राहुल गांधी की ‘आग’ में तेजस्वी यादव ने दी ‘हवा’ ……………..

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान का समर्थन किया जिसमें उन्होंने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कथित ‘चुनावी फिक्सिंग’ का जिक्र किया था. तेजस्वी ने कहा कि बिहार में भी चुनाव को लेकर संदेह स्वाभाविक है, क्योंकि 2014 के बाद से मोदी सरकार ने देश की संवैधानिक […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
सोमवार, 9 जून 2025, 05:22 AM 3 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
राहुल गांधी की ‘आग’ में तेजस्वी यादव ने दी ‘हवा’ ……………..
Photo: UB India News Archive

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान का समर्थन किया जिसमें उन्होंने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कथित ‘चुनावी फिक्सिंग’ का जिक्र किया था. तेजस्वी ने कहा कि बिहार में भी चुनाव को लेकर संदेह स्वाभाविक है, क्योंकि 2014 के बाद से मोदी सरकार ने देश की संवैधानिक संस्थाओं को ‘हाईजैक’ कर लिया है. राजद नेता ने 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए दावा किया कि महागठबंधन सत्ता में आने की स्थिति में था, लेकिन चुनाव आयोग ने हमारे जीते हुए उम्मीदवारों को जबरन हरवाया. उन्होंने कहा कि उस समय आयोग को तीन बार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सफाई देनी पड़ी और यह भाजपा के इशारे पर काम करने का सबूत .

बिहार की सियासत में नया मोड़- बता दें कि 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले आरजेडी, कांग्रस, वीआईपी और वाम दलों का महागठबंधन सीएम नीतीश कुमार की अगुवाई वाली एनडीए सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है. अभी तक जहां यह कहा जा रहा था कि कांग्रेस अपनी अलग राजनीतिक राह बना रही है, वहीं तेजस्वी यादव का यह बयान राहुल गांधी के साथ उनकी एकजुटता को दर्शाता है. ऐसे में तेजस्वी का यह बयान बिहार की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है. बता दें कि हाल के दिनों में राहुल गांधी की बिहार में सक्रियता और ओबीसी-ईबीसी वोटरों पर फोकस ने संकेत दिया है कि कांग्रेस अपनी स्वतंत्र पहचान बनाने की कोशिश में है.

एनडीए का जवाबी हमला

दूसरी ओर एनडीए ने तेजस्वी और राहुल के आरोपों को खारिज करते हुए इसे ‘हार की हताशा’ करार दिया. जेडीयू प्रवक्ता अभिषेक झा ने कहा, तेजस्वी और राहुल पहले से ही हार का बहाना ढूंढ रहे हैं. 2020 में महागठबंधन की हार उनकी रणनीति की विफलता थी, न कि आयोग की साजिश. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने भी तंज कसते हुए कहा कि तेजस्वी को सोशल मीडिया से निकलकर जमीनी हकीकत देखनी चाहिए.
यहां यह भी बता दें कि 2020 विधानसभा चुनाव में महागठबंधन ने 110 सीटें जीती थीं, लेकिन एनडीए की 125 सीटों के सामने सत्ता से दूर रहा गया था. तेजस्वी यादव की अगुवाई में आरजेडी 75 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी और कांग्रेस की कमजोर स्ट्राइक रेट (70 में से 19 सीटें) ने गठबंधन को नुकसान पहुंचाया था. इस बार तेजस्वी यादव बेरोजगारी, पलायन और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को उठाकर एनडीए को घेर रहे हैं. हालांकि, चिराग पासवान की नव संकल्प रैली और प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी जैसे नए खिलाड़ी महागठबंधन के लिए चुनौती हैं.

महागठबंधन की हताशा या रणनीति?

बहरहाल, तेजस्वी यादव का राहुल गांधी के बयान का समर्थन और संवैधानिक संस्थाओं पर हाईजैक का आरोप बिहार में चुनावी माहौल को गर्माने वाला है. यह बयान युवा और अल्पसंख्यक मतदाताओं को लामबंद कर सकता है, लेकिन एनडीए इसे ‘विपक्ष की हताशा’ के रूप में प्रचारित कर रहा है. जैसे-जैसे बिहार चुनाव नजदीक आ रहे हैं तेजस्वी यादव और राहुल गाधी की यह रणनीति महागठबंधन को कितना फायदा पहुंचाएगी यह देखने वाली बात होगी.

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू
खास खबर

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू

राष्ट्रपति ट्रंप ने सबसे बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान का खार्ग द्वीप पूरी तबाह कर दिया गया है. हालांकि अभी ईरान ने इसकी पुष्टि नहीं की है. ट्रंप ने हमले की एआई वीडियो भी जारी की है.

UB India News31 अग॰
युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत
खास खबर

युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत

सोमवार यानी 31 अगस्त को देश के जीडीपी के आंकड़े आने वाले हैं. उम्मीद की जा रही है कि देश की रफ्तार 7% से ज्यादा रह सकती है. वैसे मिडिल ईस्ट वॉर, महंगाई के अलावा फैक्टर्स चुनौतियां बनी हुई हैं. लोन ग्रोथ और कॉरेपोरेट इनकम देश की ग्रोथ को सहारा दे सकते हैं. क्या चुनौतियों के बाद भी देश की इकोनॉमिक ग्रोथ 7% रह सकती है?

UB India News31 अग॰
नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…
खास खबर

नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…

पाल-तिब्बत सीमा के पास भोटेकोशी नदी में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने दोनों ही देशों के इलाकों में भीषण तबाही मचाई है। इस बाढ़ में अब तक 804 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3000 से ज्यादा अब भी लापता हैं। नेपाल-तिब्बत में विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

UB India News31 अग॰
ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा
खास खबर

ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन के बीच बिश्केक में मुलाकात होने वाली है. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद ये पहली बार होगा, जब दोनों देशों के नेता आमने-सामने मिलने वाले हैं. ऐसे में पूरी दुनिया की नजर इस द्विपक्षीय वार्ता पर होगी.

UB India News31 अग॰
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰