‘भारत और फिजी की आकांक्षाएं एक ही नाव पर सवार’…………..

फिजी के प्रधानमंत्री सिटिवेनी राबुका आज भारत दौरे पर हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली के हैदराबाद हाउस में मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच रक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, जलवायु और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष चर्चा हुई है. फिजी के प्रधानमंत्री सिटिवेनी लिगामामादा राबुका प्रधानमंत्री मोदी की बुधवार को एक […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
सोमवार, 25 अगस्त 2025, 09:45 AM 4 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
‘भारत और फिजी की आकांक्षाएं एक ही नाव पर सवार’…………..
Photo: UB India News Archive

फिजी के प्रधानमंत्री सिटिवेनी राबुका आज भारत दौरे पर हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली के हैदराबाद हाउस में मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच रक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, जलवायु और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष चर्चा हुई है.

फिजी के प्रधानमंत्री सिटिवेनी लिगामामादा राबुका प्रधानमंत्री मोदी की बुधवार को एक संयुक्त प्रेस वार्ता हुई। इस दौरान पीएम मोदी ने जलवायु परिवर्तन को फिजी के लिए खतरा बताते हुए कहा कि हम आपदा प्रतिक्रिया से निपटने में उसकी मदद करेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और फिजी भले ही महासागरों से बंटे हुए हों, लेकिन हमारी आकांक्षाएं एक ही नाव पर सवार हैं। इस दौरान फिजी के नेता भी उनके साथ थे।

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, “33 वर्षों के बाद, 2014 में, किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने फिजी का दौरा किया। मुझे बहुत खुशी और गर्व है कि यह मेरा सौभाग्य था। उस समय, हमने फॉरेन फॉर इंडिया पैसिफिक आइलैंड कोऑपरेशन-FIPIC का गठन किया था। इस पहल ने न केवल भारत-फिजी संबंधों को बल्कि पूरे प्रशांत क्षेत्र के साथ हमारे संबंधों को भी मजबूत किया। प्रधानमंत्री राबुका की इस यात्रा के साथ, हम अपने संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ रहे हैं।”

भारत और फिजी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फिजी के समकक्ष सितवेनी लिगामामादा राबुका के साथ व्यापक वार्ता के बाद अपने रक्षा संबंधों को विस्तार देने के लिए एक व्यापक कार्य योजना तैयार की। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और फिजी भले ही महासागरों की दूरी पर हों, लेकिन हमारी आकांक्षाएं एक ही नाव पर सवार हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत और फिजी एक स्वतंत्र, समावेशी, खुले, सुरक्षित और समृद्ध भारत-प्रशांत का समर्थन करते हैं। राबुका रविवार को तीन दिवसीय यात्रा पर दिल्ली पहुंचे। दक्षिण प्रशांत क्षेत्र के प्रधानमंत्री के रूप में यह उनकी पहली भारत यात्रा है। समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में फ़िजी भारत के लिए एक महत्वपूर्ण राष्ट्र है। प्रशांत क्षेत्र में अपनी रणनीतिक पकड़ बढ़ाने के चीन के अथक प्रयासों की पृष्ठभूमि में, भारत फ़िजी के साथ अपने रक्षा संबंधों को बढ़ाने पर विचार कर रहा है।

मोदी और राबुका के बीच वार्ता के बाद, दोनों पक्षों ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को व्यापक बनाने के लिए सात समझौतों पर हस्ताक्षर किए। मोदी ने कहा, “हमने रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में आपसी सहयोग को मजबूत करने का फैसला किया है।” उन्होंने मीडिया को दिए बयान में कहा कि इसके लिए एक कार्य योजना तैयार की गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत फिजी की समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षण और उपकरण सहायता प्रदान करेगा। अपने संबोधन में मोदी ने वैश्विक दक्षिण के लिए भारत की प्राथमिकताओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक दक्षिण के विकास में सहयात्री है।

उन्होंने कहा, “हम एक ऐसी विश्व व्यवस्था के निर्माण में भागीदार हैं, जहां वैश्विक दक्षिण की स्वतंत्रता, विचारों और पहचान का सम्मान किया जाता है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन फिजी के लिए खतरा है और नई दिल्ली आपदा प्रतिक्रिया से निपटने में उसकी मदद करेगी।

तीन दिवसीय भारत यात्रा
सिटिवेनी राबुका 24-26 अगस्त 2025 के तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर भारत आए हैं और उनकी पत्नी सुलुएती राबुका भी साथ हैं.

उन्होंने अपने दौरे की शुरुआत में राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और भारतीय विश्व मामलों की परिषद में “Ocean of Peace” विषय पर व्याख्यान दिया है.

द्विपक्षीय समझौते और वार्ता
भारत और फिजी के बीच 7 मुख्य समझौते हुए: सुपर-स्पेशलिटी हॉस्पिटल निर्माण, दवाओं की सप्लाई, कौशल विकास, क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट्स, माइग्रेशन, भारतीय चांसरी बिल्डिंग का लीज़ डीड आदि.

रक्षा सहयोग के तहत भारत फिजी को एम्बुलेंस, साइबर सुरक्षा ट्रेनिंग सेल, नौसेना सहयोग और EEZ (विशेष आर्थिक क्षेत्र) की सुरक्षा में मदद देगा.

कृषि, डिजिटल हेल्थ, जलवायु परिवर्तन, शिक्षा, और संस्कृति में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है.

सामरिक और क्षेत्रीय महत्व
भारत और फिजी ने मित्रता और सहयोग के नए अध्याय की शुरुआत की है, जिसमें दोनों देशों ने ग्लोबल साउथ और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझीदारी मजबूत करने पर जोर दिया.

सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ाने के लिए हिंदी-संस्कृत शिक्षकों की नियुक्ति, गीता महोत्सव और पुजारियों की ट्रेनिंग जैसे कई क्षेत्रीय कदम भी उठाए जाएंगे

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू
खास खबर

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू

राष्ट्रपति ट्रंप ने सबसे बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान का खार्ग द्वीप पूरी तबाह कर दिया गया है. हालांकि अभी ईरान ने इसकी पुष्टि नहीं की है. ट्रंप ने हमले की एआई वीडियो भी जारी की है.

UB India News31 अग॰
युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत
खास खबर

युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत

सोमवार यानी 31 अगस्त को देश के जीडीपी के आंकड़े आने वाले हैं. उम्मीद की जा रही है कि देश की रफ्तार 7% से ज्यादा रह सकती है. वैसे मिडिल ईस्ट वॉर, महंगाई के अलावा फैक्टर्स चुनौतियां बनी हुई हैं. लोन ग्रोथ और कॉरेपोरेट इनकम देश की ग्रोथ को सहारा दे सकते हैं. क्या चुनौतियों के बाद भी देश की इकोनॉमिक ग्रोथ 7% रह सकती है?

UB India News31 अग॰
नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…
खास खबर

नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…

पाल-तिब्बत सीमा के पास भोटेकोशी नदी में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने दोनों ही देशों के इलाकों में भीषण तबाही मचाई है। इस बाढ़ में अब तक 804 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3000 से ज्यादा अब भी लापता हैं। नेपाल-तिब्बत में विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

UB India News31 अग॰
ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा
खास खबर

ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन के बीच बिश्केक में मुलाकात होने वाली है. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद ये पहली बार होगा, जब दोनों देशों के नेता आमने-सामने मिलने वाले हैं. ऐसे में पूरी दुनिया की नजर इस द्विपक्षीय वार्ता पर होगी.

UB India News31 अग॰
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰