पटना को मिला देश का पहला टू लेन डबल डेकर एलिवेटेड कॉरिडोर की सैगात , मुख्यमंत्री किये उदघाटन

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के पहले डबल डेकर पुल का उद्घाटन कर लोगों को बड़ी सौगात दी है. गांधी मैदान से इंजीनियरिंग कॉलेज मोड़ तक हर दिन जाम की स्थिति बनी रहती थी, चाहे दिन हो या रात, लोगों को जाम का सामना करना पड़ता था. इस रास्ते में कई बड़े शिक्षण संस्थान और […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
बुधवार, 11 जून 2025, 06:16 AM 6 मिनट read
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पटना को मिला देश का पहला टू लेन डबल डेकर एलिवेटेड कॉरिडोर की सैगात , मुख्यमंत्री किये उदघाटन
Photo: UB India News Archive

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के पहले डबल डेकर पुल का उद्घाटन कर लोगों को बड़ी सौगात दी है. गांधी मैदान से इंजीनियरिंग कॉलेज मोड़ तक हर दिन जाम की स्थिति बनी रहती थी, चाहे दिन हो या रात, लोगों को जाम का सामना करना पड़ता था. इस रास्ते में कई बड़े शिक्षण संस्थान और पीएमसीएच जैसे अस्पताल भी हैं, जहाँ हर रोज़ हजारों लोग आते-जाते हैं. लेकिन अब पटना वासियों को पहले डबल डेकर पुल का तोहफा मिलने से जाम की समस्या खत्म हो जाएगी.देश का पहला टू लेन डबल डेकर एलिवेटेड कॉरिडोर की सैगात मिल गया  .15 जनवरी 2022 को शुरू हुए इस फ्लाईओवर का निर्माण कार्य 31 मई 2025 को पूरा हो चुका है। अब इसका उद्घाटन होगा। गांधी मैदान से शुरू होने वाले इस डबल डेकर का निर्माण लगभग 422 करोड़ रुपये में हुआ है और इसका निर्माण 15 जनवरी 2022 को शुरू हुआ था. इस डबल डेकर के निचले डेक की लंबाई 1449 मीटर और ऊपरी डेक की लंबाई 2175.50 मीटर है.

आज अशोक राजपथ पर 422 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित कारगिल चौक (गांधी मैदान) से साइंस कॉलेज वाया पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल डबल डेक फ्लाईओवर का लोकार्पण किया। इस अत्याधुनिक फ्लाईओवर के बन जाने से अशोक राजपथ पर ट्रैफिक की समस्या का पूरी तरह समाधान हो जाएगा और पटना की यातायात
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डबल डेकर फ्लाईओवर की विशेषता

डबल डेकर के ऊपरी डेक की कुल लंबाई 2175।50 मीटर (2 किमी से ज्यादा) है, जो कारगिल चौक से साइंस कॉलेज तक जाती है। वहीं, निचले डेक की कुल लंबाई 1449।30 मीटर (करीब डेढ़ किमी) है। यह पटना कॉलेज से गांधी मैदान को जोड़ती है। इसका ट्रैफिक रूट साइंस कॉलेज से गांधी मैदान की ओर होगी। इस डबल डेकर ब्रिज से न केवल अशोक राजपथ जैसे व्यस्तम मार्गों में लोगों को जाम से निजात मिलेगी बल्कि इसे गांधी मैदान से कृष्णा घाट और गंगा पथ से भी जोड़ा गया है। यह कॉरिडोर गायघाट, पटना सिटी और कच्ची दरगाह तक की पहुंच को भी सुगम बनाएगा। आने वाले दिनों में पीएमसीएच के मल्टी लेवल कार पार्किंग से भी इसे कनेक्ट किया जाएगा।

आज 11 जून से शुरू हो जाएगा डबल डेकर

पटना में 11 जून से एक खास पुल शुरू होने जा रहा है। ये डबल डेकर पुल है। इससे पटना के लोगों को तीन अलग-अलग लेवल पर यात्रा करने की सुविधा मिलेगी। यह पुल गांधी मैदान से एनआईटी के बीच अशोक राजपथ पर बना है। इस पुल के बनने से बीएन कॉलेज और पीएमसीएच जैसे जगहों के पास ट्रैफिक कम होगा। बिहार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने बताया कि 11 जून को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस डबल डेकर पुल को जनता को समर्पित करेंगे। उन्होंने सोमवार को पटना के साइंस कॉलेज से पीएमसीएच होते हुए गांधी मैदान स्थित कारगिल चौक तक बन रहे एलिवेटेड कॉरिडोर (डबल डेकर) के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उनके साथ कई विभागीय सचिव और अधिकारी भी थे।

अशोक राजपथ को जाम से मिलेगी मुक्ति

अशोक राजपथ पर यह डबल डेकर फ्लाईओवर बना है। यह कारगिल चौक से साइंस कॉलेज तक है। यह बिहार का पहला डबल डेकर फ्लाईओवर है। इस फ्लाईओवर से अस्पताल और कॉलेजों तक जाना आसान हो जाएगा। पुल के पास ही मेट्रो स्टेशन भी बनेगा। इससे पीएमसीएच जैसे अस्पताल और कई कॉलेजों तक पहुंचने में आसानी होगी। यह फ्लाईओवर कारगिल चौक से साइंस कॉलेज तक बन रहा है। इसकी लंबाई 2।2 किलोमीटर और चौड़ाई 8।5 मीटर है। इससे इस इलाके में गाड़ी चलाने वाले लोगों को बहुत आराम मिलेगा। पुल का पहला तल 1।5 किलोमीटर लंबा है। यह पटना कॉलेज से बीएन कॉलेज तक जाता है। ऊपरी तल 2।2 किलोमीटर लंबा है। यह गांधी मैदान को सीधे साइंस कॉलेज से जोड़ता है। इस पुल के बनने से पटना के लोगों को ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी। वे आसानी से एक जगह से दूसरी जगह जा सकेंगे।

अशोक राजपथ पर बदल जायेगा वर्षों पुराना पता

अशोक राजपथ डबल डेकर फ्लाईओवर का उद‌्घाटन बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करेंगे। इसके साथ ही अशोक राजपथ के कार्यालयों और दुकानों का वर्षों पुराना पता बदल जाएगा। अब पता में पाया नंबर जुड़ जाएगा। यदि आपको पटना विवि जाना होगा तो बताना होगा कि पाया नंबर 58 जाना है। इसी तरह खुदाबख्श लाइब्रेरी जाना होगा तो बताना होगा कि पाया नंबर 45 जाना है।

गांधी मैदान से ऑटो पकड़ने वाले लोग काली घाट दरभंगा हाउस जाने के लिए पाया नंबर-49 पर उतरेंगे। एक स्थानीय दुकानदार ने कहा कि अब पता बताना आसान हो गया है। दुकान का विजिटिंग कार्ड बनाने के लिए ऑर्डर दिया हूं। इसमें दुकान का पता पाया नंबर होगा, ताकि ग्राहक आसानी से पहुंच सकें। किसी से पता पूछने की जरूरत नहीं होगी।

संस्थानों का नया पता

  • पाया नंबर-3 : बीएन कॉलेज
  • पाया नंबर-11 : सेंट जोसेफ स्कूल
  • पाया नंबर-17 : पटना व्यवहार न्यायालय
  • पाया नंबर-19 : सब्जीबाग
  • पाया नंबर-20 : बांकीपुर प्रधान डाकघर
  • पाया नंबर-21: पटना डेंटल कॉलेज
  • पाया नंबर-24 : पब्लिक हेल्थ इंस्टीट्यूट
  • पाया नंबर-27 : अंजुमन इस्लामिया हॉल
  • पाया नंबर-39 : मखनिया कुआं
  • पाया नंबर-40 : पीएमसीएच का वर्तमान इंट्री गेट
  • पाया नंबर-45 : खुदाबख्श लाइब्रेरी
  • पाया नंबर-46 : राजकीय उर्दू पुस्तकालय
  • पाया नंबर-49 : कालीघाट दरभंगा हाउस
  • पाया नंबर-55: पटना कॉलेज
  • पाया नंबर-58 : पटना विश्वविद्यालय
  • पाया नंबर-64 : कृष्णा घाट

यहां होंगे मेट्रो स्टेशन

  • पाया नंबर 28 से 35 के बीच : पीएमसीएच मेट्रो स्टेशन
  • पाया नंबर 68 के आगे : पटना विवि मेट्रो स्टेशन

जाम से मिलेगी निजात : डबल डेकर चालू होने के बाद जाम से निजात मिलेगी। पटना कॉलेज से बीएन कॉलेज तक 1.45 किमी का पहला फ्लोर है। वहीं, करगिल चौक से साइंस कॉलेज तक 2.2 किमी का दूसरा फ्लोर है। इसका साइंस कॉलेज के पास एनआईटी का हिस्सा चालू नहीं होगा। मेट्रो के निर्माण के बाद चालू किया जाएगा। अभी कृष्णा घाट तक चालू हो रहा है। इससे लोग जेपी गंगा पथ का सफर कर सकेंगे।

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