पाकिस्तानी फौज बलूचिस्तान, नॉर्थ वजीरिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा से जबरन कर रही भर्तियां ………….

पाकिस्तानी फौज में पंजाबियों का दबदबा है. लेकिन ये किसी भी खतरनाक बॉर्डर इलाके में अपनी पोस्टिंग नहीं चाहते. भारत से लड़ने की बात आते ही वह दूर भागते हैं. यही कारण है कि भारत के खिलाफ नापाक साजिशें रचने वाली पाक फौज अब अपनी टूटी-फूटी नैया को बचाने के लिए नए हथकंडे अपना रही […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
मंगलवार, 6 मई 2025, 06:27 AM 3 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
पाकिस्तानी फौज बलूचिस्तान, नॉर्थ वजीरिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा से जबरन कर रही भर्तियां ………….
Photo: UB India News Archive

पाकिस्तानी फौज में पंजाबियों का दबदबा है. लेकिन ये किसी भी खतरनाक बॉर्डर इलाके में अपनी पोस्टिंग नहीं चाहते. भारत से लड़ने की बात आते ही वह दूर भागते हैं. यही कारण है कि भारत के खिलाफ नापाक साजिशें रचने वाली पाक फौज अब अपनी टूटी-फूटी नैया को बचाने के लिए नए हथकंडे अपना रही है. अपनी फौज में सैनिकों की भारी कमी से जूझ रही पाकिस्तानी सेना अब उन इलाकों की ओर रुख कर रही है, जिनका वह दशकों से सबसे ज्यादा शोषण करती आई है. बलूचिस्तान, नॉर्थ वजीरिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा जैसे क्षेत्रों के लोग पहले ही पाकिस्तानी फौज और प्रशासन की ज्यादतियों से त्रस्त हैं. उनके खिलाफ अब जबरन भर्तियां करने की साजिश रची जा रही है. लेकिन इन इलाकों के जागरूक लोगों ने इस भर्ती का पुरजोर विरोध शुरू कर दिया है, जिससे पाकिस्तानी सेना की नींद उड़ी हुई है.

पाकिस्तानी फौज का घिनौना चेहरा एक बार फिर बेनकाब हुआ है. सूत्रों के मुताबिक, पंजाबी सैनिक, जो सेना का बड़ा हिस्सा हैं, खतरनाक सीमावर्ती इलाकों में तैनाती से कतरा रहे हैं. कई अधिकारियों और सैनिकों ने तो इस्तीफे तक दे दिए हैं. ऐसे में पाकिस्तानी सैन्य मुख्यालय ने पेशावर कोर कमांडर को सख्त निर्देश दिए हैं कि भारत-पाक सीमा पर सैनिकों की भारी कमी को पूरा करने के लिए इन शोषित इलाकों से हर हाल में भर्तियां की जाएं. यह वही पाकिस्तान है, जो भारत की शांति और समृद्धि से जलता है और हर बार आतंकवाद के जरिए भारत को अस्थिर करने की कोशिश करता है.

जबरन भर्ती करेगी पाक फौज
पाकिस्तानी सेना ने अपनी इस साजिश को अंजाम देने के लिए आठ रिटायर्ड अफसरों को मैदान में उतारा है. इनमें खटक जनजाति के लिए रिटायर्ड जनरल खालिद रब्बानी, बलूचिस्तान के क्वेटा और पिशिन में दुर्रानी जनजाति के लिए पूर्व आर्मी चीफ जनरल अब्दुल वाहिद काकर, नॉर्थ वजीरिस्तान के बानू में बनोची और डाबर जनजाति के लिए लेफ्टिनेंट जनरल आलम जन महसूद, ओरकजई जनजाति के लिए रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल अली जान ओरकजई, खैबर जिले में अफरीदी जनजाति के लिए मेजर जनरल राहत अमानुल्लाह अफरीदी, और स्वात, मर्दन, मालाकंद में यूसुफजई जनजाति के लिए ब्रिगेडियर शेर अफजल खान शामिल हैं. इन रिटायर्ड अधिकारियों को आदिवासी रीति-रिवाजों और संवेदनशीलताओं का हवाला देकर स्थानीय लोगों को बहला-फुसलाकर या जबरन भर्ती करने का जिम्मा सौंपा गया है.

शोषण करने में माहिर है पाक फौज
पाकिस्तानी सेना की यह चाल साफ दिखाती है कि वह न केवल अपने ही लोगों का शोषण करने में माहिर है, बल्कि भारत के खिलाफ अपनी नापाक मंशाओं को पूरा करने के लिए किसी भी हद तक गिर सकती है. इन इलाकों के लोग पहले ही पाकिस्तानी फौज की ज्यादतियों से तंग आ चुके हैं, और अब उनका जबरन भर्ती करने का प्रयास पाकिस्तान की सेना के लिए उल्टा पड़ सकता है. पाकिस्तान को यह समझ लेना चाहिए कि भारत की सेना और उसकी जनता किसी भी साजिश का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है.

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू
खास खबर

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू

राष्ट्रपति ट्रंप ने सबसे बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान का खार्ग द्वीप पूरी तबाह कर दिया गया है. हालांकि अभी ईरान ने इसकी पुष्टि नहीं की है. ट्रंप ने हमले की एआई वीडियो भी जारी की है.

UB India News31 अग॰
युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत
खास खबर

युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत

सोमवार यानी 31 अगस्त को देश के जीडीपी के आंकड़े आने वाले हैं. उम्मीद की जा रही है कि देश की रफ्तार 7% से ज्यादा रह सकती है. वैसे मिडिल ईस्ट वॉर, महंगाई के अलावा फैक्टर्स चुनौतियां बनी हुई हैं. लोन ग्रोथ और कॉरेपोरेट इनकम देश की ग्रोथ को सहारा दे सकते हैं. क्या चुनौतियों के बाद भी देश की इकोनॉमिक ग्रोथ 7% रह सकती है?

UB India News31 अग॰
नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…
खास खबर

नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…

पाल-तिब्बत सीमा के पास भोटेकोशी नदी में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने दोनों ही देशों के इलाकों में भीषण तबाही मचाई है। इस बाढ़ में अब तक 804 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3000 से ज्यादा अब भी लापता हैं। नेपाल-तिब्बत में विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

UB India News31 अग॰
ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा
खास खबर

ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन के बीच बिश्केक में मुलाकात होने वाली है. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद ये पहली बार होगा, जब दोनों देशों के नेता आमने-सामने मिलने वाले हैं. ऐसे में पूरी दुनिया की नजर इस द्विपक्षीय वार्ता पर होगी.

UB India News31 अग॰
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰