लोकसभा के आठ सांसदों का निलंबन निरस्त हो गया है। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू की तरफ से प्रस्ताव रखे जाने के बाद स्पीकर ओम बिरला ने लोकसभा सांसदों की तरफ से मतदान कराया। निलंबन रद्द किए जाने की सहमति बनने पर उन्होंने आठों सांसदों का नाम लेकर कहा कि सभी सांसदों का निलंबन तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जा रहा है। अब ये सभी सांसद संसद के बजट सत्र में हिस्सा ले सकेंगे। इस फैसले के दौरान स्पीकर ओम बिरला ने सांसदों को अनुशासन का पाठ भी पढ़ाया। उन्होंने कहा कि सदन के भीतर तख्तियां, बैनर और एआई जनित तस्वीरों के इस्तेमाल की सख्त मनाही है। सभी सांसदों को इसका ध्यान रखना चाहिए।
लोकसभा स्पीकर ने शर्तों के साथ निलंबन किया रद्द
स्पीकर ने कहा कि सोमवार को सभी दलों की बैठक में ये सहमति बनी थी कि सदन की गौरवशाली परंपरा बनाए रखने के लिए सभी सांसद मिलकर सहयोग करेंगे. उन्होंने खासतौर पर आग्रह किया कि संसद परिसर में AI जेनरेटेड फोटो, अपमानजनक प्लेकार्ड, फेक इमेज या नारे नहीं लगाए जाएं. स्पीकर ने कल ही एक बुलेटिन जारी किया था, जिसमें ये निर्देश दिए गए थे.
कैसे हुआ पूरा मामला?
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में प्रस्ताव रखा कि इन सांसदों का निलंबन वापस लिया जाए. प्रस्ताव पर चर्चा हुई, जिसमें विपक्ष की तरफ से सुप्रिया सुले ने कहा कि कल की मीटिंग में 1 घंटे तक बात हुई और सबको बोलने का मौका मिला. उन्होंने कहा, ‘हम यहां गाली देने नहीं आए, देश की सेवा करने आए हैं. आप हमें न्याय दीजिए, हम आपके साथ काम करने को तैयार हैं.’ उन्होंने लक्ष्मण रेखा का सम्मान करने और सदन सुचारु चलाने पर जोर दिया.
धर्मेंद्र यादव ने के सुरेश के प्रस्ताव का समर्थन किया और निशिकांत दुबे का नाम लेकर कहा कि पहले आपको सुधार करना होगा. इसके बाद निशिकांत दुबे खड़े हुए और बोले कि उन्होंने कभी मर्यादा का उल्लंघन नहीं किया. उन्होंने कहा, ‘माफी मांगें या साबित करें.’ यहां हल्का हंगामा हुआ. केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कहा कि ताली दोनों हाथ से बजती है. उन्होंने के सुरेश से कहा कि कल की बैठक में जो फैसला हुआ, उसे पूरी तरह कहें, आधा-अधूरा नहीं.
किरेन रिजिजू ने कहा कि स्पीकर अगर पहल करें और विपक्ष बात करने को तैयार रहे, तो सरकार हमेशा तैयार है. उन्होंने लक्ष्मण रेखा खींचने पर जोर दिया और विपक्ष से स्पष्टीकरण मांगा कि स्पीकर की रूलिंग मानेंगे या नहीं.
स्पीकर ओम बिरला ने सभी दलों की प्रतिबद्धता का जिक्र किया और सदन की पवित्रता बनाए रखने की अपील की. प्रस्ताव पर मतदान हुआ और स्पीकर ने घोषणा की, ‘प्रस्ताव पारित हुआ. निलंबन तुरंत प्रभाव से समाप्त किया जाता है.’
किन सासंदों को निलंबित किया गया था?
- डीन कुरियाकोस
- किरण रेड्डी
- अमरिंदर सिंह राजा वड़िग
- मणिकम टैगौर
- गुरजीत औजला
- हिबी इडेन
- वेंकेट रमन
- प्रशांत पडोले
क्यों गिरी निलंबन की गाज?
गौरतलब है कि विगत तीन फरवरी को संसद में हंगामे के दौरान मर्यादा तार-तार हुई थी। नारेबाजी और हंगामा करने वाले कुछ सांसदों ने स्पीकर के आसन तरफ दो बार कागज फेंके थे। इस मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए सांसदों को सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित किया गया था।








