ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना पाकिस्तान के घर में घुसकर आतंकवादी ठिकानों पर कहर बरपा रही थी. उसी दौरान पाकिस्तान के सैनिकों ने भी भारतीय सीमा खासकर पंजाब से लगे इलाकों में मिसाइलों और ड्रोन से हमले की कोशिश की. दुश्मन सेना ने इस दौरान अमृतसर स्थिति गोल्डन टेंपल को निशाना बनाने की कोशिश की. उसने गोल्डन टेंपल पर कई मिसाइलें और ड्रोन हमले किए. लेकिन, इस दौरान मजबूत भारतीय डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तान की न केवल हर हरकत को नाकाम किया बल्कि उसने ऐसी जवाबी कार्रवाई की कि दुश्मन सैनिक कुछ ही समय में घुटने के बल आ गए. वे अपने पोस्ट पर सफेद झंडे लहराने लगे. मदद की गुहार लगाने लगे.
15वीं इन्फैंट्री डिवीजन के जीओसी मेजर जनरल कार्तिक सी शेषाद्रि ने कहा कि यदि पाकिस्तान ने फिर से आतंकवादियों का सहारा लिया तो उसका अवश्य ही नाश होगा. याद रहे कि ऑपरेशन सिंदूर केवल स्थगित किया गया है, खत्म नहीं हुआ है. उसका विकराल रूप अभी बाकी है.
भारत के जवाबी कार्रवाई से घुटनों पर आया दुश्मन
इसी बातचीत के दौरान भारतीय सेना के एक जवान ने कहा कि इस वक्त हम ऑपरेशन सिंदूर का हिस्सा हैं. 8-9 मई की रात को दुश्मन ने अचानक हम पर फायरिंग की और घुसपैठ की कोशिश की. हमने दुश्मन पर अचूक फायरिंग की और उसकी घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया. हमारी फायरिंग का नतीजा ये हुआ कि सुबह तक दुश्मन अपने घुटनों पर आ गए और अपनी पोस्ट पर सफेद झंडा लहराने लगे. किसी सैनिक के सफेद झंडा लहराने को सरेंडर माना जाता है. हम अपने देशवासियों को यह भरोसा दिलाते हैं कि जब तक देश की सीमाओं पर भारतीय सेना तैनात है, तब तक कोई भी इस देश की तरफ आंख उठाकर नहीं देख सकता.
मेजर जनरल शेषाद्रि ने आगे कहा कि भारतीय सेना ने केवल आतंकवाद और आतंकी ठिकानों को बिना किसी अतिरिक्त नुकसान के निशाना बनाया और सटीक तरीके से नाश किया. भारत में किसी भी उपयुक्त और उचित टार्गेट के अभाव से पाकिस्तानी सेना ने जानकर भारतीय सैन्य ठिकानों और सिविल इलाकों को निशाना बनाया. पाकिस्तानी आर्मी के लिए सभी टार्गेट जायज हैं मगर भारतीय सेना उनके नापाक मंसूबों को कभी सफल नहीं होने देगी.
उन्होंने कहा कि 7 मई की रात को हमें पुख्ता जानकारी मिली थी कि पाकिस्तान किसी उचित और सटीक टार्गेट न होने के कारण सिविल ठिकानों, खासतौर पर धार्मिक स्थलों को निशाना बनाएगा. इसमें अमृतसर में स्थित स्वर्ण मंदिर सबसे अहम था. हमें अतिरिक्त जानकारी यह भी मिली कि वे स्वर्ण मंदिर पर भारी तादाद में ड्रोन और मिसाइल से हमला करेंगे इसलिए हमने तुरंत आधुनिक अतिरिक्त एवं उपयुक्त एयर डिफेंस उपलब्ध कराया था. हमने स्वर्ण मंदिर पर एक आंच भी नहीं आने दी.








