TRF को वैश्विक आंतकी संगठन घोषित किए जाने के अमेरिकी कदम को चीन ने भी ठहराया सही……………..

अमेरिका द्वारा पहलगाम हमले के आतंकियों को वैश्विक आतंकी संगठन घोषित किए जाने से पाकिस्तान बिलबिला उठा है। अमेरिका ने अभी एक दिन पहले ही पाकिस्तान आधारित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (The Resistance Front – TRF) को वैश्विक आतंकवादी संगठन घोषित किया है। वहीं अब चीन ने भी अमेरिका के […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शनिवार, 19 जुलाई 2025, 08:23 AM 3 मिनट read
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TRF को वैश्विक आंतकी संगठन घोषित किए जाने के अमेरिकी कदम को चीन ने भी ठहराया सही……………..
Photo: UB India News Archive

अमेरिका द्वारा पहलगाम हमले के आतंकियों को वैश्विक आतंकी संगठन घोषित किए जाने से पाकिस्तान बिलबिला उठा है। अमेरिका ने अभी एक दिन पहले ही पाकिस्तान आधारित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (The Resistance Front – TRF) को वैश्विक आतंकवादी संगठन घोषित किया है। वहीं अब चीन ने भी अमेरिका के इस कदम को सही ठहरा दिया है। इससे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और ट्रंप के साथ लंच करने वाले पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर को भी तगड़ा झटका लगा है।

बौखलाया पाकिस्तान

पाकिस्तान ने अमेरिका के इस कदम के बाद टीआरएफ का संबंध लश्कर से होने से इनकार कर दिया है। पाकिस्तान ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने अपने देश में मौजूद आतंकवादी नेटवर्क को सफलतापूर्वक ध्वस्त कर दिया है। इसके साथ ही उसने  पहलगाम में हुए हालिया आतंकवादी हमले को लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जोड़ने की किसी भी कोशिश को सिरे से खारिज कर दिया है। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने एक बयान जारी कर कहा, “पाकिस्तान ने संबंधित आतंकी संगठनों के नेटवर्क को व्यापक रूप से खत्म किया है। उनके सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है और उन पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।”

पाकिस्तान को नहीं थी अमेरिका से सख्त एक्शन की उम्मीद

ट्रंप के साथ लंच करने के बाद पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर को भी यह उम्मीद नहीं थी कि ट्रंप उनके खिलाफ इतना सख्त एक्शन ले सकते हैं। मगर अब अमेरिका के इस फैसले से पाकिस्तान बौखला गया है। पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के बयान में यह भी कहा गया है कि “पहलगाम आतंकी हमले की जांच अभी तक अनिर्णायक है और इसे किसी निष्क्रिय और प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जोड़ना तथ्यों के विरुद्ध है।” विदेश कार्यालय ने अमेरिका के निर्णय पर प्रत्यक्ष टिप्पणी करने से परहेज किया, लेकिन उसने संकेत दिया कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में प्रतिबद्ध है और उसने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस दिशा में कई कदम उठाए हैं।

जिगरी दोस्त चीन भी हुआ पाकिस्तान के खिलाफ

पहलगाम आतंकी हमले के दोषियों पर अमेरिकी कार्रवाई का चीन ने भी स्वागत किया है। चीन ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा करने के साथ टीआरएफ पर अमेरिकी एक्शन को सही ठहराया है। इससे पाकिस्तान की रही-सही उम्मीदें भी धूमिल हो गई हैं। अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा पाकिस्तान आधारित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) को “विदेशी आतंकवादी संगठन” और “विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी संगठन” घोषित किए जाने पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा, चीन हर प्रकार के आतंकवाद का दृढ़ता से विरोध करता है और 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करता है। चीन क्षेत्रीय देशों से आतंकवाद-रोधी सहयोग को बढ़ाने और क्षेत्रीय सुरक्षा एवं स्थिरता को संयुक्त रूप से बनाए रखने का आह्वान करता है।” जाहिर है चीन ने अपने इस बयान से अमेरिकी कदम को एक तरह से सही ठहराया है और पाकिस्तान के आतंकी गतिविधियों का विरोध किया है। इससे पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा है।

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