माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स नई दिल्ली में चल रही AI समिट में अपना मुख्य भाषण नहीं देंगे। गेट्स फाउंडेशन ने इसकी जानकारी दी। फाउंडेशन ने कहा कि यह फैसला काफी सोच-विचार के बाद लिया गया है ताकि समिट का पूरा ध्यान अपनी प्राथमिकताओं पर बना रहे।
फाउंडेशन ने बताया कि समिट में बिल गेट्स की जगह अब अंकुर वोरा फाउंडेशन का पक्ष रखेंगे। अंकुर वोरा गेट्स फाउंडेशन के अफ्रीका और भारत कार्यालयों के प्रेसिडेंट हैं। वे आज समिट के एक सत्र में अपनी बात रखेंगे। अंकुर वोरा फाउंडेशन के कामों को लंबे समय से देख रहे हैं।
एपस्टीन केस से जुड़े दस्तावेजों में नाम आने पर हटे गेट्स
बिल गेट्स के समिट से हटने से वजह अमेरिकी अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में आए उनके नाम को बताया जा रहा है। इन गुप्त दस्तावेजों को हाल ही में जारी किया गया है। एपस्टीन पर यौन अपराधों और नाबालिगों की तस्करी के गंभीर आरोप थे।
2019 में आत्महत्या के बाद, उससे जुड़े कई क्लासीफाइड दस्तावेज सार्वजनिक किए गए हैं। इन फाइलों में दावा किया गया है कि एपस्टीन और गेट्स के बीच गहरे संबंध थे। एपस्टीन ने गेट्स के एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर्स और अन्य निजी गतिविधियों में मदद की थी।
बिल गेट्स ने एक इंटरव्यू में इन मुलाकातों पर अफसोस जताया है। उन्होंने कहा कि मैंने एपस्टीन के साथ जो भी समय बिताया, मुझे उसका पछतावा है और मैं इसके लिए माफी मांगता हूं।
एनवीडिया CEO ने भी भारत दौरा टाला
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में गूगल के सीईओ सुंदर पिचई और ओपन-एआई के सैम ऑल्टमैन जैसे दिग्गज शामिल हो रहे हैं। इसमें एनवीडिया के CEO जेंसेन हुआंग भी शामिल होने वाले थे, लेकिन उन्होंने कार्यक्रम रद्द कर दिया है। कयास थे कि उनके हटने की वजह बिल गेट्स की मौजूदगी हो सकती है। हालांकि कंपनी ने कोई आधिकारिक कारण नहीं दिया है।
PM मोदी ने AI इम्पैक्ट समिट का उद्घाटन किया था
PM मोदी ने 16 फरवरी को दुनिया के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी इवेंट में से एक ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ का उद्घाटन किया था। इसके बाद उन्होंने इवेंट में शामिल हुए स्टार्टअप्स के पवेलियंस में जाकर उनके इनोवेशंस की जानकारी ली थी।
ये इवेंट 20 फरवरी तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में चलेगा। समिट के साथ-साथ ‘इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ का भी आयोजन किया गया है। यहां दुनियाभर की कंपनियां अपने लेटेस्ट AI सॉल्यूशंस को दुनिया के सामने पेश किया है।
यहां आम लोग देख सकते हैं कि एआई असल जिंदगी में कैसे काम करता है और भविष्य में AI से खेती, सेहत और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में क्या बदलाव लाने वाला है।
ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक का बयान
PTI की रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने बुधवार (18 फरवरी 2026) को कहा कि भारत अपने प्रतिभा भंडार और मजबूत डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के बल पर एआई के क्षेत्र में अगुवा बनने और समाज में इसके व्यापक अनुपालन का उदाहरण पेश करने की स्थिति में है. सुनक ने यह टिप्पणी यहां आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान एक संवाद सत्र में की. इस सत्र का आयोजन कार्नेगी इंडिया ने ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन एवं अन्य साझेदारों के साथ किया था. इस दौरान सुनक ने कहा कि एआई को लेकर दुनिया भर में अलग-अलग दृष्टिकोण हैं. उन्होंने कहा, “एआई को लेकर भारत में जबर्दस्त आशावाद और भरोसा है, जबकि पश्चिमी देशों में इस समय प्रमुख भावना चिंता की है.








