अमेरिकी युद्धपोत USS अब्राहम लिंकन पर ईरान का हमला?

अमेरिका को उम्मीद थी कि उसके हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत के बाद युद्ध शायद जल्द खत्म हो जाएगा, लेकिन ईरान ने जिस तरह से पलटवार किया है, उससे अमेरिका, पश्चिम एशिया में फंसता नजर आ रहा है। अब ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने अमेरिका के ताकतवर युद्धपोत यूएसएस अब्राहम […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शुक्रवार, 13 मार्च 2026, 08:47 AM 3 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
अमेरिकी युद्धपोत USS अब्राहम लिंकन पर ईरान का हमला?
Photo: UB India News Archive

अमेरिका को उम्मीद थी कि उसके हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत के बाद युद्ध शायद जल्द खत्म हो जाएगा, लेकिन ईरान ने जिस तरह से पलटवार किया है, उससे अमेरिका, पश्चिम एशिया में फंसता नजर आ रहा है। अब ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने अमेरिका के ताकतवर युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन पर हमले का दावा किया है।

आईआरजीसी ने एक बयान में दावा किया है कि उनकी एक बैलिस्टिक मिसाइल ने अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन को निशाना बनाया है। आईआरजीसी का कहना है कि इस हमले के चलते युद्धपोत काम करने की स्थिति में नहीं रह गया है और उसे खाड़ी जल क्षेत्र से पीछे हटना पड़ा है। हालांकि अमेरिका ने इस दावे को खारिज कर दिया है।

ईरान का क्या है दावा?

ईरान ने एक बयान जारी कर कहा है कि एक सटीक मिसाइल और ड्रोन हमले ने अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन को निशाना बनाया है। ईरान ने कहा है कि ओमान के जलक्षेत्र में युद्धपोत पर हमला किया गया, जो ईरान की समुद्री सीमा से करीब 340 किलोमीटर दूर है। ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि हमले के बाद अमेरिकी युद्धपोत और उसका स्ट्राइक ग्रुप पीछे हट गया है। हालांकि इस दावे के पक्ष में ईरान के सरकारी मीडिया ने कोई जानकारी मुहैया नहीं कराई है। आईआरजीसी ने भी अमेरिकी युद्धपोत पर हमले का दावा किया है।

अमेरिका ने ईरान के दावे पर क्या कहा?
अमेरिका ने ईरान के दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। यूएस सेंट्रल कमांड ने यूएसएस अब्राहम लिंकन की एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा है कि अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप, ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में लगातार मदद कर रहा है।
युद्धपोत पर हमले की खबर इतनी अहम क्यों?
यूएसएस अब्राहम लिंकन अमेरिकी नौसेना के सबसे ताकतवर युद्धपोतों में से एक है। ऐसे में इस पर हमला यकीनी तौर पर अमेरिका के लिए बड़ा झटका होगा। यूएसएस अब्राहम लिंकन निमित्ज श्रेणी का पांचवा युद्धपोत है। यह परमाणु ऊर्जा से चलने वाला पोत है, जो दक्षिण चीन सागर में तैनात रहता है। इस युद्धपोत को अमेरिकी नौसेना में 1989 में शामिल किया गया था। यह युद्धपोत 97 हजार टन वजनी है और इसकी फ्लाइट डेक करीब 4.5 एकड़ में फैली हुई है। इसकी लंबाई करीब 1092 फीट है। इसमें चार हैंगर एलीवेटर हैं और यह अपने साथ 90 लड़ाकू विमान ले जा सकता है। इसकी डेक पर अमेरिका के सबसे आधुनिक लड़ाकू जेट एफ-35सी तैनात हैं। इस युद्धपोत पर पांच हजार से ज्यादा नौसैनिक, मरीन और क्रू के सदस्य तैनात हैं। यह दुनिया का सबसे बड़ा युद्धपोत है। यह युद्धपोत इतना बड़ा है कि इसका अपना खुद का जिप कोड, टीवी और रेडियो स्टेशन, एक अखबार, अग्निशमन केंद्र, लाइब्रेरी, एक अस्पताल, जनरल स्टोर जैसी सुविधाएं हैं।
UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू
खास खबर

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू

राष्ट्रपति ट्रंप ने सबसे बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान का खार्ग द्वीप पूरी तबाह कर दिया गया है. हालांकि अभी ईरान ने इसकी पुष्टि नहीं की है. ट्रंप ने हमले की एआई वीडियो भी जारी की है.

UB India News31 अग॰
युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत
खास खबर

युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत

सोमवार यानी 31 अगस्त को देश के जीडीपी के आंकड़े आने वाले हैं. उम्मीद की जा रही है कि देश की रफ्तार 7% से ज्यादा रह सकती है. वैसे मिडिल ईस्ट वॉर, महंगाई के अलावा फैक्टर्स चुनौतियां बनी हुई हैं. लोन ग्रोथ और कॉरेपोरेट इनकम देश की ग्रोथ को सहारा दे सकते हैं. क्या चुनौतियों के बाद भी देश की इकोनॉमिक ग्रोथ 7% रह सकती है?

UB India News31 अग॰
नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…
खास खबर

नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…

पाल-तिब्बत सीमा के पास भोटेकोशी नदी में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने दोनों ही देशों के इलाकों में भीषण तबाही मचाई है। इस बाढ़ में अब तक 804 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3000 से ज्यादा अब भी लापता हैं। नेपाल-तिब्बत में विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

UB India News31 अग॰
ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा
खास खबर

ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन के बीच बिश्केक में मुलाकात होने वाली है. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद ये पहली बार होगा, जब दोनों देशों के नेता आमने-सामने मिलने वाले हैं. ऐसे में पूरी दुनिया की नजर इस द्विपक्षीय वार्ता पर होगी.

UB India News31 अग॰
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰