बिहार में प्री-मानसून का सबसे खतरनाक सिस्टम ‘काल वैशाखी’ एक्टिव हो गया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए राज्य के अधिकांश हिस्सों, विशेषकर उत्तर और पूर्वी बिहार में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।
बुधवार रात से गुरुवार तक 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की आशंका है।
बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और उत्तर-पश्चिमी चक्रवातीय सिस्टम के मिलन से यह स्थिति बनी है, जिससे पारा 4 डिग्री तक लुढ़क सकता है। हालांकि, 10 अप्रैल के बाद से फिर से मौसम ठीक हो सकता है।
राज्य में मौसम के दो रंग दिखे। एक तरफ कैमूर (भभुआ) 38.1 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा, वहीं पटना में दोपहर बाद हुई हल्की बारिश से मौसम सुहावना हो गया। यहां का पारा 29 डिग्री दर्ज किया गया। सबसे ज्यादा बारिश औरंगाबाद के कुटुंबा (2.6 मिमी) में हुई।
बुधवार को 11 जिलों में हुई बारिश
बीते 24 घंटे में पटना पटना, बांका, गोपालगंज-बेगूसराय समेत 11 जिलों में बारिश हुई। पटना में सुबह हल्की बूंदाबांदी हुई, जबकि दोपहर बाद तेज बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया।
वहीं, 34.3 डिग्री अधिकतम तापमान के साथ छपरा सबसे गर्म जिला रहा। बारिश और आंधी की वजह से अधिकतम तापमान में कमी आई है। हालांकि 11 अप्रैल बाद फिर गर्मी शुरू हो जाएगी।
मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव अभी थमने वाला नहीं है। एक-दो दिन ऐसे ही हालात बने रहेंगे। इस दौरान कई जगहों पर तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम बदलने की वजह
विशेषज्ञों के मुताबिक उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी युक्त हवाओं के कारण मौसम में यह बदलाव देखा जा रहा है।
साथ ही एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) भी सक्रिय है, जिससे वातावरण में अस्थिरता बढ़ गई है। इसी कारण अचानक तेज हवा, बारिश और आंधी जैसी स्थिति बन रही है।
पटना में छाए रहेंगे बादल
पटना में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। हालांकि यहां भारी बारिश की संभावना कम है, लेकिन हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।
दिन के समय उमस बनी रह सकती है, वहीं तापमान सामान्य से थोड़ा कम रहने के आसार हैं।
भारी बारिश से ककोलत जलप्रपात में अचानक आई बाढ़,
बिहार का कश्मीर कहे जाने वाले ककोलत जलप्रपात में बुधवार (8 अप्रैल) को अचानक बाढ़ आ गई. ककोलत जलप्रपात बिहार के नवादा जिले में स्थित है. गर्मी के मौसम में ठंडे पानी में स्नान के लिए यहां काफी पर्यटक पहुंचते हैं. झारखंड के ऊपरी इलाकों में अचानक भारी बारिश के कारण यहां पानी का स्तर तेजी से बढ़ गया. पानी का स्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति बन गई. बाढ़ में कई पर्यटक और स्थानीय लोग फंस गए जिससे अफरा-तफरी मच गई. इसका वीडियो भी सामने आया है जिसमें लोग इधर-उधर भागते दिखाई दे रहे हैं.
वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि कैसे रेलिंग से लोग भागते नजर आए. सौभाग्य से कोई बड़ी दुर्घटना नहीं घटी. स्थानीय लोगों ने मोबाइल में वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसमें झरने का रौद्र रूप देखकर हर कोई हैरान है. वीडियों में लोग कहते नजर आ रहे हैं कि बारिश में इस स्थान पर न आयें और बताया कैसे लोगों ने चिल्लाकर एक-दूसरे को चेतावनी दी और तुरंत उंची जगह की ओर भागकर अपनी जान बचाई.
प्रशासन ने तत्परता दिखाई और तुरंत पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगा दी. स्थानीय लोग और गार्ड ने फंसे लोगों को सुरक्षित जगह तक पहुंचाने में मदद की. वन विभाग और स्थानीय अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और सुरक्षा बढ़ा दी गई. गौर हो कि ककोलत हमेशा पर्यटकों का पसंदीदा स्थल रहा है. इस जगह को लेकर मान्यता है कि यहां स्नान करने से सर्प योनि से मुक्ति मिलती है. गर्मियों में यहां मेला जैसा माहौल देखने को मिलता है. भीषण गर्मी में भी यहां का पानी ठंडा रहता है और यही कारण है कि इसे बिहार का कश्मीर भी कहा जाता है.
ककोलत जलप्रपात झारखंड के बॉर्डर के पास है और यहां पानी ऊपरी पहाड़ियों और जंगलों से आता है. झारखंड की ऊपरी इलाकों में बारिश होने से झरने का पानी का स्तर बढ़ जाता है, जिससे झरने का पानी सीढ़ियों और घाटों तक पहुंच गया. यह देखने में साधारण लगता है, लेकिन कुछ देर में पानी तेजी से बढ़ जाता है और रौद्र रूप ले लेता है.








