वक्फ एक्ट पर क्या फैसला सुनाएगा सुप्रीम कोर्ट, किस-किस को लगेगा झटका ?

सुप्रीम कोर्ट में नए संशोधित वक्फ एक्ट पर तीन दिन तक चली सुनवाई के बाद चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बीआर गवई और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की डबल बेंच ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अपनी […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शनिवार, 24 मई 2025, 05:56 AM 4 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
वक्फ एक्ट पर क्या फैसला सुनाएगा सुप्रीम कोर्ट, किस-किस को लगेगा झटका ?
Photo: UB India News Archive

सुप्रीम कोर्ट में नए संशोधित वक्फ एक्ट पर तीन दिन तक चली सुनवाई के बाद चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बीआर गवई और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की डबल बेंच ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अपनी अपनी दलीलें पेश कीं, जिसे सुप्रीम कोर्ट की दो जजों वाली बेंच ने सुना। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद CJI गवनी ने टिप्पणी की, कि धार्मिक दान सिर्फ इस्लाम तक सीमित नहीं है। बल्कि हिंदू धर्म में भी मोक्ष की अवधारणा है।

याचिकाकर्ताओं ने कानून को मुसलमानों के अधिकारों के खिलाफ बताया और अंतरिम रोक लगाने की मांग की। उधर, केंद्र सरकार ने कानून के पक्ष में दलीलें रखीं।

आखिरी दिन बहस सरकार की उस दलील के आसपास रही, जिसमें कहा कि गया कि वक्फ एक इस्लामी अवधारणा है, लेकिन यह धर्म का अनिवार्य हिस्सा नहीं है। इसलिए यह मौलिक अधिकार नहीं है।

वक्फ को इस्लाम से अलग एक परोपकारी दान के रूप में देखा जाए या इसे धर्म का अभिन्न हिस्सा माना जाए। इस पर याचिकार्ताओं के वकील कपिल सिब्बल ने कहा, ‘ परलोक के लिए…. वक्फ ईश्वर को समर्पण है। अन्य धर्मों के विपरीत, वक्फ ईश्वर के लिए दान है।’

तभी CJI बीआर गवई ने कहा, धार्मिक दान केवल इस्लाम तक सीमित नहीं है। हिंदू धर्म में भी ‘मोक्ष’ की अवधारणा है। दान अन्य धर्मों का भी मूल सिद्धांत है। तभी जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह ने भी सहमति जताते हुए कहा, ‘ईसाई धर्म में भी स्वर्ग की चाह होती है।’

22 मई की सुनवाई की बड़ी बातें…

केंद्र की दलीलें

SG तुषार मेहता ने सेक्शन 3E पर बात की। कहा कि सेक्शन 3E अनुसूचित क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाली भूमि पर वक्फ के निर्माण पर रोक लगाता है। यह प्रोविजन अनुसूचित जनजाति के संरक्षण के लिए था।

अनुसूचित क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति को संवैधानिक संरक्षण प्राप्त है। मान लीजिए कि मैं जमीन बेचता हूं और पता चलता है कि जमीन के लेन-देन में ST समुदाय के व्यक्ति के साथ धोखा हुआ है तो जमीन वापस दी जा सकती है, लेकिन वक्फ कहता है कि दान दी गई जमीन को वापस नहीं लिया जा सकता।

चीफ जस्टिस गवई ने इसके पीछे का तर्क पूछा तो SG मेहता ने कहा कि वक्फ का निर्माण अपरिवर्तनीय है और इससे कमजोर आदिवासी आबादी के अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। संयुक्त संसदीय समिति (JPC) का कहना है कि आदिवासी इस्लाम अपना सकते हैं, लेकिन उनकी अपनी अलग सांस्कृतिक पहचान है।

इस पर जस्टिस मसीह ने कहा- यह सही नहीं लगता। इस्लाम तो इस्लाम है! धर्म एक ही है।

SG मेहता ने कहा JPC का कहना है कि अनुसूचित क्षेत्रों के ST समुदाय के लोग इस्लाम का उस तरह से पालन नहीं करते हैं, जितना बाकी जगह होता है क्योंकि उनकी एक अलग सांस्कृतिक पहचान है। इस पर जस्टिस मसीह ने कहा कि आप यह कैसे कह सकते हैं, इस्लाम धर्म हर जगह एक जैसा ही रहता है। हालांकि सांस्कृतिक प्रथाएं अलग-अलग हो सकती हैं।

याचिकाकर्ता के तर्क

कपिल सिब्बल ने कहा कि नए कानून में ऐतिहासिक और संवैधानिक सिद्धांतों को दरकिनार कर दिया गया है। सरकार गैर-न्यायिक प्रक्रिया से वक्फ को हथियाना चाहती है।

याचिकाकर्ता की तरफ से पेश दूसरे सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि वही कानून कभी वक्फ को जमीन दे देता है कभी छीन लेता है। कानून भगवान नहीं बन सकता। कोई भी नियम या कानून वक्फ बॉय यूजर नहीं बनाता है, बल्कि इसे सिर्फ मान्यता देता है।

सुप्रीम कोर्ट में 5 याचिकाओं पर सुनवाई हो रही वक्फ (संशोधन) कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट 5 मुख्य याचिकाओं पर ही सुनवाई कर रहा है। इसमें AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी की याचिका शामिल है। CJI बीआर गवई और जस्टिस एजी मसीह की बेंच सुनवाई कर रही है। केंद्र की तरफ से सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता और याचिकाकर्ताओं की तरफ से कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी और राजीव धवन पैरवी कर रहे हैं।

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू
खास खबर

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू

राष्ट्रपति ट्रंप ने सबसे बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान का खार्ग द्वीप पूरी तबाह कर दिया गया है. हालांकि अभी ईरान ने इसकी पुष्टि नहीं की है. ट्रंप ने हमले की एआई वीडियो भी जारी की है.

UB India News31 अग॰
युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत
खास खबर

युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत

सोमवार यानी 31 अगस्त को देश के जीडीपी के आंकड़े आने वाले हैं. उम्मीद की जा रही है कि देश की रफ्तार 7% से ज्यादा रह सकती है. वैसे मिडिल ईस्ट वॉर, महंगाई के अलावा फैक्टर्स चुनौतियां बनी हुई हैं. लोन ग्रोथ और कॉरेपोरेट इनकम देश की ग्रोथ को सहारा दे सकते हैं. क्या चुनौतियों के बाद भी देश की इकोनॉमिक ग्रोथ 7% रह सकती है?

UB India News31 अग॰
नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…
खास खबर

नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…

पाल-तिब्बत सीमा के पास भोटेकोशी नदी में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने दोनों ही देशों के इलाकों में भीषण तबाही मचाई है। इस बाढ़ में अब तक 804 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3000 से ज्यादा अब भी लापता हैं। नेपाल-तिब्बत में विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

UB India News31 अग॰
ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा
खास खबर

ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन के बीच बिश्केक में मुलाकात होने वाली है. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद ये पहली बार होगा, जब दोनों देशों के नेता आमने-सामने मिलने वाले हैं. ऐसे में पूरी दुनिया की नजर इस द्विपक्षीय वार्ता पर होगी.

UB India News31 अग॰
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰