कहां छिपा है पाकिस्तान का परमाणु भंडार?

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत बेहद गुस्से में है. सरकार ने कई कठोर कदम भी उठाए हैं, जिससे पाकिस्तान बुरी तरह बौखलाया हुआ है और वहां के मंत्री आए दिन अपनी भड़ास निकाल रहे हैं. इस बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने ऐसा बयान दिया है, जिसके बाद न्यूक्लियर वॉर की चर्चा होने लगी है. […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
मंगलवार, 29 अप्रैल 2025, 09:31 AM 4 मिनट read
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कहां छिपा है पाकिस्तान का परमाणु भंडार?
Photo: UB India News Archive

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत बेहद गुस्से में है. सरकार ने कई कठोर कदम भी उठाए हैं, जिससे पाकिस्तान बुरी तरह बौखलाया हुआ है और वहां के मंत्री आए दिन अपनी भड़ास निकाल रहे हैं. इस बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने ऐसा बयान दिया है, जिसके बाद न्यूक्लियर वॉर की चर्चा होने लगी है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने अपनी सेना को अलर्ट मोड़ पर रखा है क्योंकि कुछ भी हो सकता है और परमाणु हथियारों का इस्तेमाल हम तभी करेंगे जब पाकिस्तान के अस्तित्व पर सीधा खतरा होगा.

फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट ने साल 2023 में एक रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें पाकिस्तान के न्यूक्लियर प्लान से जुड़े कई राज खोले गए थे. इसमें ये भी बताया गया था कि पाकिस्तान ने अपना परमाणु हथियारों का जखीरा कहां छिपाकर रखा है. रिपोर्ट में दावा किया गया था कि पाकिस्तान इस दिशा में काम कर रहा है ताकि हर साल 14-27 और परमाणु हथियार बना सके. रिपोर्ट के अनुसार 2023 में पाकिस्तान के पास 170 न्यूक्लियर वेपन का भंडार था और अब ये संख्या बढ़कर 172 हो गई है. हालांकि, इस मामले में वह भारत से काफी पीछे है, भारत के पास 180 परमाणु हथियार हैं.

बिजली बिल, पेट्रोल-डीजल से लेकर दाल-चावल, आटे और रोजमर्रा की जरूरी चीजों की बढ़ती कीमतों से पाकिस्तान की अवाम परेशान है. हर साल वह चीन, अरब और अन्य मुस्लिम देशों से मदद की भीख मांगने पहुंच जाता है. इतना ही नहीं इंटरनेशनल मोनेट्री फंड (IMF) और वर्ल्ड बैंक का उस पर अरबों का कर्ज है, जिसे न तो वो चुका पा रहा है, बल्कि हर बार थोड़े और समय की मोहलत मांगता है. इस तरह हर साल उस पर कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है. इतनी सारी गंभीर आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उसने परमाणु हथियारों पर काम कम नहीं किया है.

हर साल 14-27 परमाणु हथियार बनाने की योजना
फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट की रिपोर्ट में दावा किया गया कि पाकिस्तान विखंडनीय सामग्री (Fissile Material) का उत्पादन कर रहा है, जिसका इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में होता है. रिपोर्ट का कहना था कि जिस स्पीड से वह ये सामग्री बना रहा है, उससे लगता है कि पाकिस्तान का मकसद हर साल 14-27 नए वॉरहेड तैयार करने की योजना है.

कहां छिपा है पाकिस्तान का परमाणु भंडार?
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि पाकिस्तान मिराज III और मिराज V जैसे फाइटर स्‍क्‍वाड्रन का इस्तेमाल न्यूक्लियर हथियारों की डिलीवरी के लिए करता है. ये एयरक्राफ्ट उसने दो एयर बेस में तैनात किए हैं और हो सकता है कि इन्हीं एयर बेस में उसने अपना परमाणु भंडार छिपा कर रखा है. ये एयरबेस कराची के पास स्थित मसरूर एयर बेस है.

जमीन से वार करने के लिए पाकिस्तान के पास ये परमाणु हथियार
पाकिस्तान के पास जमीन पर वार करने के लिए परमाणु सक्षम छह सॉलिड-फ्यूअल, रोड-मोबाइल बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम हैं, जिनमें अब्दाली, गजनवी, शाहीन I/A, नस्र, गोरी और शाहीन-II शामिल हैं. रिपोर्ट में बताया गया था कि शाहीन-III और MIRVed अब्दाली पर काम चल रहा है. शाहीन III अब तैयार हो चुका है और शाहीन-I भी उसके पास है.

पाकिस्तान के पांच मिसाइल अड्डे
रिपोर्ट में पांच मिसाइल अड्डों के बारे में भी बताया गया है, जो पाकिस्तान की परमाणु ताकतों में अहम भूमिका निभा सकते हैं. रिपोर्ट में जिन मिसाइल अड्डों की बात की गई है, उनमें एक्रो गैरिसन, गुरजावालां गैरिसन, कुजदार गैरिसन, पानो अकील गैरिसन और सरगोधा गैरिसन शामिल हैं. रिपोर्ट में संभावना जताई गई है कि पाकिस्तान की परमाणु क्षमता में ये मिसाइल अड्डे अहम भूमिका निभा सकते हैं.

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