केंद्र सरकार अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) मूल्य निर्धारण प्रणाली में बड़े बदलाव करने के बारे में सोच रही है ताकि उपभोक्ताओं को अधिक राहत मिल सके और पारदर्शिता को बढ़ावा दिया जा सके. Mint की रिपोर्ट के अनुसार केंद्रीय उपभोक्ता मामलों का विभाग इस मुद्दे पर संबंधित हितधारकों के साथ चर्चा कर रहा है और […]
By UB India News • Patna, Bihar मंगलवार, 15 जुलाई 2025, 07:05 AM • 2 मिनट read
केंद्र सरकार अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) मूल्य निर्धारण प्रणाली में बड़े बदलाव करने के बारे में सोच रही है ताकि उपभोक्ताओं को अधिक राहत मिल सके और पारदर्शिता को बढ़ावा दिया जा सके. Mint की रिपोर्ट के अनुसार केंद्रीय उपभोक्ता मामलों का विभाग इस मुद्दे पर संबंधित हितधारकों के साथ चर्चा कर रहा है और बातचीत अभी बहुत प्रारंभिक चरण में है.
कुछ लोगों का मानना है कि यह कदम मूल्य निर्धारण तंत्र में पारदर्शिता को बढ़ावा देगा और अनावश्यक मूल्य वृद्धि को रोकने में मदद करेगा, जबकि अन्य का मानना है कि इससे मूल्य निर्धारण की स्वतंत्रता कम हो सकती है.
MRP क्यों जरूरी ?
MRP प्रणाली का उपयोग प्री-लिबरलाइजेशन के समय से हो रहा है, जब इसे उन खुदरा विक्रेताओं की अनुचित गतिविधियों को रोकने के लिए पेश किया गया था जो भोले-भाले उपभोक्ताओं से अत्यधिक शुल्क लेते थे.
मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि इस बदलाव का उद्देश्य कीमतों को नियंत्रित करना नहीं है, बल्कि लागत और मुनाफे के हिसाब से इसे उचित बनाना और अनुचित व्यापार प्रथाओं की जांच करना है.
उद्योग के अधिकारियों ने जो 16 मई को बैठक में शामिल हुए थे, मौजूदा व्यवस्था में बदलाव के पक्ष में नहीं हैं. 16 मई को सभी स्टेक होल्डर्स के साथ हुई बैठक में एमआरपी व्यवस्था के साथ-साथ कई मूल्य निर्धारण मुद्दे पर भी चर्चा की गई. उद्योग संगठनों और उपभोक्ता समूहों से एमआरपी तंत्र को सुधारने के लिए सुझाव देने को कहा गया है.
लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट 2009, उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय को अनुचित व्यापार प्रथाओं की जांच करने और वजन, माप और लेबल में व्यापार और वाणिज्य को नियंत्रित करने का अधिकार देता है.
चीजें सस्ती होंगी या महंगी?
इस बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा. क्योंकि अभी कुछ भी तय नहीं है. नए फॉर्मूला, यानी लागत, लाभ मार्जिन और अन्य शुल्क के आधार पर तय रेट, मौजूदा दरों से ज्यादा हो सकता है और कम भी. इसके लिए थोडा सा इंतजार करना होगा.