हरिवंश नारायण सिंह फिर बने राज्यसभा सांसद, राष्ट्रपति ने किया मनोनीत

राज्यसभा के लिए राष्ट्रपति ने हरिवंश को मनोनीत किया है. वह एक बार फिर से राज्यसभा सांसद बनाए गए हैं. राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन (उपसभापति) और जनता दल-यूनाइटेड (जेडी-यू) के वरिष्ठ नेता हरिवंश नारायण सिंह का कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हुआ था. आज 10 अप्रैल को राष्ट्रपति के मनोनीत किए जाने के बाद वह […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026, 07:15 AM 3 मिनट read
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हरिवंश नारायण सिंह फिर बने राज्यसभा सांसद, राष्ट्रपति ने किया मनोनीत
Photo: UB India News Archive
राज्यसभा के लिए राष्ट्रपति ने हरिवंश को मनोनीत किया है. वह एक बार फिर से राज्यसभा सांसद बनाए गए हैं. राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन (उपसभापति) और जनता दल-यूनाइटेड (जेडी-यू) के वरिष्ठ नेता हरिवंश नारायण सिंह का कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हुआ था. आज 10 अप्रैल को राष्ट्रपति के मनोनीत किए जाने के बाद वह एक बार फिर राज्यसभा के सदस्य बनाए गए हैं. बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति ने पूर्व CJI रंजन गोगोई के अपनी सीट से सेवानिवृत्त होने के बाद खाली हुई सीट को भरने के लिए JD(U) के हरिवंश नारायण सिंह को राज्यसभा के लिए नामित किया.
कौन हैं उपसभापति रहे हरिवंश नारायण सिंह
हरिवंश नारायण सिंह का जन्म 30 जून 1956 में उत्तर प्रदेश के बलिया में हुआ. उन्होंने प्राथमिक शिक्षा गांव से सटे टोला काशी राय स्थित स्कूल से शुरू की. उसके बाद जेपी इंटर कालेज सेवाश्रम (जयप्रकाशनगर) से 1971 में हाईस्कूल पास करने के बाद वे वाराणसी पहुंचे. यूपी कॉलेज से इंटरमीडिएट और उसके बाद काशी हिंदू विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट किया और पत्रकारिता में डिप्लोमा की डिग्री हासिल की. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टाइम्स ग्रुप से की थी. साल 1981-84 तक हैदराबाद और पटना में बैंक ऑफ इंडिया में नौकरी की. साल 1984 में इन्होंने पत्रकारिता में वापसी की. इसके बाद बिहार के एक बड़े मीडिया प्रभात खबर से जुड़े, जहां पर उन्होंने 2 दशक से ज़्यादा समय तक काम किया. इसी दौरान वो नीतीश कुमार के करीब आए. इसके बाद नीतीश ने हरिवंश को जेडीयू का महासचिव बना दिया.
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विदाई भाषण में किया था सीएम नीतीश और पीएम मोदी का धन्यवाद
गौरतलब है कि बीते दिनों में अपने कार्यकाल खत्म होने को लेकर कहा था कि- ‘राज्यसभा में उनका कार्यकाल 9 अप्रैल तक है. इन 12 सालों में करीब साढ़े चार साल सांसद, शेष समय राज्यसभा के उपसभापति के तौर पर जुड़ाव रहा. बिहार के माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने दो बार राज्यसभा भेजा, उनके प्रति आभार. साथ ही उन्होंने सभी पीएम मोदी और दलों के नेताओं को धन्यवाद देते हुए कहा कि ‘पहले ही टर्म में उपसभापति के रूप में अवसर मिलने के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी के प्रति विशेष आभार और कृतज्ञता, जिन्होंने भरोसा किया.
माने जाते हैं नीतीश कुमार के करीबी
हरिवंश नारायण सिंह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीब माने जाते हैं. लेकिन अब बीजेपी में भी उन्होंने अपनी मजबूत पैठ बना ली है. अगस्त 2022 में जेडीयू के बीजेपी से अलग होने के बावजूद हरिवंश अपने पद से इस्तीफा न देकर बीजेपी नेतृत्व की नजरों में आ गए थे. विपक्ष के बहिष्कार के बावजूद उन्होंने नए संसद भवन के उद्घाटन कार्यक्रम में न सिर्फ हिस्सा लिया था. बल्कि प्रधानमंत्री मोदी की जमकर तारीफ की थी.
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