कांग्रेस ने अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच मध्यस्थता की पहल से जुड़े देशों में पाकिस्तान के भी शामिल होने संबंधी खबरों को लेकर मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि इस स्थिति के लिए ”स्वयंभू विश्वगुरु” जिम्मेदार हैं। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि युद्ध से ठीक पहले प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल की यात्रा की, जिसके कारण भारत मध्यस्थता की स्थिति से उपेक्षित हो गया, जबकि भारत को यह भूमिका निभानी चाहिए थी।
मध्यस्थता का मौका गंवाना भारत के लिए आघात
जयराम रमेश ने कुछ खबरों का हवाला देते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों की खबरों में कहा गया है कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बातचीत से जुड़े मध्यस्थों में पाकिस्तान शामिल है। यदि ये खबरें सच हैं, तो ये भारत के लिए एक बड़ा आघात है और इसके लिए स्वयंभू विश्वगुरु जिम्मेदार हैं।’
खराब स्थिति में होकर भी पाकिस्तान को जीवनदान मिल गयाः कांग्रेस
कांग्रेस नेता ने कहा, ” एक वर्ष से अधिक समय में यह पूरी तरह से स्पष्ट हो गया है कि ऑपरेशन सिंदूर में हमारी निस्संदेह सैन्य सफलताओं के बावजूद, दुखद वास्तविकता यह है कि उसके बाद पाकिस्तान की कूटनीतिक भागीदारी और विमर्श प्रबंधन मोदी सरकार की तुलना में काफी बेहतर रहा है। उस पाकिस्तान को नया जीवनदान मिल गया जो राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और विश्व स्तर पर बेहद खतरनाक स्थिति में था।’
भारत ने मध्यस्थता का अवसर गवां दियाः जयराम रमेश
जयराम रमेश ने दावा किया, ‘प्रधानमंत्री मोदी की बिना सोची समझी इजरायल यात्रा हमारे राजनीतिक इतिहास में एक विनाशकारी घटनाक्रम के रूप में दर्ज की जाएगी, जिसने हमें उस स्थिति से पीछे हटने पर मजबूर कर दिया है जहां हम मध्यस्थता कर सकते थे और करना चाहिए था। ‘ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘प्रधानमंत्री की गले मिलने वाली कूटनीति पूरी तरह उजागर हो गई है। देश को इसकी कीमत चुकाने के लिए मजबूर किया जा रहा है।’








