केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सोमवार सुबह सीएम आवास पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। जानकारी के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच मुलाकात बिहार विधानसभा चुनाव में सीट शेयरिंग को लेकर हुई। वहीं NDA के अंदर तालमेल को मजबूत करने और गठबंधन की सीटों पर सहमति बनाने के लिए भी बातचीत हुई है। चिराग के साथ जमुई सांसद अरुण भारती भी मौजूद थे।
चिराग पासवान सोमवार सुबह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने सीएम हाउस पहुंचे हैं. सूत्रों के अनुसार सीएम नीतीश कुमार और चिराग पासवान के बीच सीटों को लेकर चर्चा हो रही है. बताया जा रहा है कि यह मुलाकात बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सीट शेयरिंग से जुड़ी है. इस खास मुलाकात के दौरान नीतीश कुमार और चिराग पासवान एनडीए के अंदर सीटों के बंटवारे को लेकर चर्चा कर रहे हैं. ऐसे में विधानसभा चुनाव 2025 से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान के बीच होने वाली मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है.
दरअसल जनता दल (यूनाइटेड), भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के बीच सीटों का तालमेल एक बड़ा मुद्दा है. चिराग पासवान ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि उनकी पार्टी को उसकी इच्छा से अधिक सीटें मिलेंगी, जैसा कि उन्होंने हालिया उपचुनावों और 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रदर्शन के आधार पर दावा किया है. दरअसल चिराग पासवान ने बिहार में राजनीति करने की बात को लेकर एनडीए में हलचल मचा दी थी. वहीं पटना में चिराग पासवान के समर्थकों ने उनकी सीएम उम्मीदवारी को लेकर पोस्टर भी लगवा दिया था. हालांकि बीते दिनों न्यूज़ 18 के एक कार्यक्रम में चिराग पासवान ने साफ़ तौर पर कहा था कि उनको सीएम बनने की कोई लालसा नहीं है.
2020 चुनाव में अलग चुनाव लड़े थे चिराग पासवान?
बता दें, नीतीश और चिराग का रिश्ता कभी सहयोगी तो कभी विरोधी रहा है. 2020 के विधानसभा चुनाव में चिराग ने नीतीश की जेडीयू के खिलाफ अलग राह चुनी थी, जिससे जेडीयू को नुकसान हुआ था. हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में दोनों नेताओं ने गठबंधन में एकजुटता दिखाई, और चिराग की पार्टी ने हाजीपुर सहित पांच सीटों पर जीत हासिल की. नीतीश ने भी चिराग के लिए हाजीपुर में प्रचार किया, जो उनकी जीत में निर्णायक साबित हुआ. इस मुलाकात को इस नई दोस्ती को और मजबूत करने के साथ-साथ चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने के रूप में देखा जा रहा है.
सीट शेयरिंग का पेच
बिहार में 243 विधानसभा सीटें हैं, और एनडीए के भीतर सीट बंटवारे पर सहमति बनाना चुनौतीपूर्ण है. चिराग ने हाल ही में कहा कि उनकी पार्टी को झारखंड विधानसभा चुनाव में बीजेपी द्वारा दी गई चतरा सीट से संतुष्टि है, और वह बिहार में भी सम्मानजनक हिस्सेदारी की उम्मीद कर रहे हैं. दूसरी ओर, जेडीयू और बीजेपी, जो गठबंधन के बड़े दल हैं, अपनी-अपनी सीटों की संख्या को अधिकतम करने की कोशिश में हैं. सूत्रों का कहना है कि नीतीश और चिराग की मुलाकात में सीटों के अलावा उम्मीदवार चयन और क्षेत्रीय समीकरणों पर भी चर्चा होगी.
यह मुलाकात केवल सीट बंटवारे तक सीमित नहीं है. चिराग की युवा अपील और पासवान समुदाय पर उनकी पकड़ एनडीए के लिए महत्वपूर्ण है, खासकर दलित वोटों को साधने में. वहीं, नीतीश का अनुभव और प्रशासनिक कौशल गठबंधन का आधार हैं. दोनों नेताओं का एक साथ आना विपक्षी महागठबंधन, खासकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस, के लिए चुनौती पेश कर सकता है. चिराग ने हाल ही में जातिगत जनगणना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की और इसे अपने पिता रामविलास पासवान के सपने को पूरा करने वाला कदम बताया. यह मुद्दा बिहार में संवेदनशील है और चुनावी रणनीति में अहम भूमिका निभा सकता है.








