21 जुलाई से 12 अगस्त तक चलेगा संसद का मानसून सत्र , कई अहम बिलों पर चर्चा की है उम्मीद

संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से 12 अगस्त 2025 तक आयोजित किया जाएग। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने यह जानकारी दी। रिजिजू ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति ने इन तारीखों की सिफारिश की है। रीजिजू ने मानसून सत्र की घोषणा ऐसे समय में की […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
बुधवार, 4 जून 2025, 09:47 AM 3 मिनट read
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21 जुलाई से 12 अगस्त तक चलेगा संसद का मानसून सत्र , कई अहम बिलों पर चर्चा की है उम्मीद
Photo: UB India News Archive

संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से 12 अगस्त 2025 तक आयोजित किया जाएग। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने यह जानकारी दी। रिजिजू ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति ने इन तारीखों की सिफारिश की है। रीजिजू ने मानसून सत्र की घोषणा ऐसे समय में की है जब विपक्षी दलों के नेता ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम आतंकी हमले पर चर्चा करने के लिए सरकार से विशेष सत्र बुलाने की मांग कर रहे हैं।

ऑपरेशन सिंदूर पर भी सरकार नियमों के तहत चर्चा करने को तैयार हो गई है। रीजिजू ने विपक्ष की इस मांग के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि मानसून सत्र में नियमों के तहत सभी मुद्दों पर चर्चा की जा सकती है।

पेश किया जा सकता है बीमा संशोधन बिल

संसद के मानसून सत्र में बीमा संशोधन बिल पेश किया जा सकता है। विधेयक में बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा बढ़ाकर 100% करने की तैयारी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बिल का मसौदा तैयार है और इसे जल्द ही मंजूरी के लिए कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद वित्त मंत्रालय के तहत वित्तीय सेवा विभाग विधेयक को संसद में पेश करने की प्रक्रिया शुरू करेगा।

इससे पहले संसद का बजट सत्र इस साल 31 जनवरी को शुरू हुआ था। लोकसभा और राज्यसभा दोनों को 4 अप्रैल को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया था, जिससे 2025 का पहला संसद सत्र समाप्त हो गया था।

21 जुलाई से 12 अगस्त तक संसद का मानसून सत्र

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “हमने संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई को बुलाने का फैसला किया है और यह 12 अगस्त तक चलेगा. संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति ने तारीख तय कर ली है और हम दोनों सदनों को बुलाने के लिए राष्ट्रपति को प्रस्ताव भेजेंगे.”

न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर उन्होंने कहा, ‘इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायाधीश यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव के संबंध में मैंने राजनीतिक दलों के साथ चर्चा शुरू कर दी है. अधिकांश प्रमुख राजनीतिक दलों को पहले ही बता दिया गया है और हमने एक सहयोगात्मक प्रयास की मांग की है, जहां सभी राजनीतिक दल एक साथ आएं और संयुक्त रूप से प्रस्ताव पेश करें.’

जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ आ सकता है महाभियोग प्रस्ताव

इससे पहले भारत सरकार के सूत्रों ने जानकारी दी थी कि संसद के मानसून सत्र में केंद्र सरकार दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव ला सकती है.

केंद्र सरकार ने संसद के मानसून सत्र की तारीख का ऐलान ऐसे वक्त में किया है, जब विपक्ष की ओर से लगातार पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की जा रही है.

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