बिहार में कांग्रेस का बड़ा दांव! महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर खींचतान तेज

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियां जोरों पर है और महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर खिंचतान तेज हो गयी है. एक ओर भाकपा ने 24 से अधिक सीटों पर दावेदारी कर तेजस्वी यादव की मुसीबत बढ़ा दी है. वहीं अब एक बार फिर कांग्रेस ने 90 सीटों पर दावेदारी पेश की है. सूत्रों के […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
गुरुवार, 26 जून 2025, 10:15 AM 3 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
बिहार में कांग्रेस का बड़ा दांव! महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर खींचतान तेज
Photo: UB India News Archive
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियां जोरों पर है और महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर खिंचतान तेज हो गयी है. एक ओर भाकपा ने 24 से अधिक सीटों पर दावेदारी कर तेजस्वी यादव की मुसीबत बढ़ा दी है. वहीं अब एक बार फिर कांग्रेस ने 90 सीटों पर दावेदारी पेश की है. सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर सामने आ रही है है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने बिहार में 90 सीटों पर चुनाव लड़ने की रणनीति बनाई है. पार्टी ने इन सीटों को तीन श्रेणियों में बांटा है: श्रेणी ‘ए’ में 50 सीटें, श्रेणी ‘बी’ और ‘सी’ में 18-18 सीटें शामिल हैं. इसके अलावा, चार अन्य सीटों पर भी विचार चल रहा है. हालांकि माना जा रहा है कि कांग्रेस को महागठबंधन में 50 से 55 सीटें मिलने की उम्मीद है.
बिहार में सितंबर-अक्टूबर 2025 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सभी दल अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं. कांग्रेस, जो 2020 के चुनाव में 70 सीटों पर लड़ी थी और 19 सीटें जीती थी, इस बार अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए ज्यादा सीटों पर दावा कर रही है. श्रेणी ‘ए’ में शामिल 50 सीटें ऐसी हैं, जहां कांग्रेस का मजबूत जनाधार है और जीत की संभावना अधिक है. श्रेणी ‘बी’ में 18 सीटें हैं, जहां पार्टी ने पिछले चुनाव में हिस्सा नहीं लिया था. लेकिन इस बार बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है. वहीं, श्रेणी ‘सी’ की 18 सीटें ऐसी हैं, जहां जीत की संभावना कम है, लेकिन पार्टी रणनीतिक रूप से उपस्थिति दर्ज कराना चाहती है. चार अतिरिक्त सीटों पर विचार चल रहा है, जो गठबंधन की रणनीति पर निर्भर करेगा.

कांग्रेस की यह रणनीति महागठबंधन में उसकी स्थिति को मजबूत करने की कोशिश का हिस्सा है. 2020 में महागठबंधन की हार का ठीकरा कांग्रेस पर फूटा था, क्योंकि उसे कई ऐसी सीटें दी गई थीं, जहां गठबंधन पहले से कमजोर था. इस बार पार्टी ऐसी सीटों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जहां वह जीत हासिल कर सकती है। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस ने इन 90 सीटों के लिए सर्वे कराया है और जीत की संभावना के आधार पर उम्मीदवारों का चयन करेगी.
हालांकि, महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर चुनौतियां बरकरार हैं। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) 150 से अधिक सीटों पर दावा कर रहा है, जबकि भाकपा (माले) ने 40-45 और भाकपा ने 24 से अधिक सीटों की मांग की है. ऐसे में कांग्रेस की 50-55 सीटों की उम्मीद गठबंधन के भीतर जटिल समीकरण पैदा कर सकती है. तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन को एकजुट रखने की चुनौती होगी. दूसरी ओर, एनडीए ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. नीतीश कुमार और बीजेपी की रैलियां शुरू हो चुकी हैं, और चिराग पासवान ने 225 सीटों का दावा किया है. अब यह देखना होगा कि महागठबंधन में सीट बंटवारे का फॉर्मूला कैसे तय होता है और क्या कांग्रेस अपनी मांग के मुताबिक सीटें हासिल कर पाएगी.
UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू
खास खबर

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू

राष्ट्रपति ट्रंप ने सबसे बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान का खार्ग द्वीप पूरी तबाह कर दिया गया है. हालांकि अभी ईरान ने इसकी पुष्टि नहीं की है. ट्रंप ने हमले की एआई वीडियो भी जारी की है.

UB India News31 अग॰
युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत
खास खबर

युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत

सोमवार यानी 31 अगस्त को देश के जीडीपी के आंकड़े आने वाले हैं. उम्मीद की जा रही है कि देश की रफ्तार 7% से ज्यादा रह सकती है. वैसे मिडिल ईस्ट वॉर, महंगाई के अलावा फैक्टर्स चुनौतियां बनी हुई हैं. लोन ग्रोथ और कॉरेपोरेट इनकम देश की ग्रोथ को सहारा दे सकते हैं. क्या चुनौतियों के बाद भी देश की इकोनॉमिक ग्रोथ 7% रह सकती है?

UB India News31 अग॰
नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…
खास खबर

नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…

पाल-तिब्बत सीमा के पास भोटेकोशी नदी में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने दोनों ही देशों के इलाकों में भीषण तबाही मचाई है। इस बाढ़ में अब तक 804 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3000 से ज्यादा अब भी लापता हैं। नेपाल-तिब्बत में विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

UB India News31 अग॰
ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा
खास खबर

ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन के बीच बिश्केक में मुलाकात होने वाली है. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद ये पहली बार होगा, जब दोनों देशों के नेता आमने-सामने मिलने वाले हैं. ऐसे में पूरी दुनिया की नजर इस द्विपक्षीय वार्ता पर होगी.

UB India News31 अग॰
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰