आसिम मुनीर अपने फायदे के चक्कर में ट्रंप की चाल में कैसे फंस गए……….

अमेरिका ने ईरान के ऐटमी ठिकानों पर बम बरसाए तो पाकिस्तान को भारी शर्मिंदगी हुई है। जिस तरह राष्ट्रपति ट्रंप ने फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को अपना नमक खिलाकर पाकिस्तान को पप्पू बनाया, उसको लेकर पाकिस्तान में आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ की खूब फ़ज़ीहत हो रही है। इस्लामाबाद, पेशावर, कराची में प्रोटेस्ट हो […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
बुधवार, 25 जून 2025, 11:17 AM 4 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
आसिम मुनीर अपने फायदे के चक्कर में ट्रंप की चाल में कैसे फंस गए……….
Photo: UB India News Archive

अमेरिका ने ईरान के ऐटमी ठिकानों पर बम बरसाए तो पाकिस्तान को भारी शर्मिंदगी हुई है। जिस तरह राष्ट्रपति ट्रंप ने फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को अपना नमक खिलाकर पाकिस्तान को पप्पू बनाया, उसको लेकर पाकिस्तान में आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ  की खूब फ़ज़ीहत  हो रही है। इस्लामाबाद, पेशावर, कराची में  प्रोटेस्ट हो रहे हैं। इसके बाद दबाव में आकर पाकिस्तान सरकार को ईरान पर अमेरिकी बमबारी की आलोचना करनी पड़ी। लेकिन पाकिस्तान की आवाम पूछ रही है कि शहबाज शरीफ की सरकार ने आसिम मुनीर के कहने पर ट्रंप को शान्ति का नोबल प्राइस देने की जो सिफारिश की है, उसका क्या होगा? क्या पाकिस्तान सरकार उसे वापस लेगी? इसका पाकिस्तान की हुकूमत के पास कोई जवाब नहीं हैं।

प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से आवाम किस हद तक ख़फा है, उसका सबूत है काराची की सड़कों पर उतरा जनसैलाब। इस भीड़ में शिया भी थे और सुन्नी भी। इनका गुस्सा दो बातों पर है। पहला, कि जब इज़रायल ने ईरान पर हमला किया तो पाकिस्तानी हुकूमत ने ईरान की मदद क्यों नहीं की? अमेरिका के दबाव में आकर पाकिस्तान ने एक इस्लामी मुल्क को मुसीबत के वक्त तन्हा क्यों छोड़ दिया? लोगों का कहना था कि आसिम मुनीर तो दावा करते है कि पाकिस्तान का जनम कलमा की बुनियाद पर हुआ, फिर वो इस्लामी मुल्क ईरान के साथ खड़े होने के बजाए अमेरिका की चापलूसी में क्यों लग गए?

पाकिस्तानी आवाम का कहना है कि आसिम मुनीर अपने फायदे के चक्कर में ट्रंप की चाल में फंस गए, ट्रंप को शान्ति का दूत बताने लगे। शहबाज शरीफ की हुकूमत से ट्रंप का नाम नोबेल शांति पुरस्कार के लिए फॉरवर्ड करवाया। और चौबीस घंटों के भीतर ट्रंप ने असली रंग दिखा दिया। ईरान पर बम बरसा दिए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आज तमाम मुस्लिम मुल्क पाकिस्तान पर हंस रहे हैं क्योंकि पाकिस्तान ऐसा इकलौता मुस्लिम देश है, जिसने ग़ाज़ा और ईरान पर हमले कर रहे इज़रायल के समर्थक ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार देने की मांग की है। कई दिन से गाना गाया जा रहा था, देखो कैसे अमेरिका पाकिस्तान को समर्थन  करने लगा। मोदी के दावे पर सवाल  उठाया गया कि ट्रंप उनके दोस्त हैं। क्योंकि ट्रंप ने तो आसिम मुनीर को गोद में बैठा लिया। Impresion ये दिया गया कि ट्रंप भारत को बार-बार परेशान कर रहे हैं और पाकिस्तान को गले लगा रहे हैं।

अब पता चला कि ट्रंप ने असल में आसिम मुनीर को बंदर बनाया। पाकिस्तान को लगा कि ट्रंप तो हमारे अब्बा जान हैं, मालिक हैं। शनिवार को पाकिस्तान ने ट्रंप को खुश करने के लिए  Nobel Peace Prize के लिए  Recommend किया और रविवार को जब ट्रंप ने ईरान पर सबसे भयानक बम बरसाए, तो पाकिस्तान कहने लगा, तौबा-तौबा, ये तो धोखा हो गया, Peace Maker को पाकिस्तान Barbaric कहने लगा। जिसे शांति के मसीहा कहा, उसे  24 घंटे में मौत का सौदागर कह दिया। अगर आसिम मुनीर को ये लगता था कि ट्रंप कनाडा में जी-7 बैठक छोड़कर उन्हें White House में लंच कराने के लिए आए हैं, तो उनसे बड़ा मूर्ख कोई हो नहीं सकता। अगर मुनीर को ये समझ नहीं आया कि ट्रंप ईरान पर हमला करने से पहले पाकिस्तान का मुंह बंद करना चाहते थे, तो मुनीर की समझ पर सवाल उठना लाजिमी है।

‘आप की अदालत’ में असदुद्दीन ओवैसी ने ठीक कहा था कि ट्रंप मुनीर को नाच नचाएंगे और मुनीर नाचेंगे। और मुनीर के चक्कर में पूरे पाकिस्तान को नाचना पड़ा पड़ा। जो डिप्लोमेसी के चैंपियन बनते थे, उनकी हवा निकल गई। अमेरिका ने पाकिस्तान के air space का इस्तेमाल किया। ईरान से लगने वाली पाकिस्तान की 1000 किलोमीटर लंबी सरहद का इस्तेमाल किया और आसिम मुनीर को यतीम की तरह छोड़ दिया। अब सब कह रहे हैं कि मोदी ने ठीक किया। ट्रंप को फोन पर अपनी बात बताई और White House जाने से इनकार कर दिया।

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू
खास खबर

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू

राष्ट्रपति ट्रंप ने सबसे बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान का खार्ग द्वीप पूरी तबाह कर दिया गया है. हालांकि अभी ईरान ने इसकी पुष्टि नहीं की है. ट्रंप ने हमले की एआई वीडियो भी जारी की है.

UB India News31 अग॰
युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत
खास खबर

युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत

सोमवार यानी 31 अगस्त को देश के जीडीपी के आंकड़े आने वाले हैं. उम्मीद की जा रही है कि देश की रफ्तार 7% से ज्यादा रह सकती है. वैसे मिडिल ईस्ट वॉर, महंगाई के अलावा फैक्टर्स चुनौतियां बनी हुई हैं. लोन ग्रोथ और कॉरेपोरेट इनकम देश की ग्रोथ को सहारा दे सकते हैं. क्या चुनौतियों के बाद भी देश की इकोनॉमिक ग्रोथ 7% रह सकती है?

UB India News31 अग॰
नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…
खास खबर

नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…

पाल-तिब्बत सीमा के पास भोटेकोशी नदी में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने दोनों ही देशों के इलाकों में भीषण तबाही मचाई है। इस बाढ़ में अब तक 804 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3000 से ज्यादा अब भी लापता हैं। नेपाल-तिब्बत में विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

UB India News31 अग॰
ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा
खास खबर

ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन के बीच बिश्केक में मुलाकात होने वाली है. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद ये पहली बार होगा, जब दोनों देशों के नेता आमने-सामने मिलने वाले हैं. ऐसे में पूरी दुनिया की नजर इस द्विपक्षीय वार्ता पर होगी.

UB India News31 अग॰
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰