरी दुनिया की नजर इस द्विपक्षीय वार्ता पर होगी.

UB India News31 अग॰
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰