डच लेखक ने नेहरू, मनमोहन और मोदी के योगदान को रेखांकित किया……………….

डच लेखक और भविष्यवादी एडजेडज बाकास ने हाल ही में मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान भारत की प्रगति पर एक अनोखा विश्लेषण प्रस्तुत किया है. बुधवार को अपनी एक किताब के विमोचन कार्यक्रम में बाकास ने दावा किया कि भारत की विकास यात्रा तीन प्रमुख नेताओं- जवाहरलाल नेहरू, मनमोहन सिंह और नरेंद्र मोदी के […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
बुधवार, 16 जुलाई 2025, 06:05 AM 3 मिनट read
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डच लेखक ने नेहरू, मनमोहन और मोदी के योगदान को रेखांकित किया……………….
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डच लेखक और भविष्यवादी एडजेडज बाकास ने हाल ही में मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान भारत की प्रगति पर एक अनोखा विश्लेषण प्रस्तुत किया है. बुधवार को अपनी एक किताब के विमोचन कार्यक्रम में बाकास ने दावा किया कि भारत की विकास यात्रा तीन प्रमुख नेताओं- जवाहरलाल नेहरू, मनमोहन सिंह और नरेंद्र मोदी के योगदान से आकार ले रही है. उनके अनुसार नेहरू ने नींव रखी, मनमोहन ने उस पर इमारत खड़ी की और मोदी ने इसे रनिंग मोड में लाकर वैश्विक मंच पर खड़ा किया.

इंडियन एक्सप्रेस में इसकी रिपोर्ट छपी है. यह विश्लेषण न केवल भारत के आर्थिक और सांस्कृतिक विकास को दर्शाता है, बल्कि भविष्य में इसके ग्लोबल साउथ के वित्तीय केंद्र बनने की संभावना पर भी प्रकाश डालता है. बाकास भारत के सॉफ्ट पावर और योग जैसे तत्वों को वैश्विक प्रभाव का आधार मानते हैं. उन्होंने कहा कि नेहरू ने स्वतंत्र भारत की नींव रखी- शिक्षा, विज्ञान और औद्योगीकरण की शुरुआत की. मनमोहन सिंह ने 1991 में आर्थिक उदारीकरण के जरिए उस इमारत को मजबूत किया, जिसने भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था से जोड़ा. अब मोदी ने इसे दौड़ने की रफ्तार दी है- डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के जरिए.

त्रिस्तरीय मॉडल

उनके इस त्रिस्तरीय मॉडल ने भारत के विकास गाथा में नेतृत्व की भूमिका को लेकर नई बहस छेड़ दी है. बाकास ने भारत के सॉफ्ट पावर पर जोर देते हुए कहा कि योग, आयुर्वेद और भारतीय संस्कृति ने इसे वैश्विक पहचान दिलाई है. पीएम मोदी की सरकार ने प्रभावी ढंग से इसे बढ़ावा दिया. उन्होंने दावा किया कि यह सॉफ्टपावर भारत को ग्लोबल साउथ का वित्तीय हब बना सकता है, विशेषकर प्रस्तावित दुबई-मुंबई रेलवे प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद.
उन्होंने कहा कि दुबई से मुंबई तक 12 घंटे की यात्रा भारत को मध्य पूर्व से जोड़ेगी और यहां का वित्तीय बाजार फल-फूल सकता है. यह विचार मुंबई को आर्थिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक दूरदर्शी कदम माना जा रहा है. हालांकि बाकास के विश्लेषण पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं बंटी हुई हैं.
बीजेपी ने इसे मोदी सरकार की उपलब्धियों का समर्थन माना, जबकि कांग्रेस ने नेहरू और मनमोहन के योगदान को कम करके आंकने का आरोप लगाया. हालांकि बाकास ने स्पष्ट किया कि उनका विश्लेषण किसी एक नेता को श्रेय देने के बजाय प्रगति की निरंतरता को दर्शाता है. बाकास की भविष्यवाणी में भारत को 2030 तक वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में उभरते देखा गया है, जहां तकनीक, संस्कृति और कूटनीति का मिश्रण इसे अग्रणी बनाएगा. उन्होंने भारत के अंतरिक्ष मिशनों जैसे शुभांशु शुक्ला की हालिया ISS यात्रा और डिजिटल नवाचारों को इस प्रगति का आधार बताया. यह विश्लेषण न केवल भारत की उपलब्धियों को रेखांकित करता है, बल्कि यह भी सुझाव देता है कि भविष्य में भारत का प्रभाव और बढ़ेगा, बशर्ते नीतियों में समावेशिता और स्थिरता बनी रहे.
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