संसद की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, नहीं पास हो सका संविधान संशोधन विधेयक

लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शनिवार को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई। सदन की बैठक 11 बजे शुरू हुई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया कि 18वीं लोकसभा के इस (सातवें) सत्र में कुल 31 बैठकें हुईं और सदन की कार्यवाही 151 घंटे तथा 42 मिनट तक चली। उन्होंने कहा कि इस […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शनिवार, 18 अप्रैल 2026, 08:13 AM 3 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
संसद की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, नहीं पास हो सका संविधान संशोधन विधेयक
Photo: UB India News Archive

लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शनिवार को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई। सदन की बैठक 11 बजे शुरू हुई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया कि 18वीं लोकसभा के इस (सातवें) सत्र में कुल 31 बैठकें हुईं और सदन की कार्यवाही 151 घंटे तथा 42 मिनट तक चली। उन्होंने कहा कि इस सत्र में कार्य उत्पादकता 93 प्रतिशत रही। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कई अन्य दलों के प्रमुख नेता सदन में मौजूद थे।आज विशेष सत्र का आखिरी दिन है।  लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के स्थगित कर दी। साथ ही राज्यसभा को भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। दरअसल, महिला आरक्षण और परिसीमन संशोधन विधेयक शुक्रवार को लोकसभा से पास नहीं हो पाया।

लोकसभा में बिल पास न होने पर सियासत तेज, कांग्रेस बोली- सरकार की योजना फेल

संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के लोकसभा में पारित न हो पाने पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने की सरकार की रणनीति विफल हो गई है। उन्होंने कहा कि हम पहले ही 2023 का महिला आरक्षण कानून सर्वसम्मति से पास कर चुके हैं। अब सरकार को तुरंत कदम उठाते हुए इसे 2029 के चुनाव से पहले लागू करना चाहिए। वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि सरकार ने महिला आरक्षण को परिसीमन प्रक्रिया से जोड़कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की।

हम महिला विरोधी नहीं है- खरगे

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि INDIA गठबंधन के सांसद महिला विरोधी नहीं हैं, बल्कि वे संविधान (131वां संशोधन) विधेयक और परिसीमन से जुड़े प्रावधानों का विरोध कर रहे हैं।

संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए खरगे ने आरोप लगाया कि केंद्र की एनडीए सरकार का उद्देश्य सत्ता हासिल कर भविष्य में परिसीमन कानून को साधारण बहुमत से बदलने का रास्ता बनाना है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से कांग्रेस सांसद लोकसभा में इस विधेयक और परिसीमन बिल का विरोध कर रहे हैं। खरगे ने कहा कि हम लंबे समय से एक-तिहाई महिला आरक्षण के पक्ष में रहे हैं। 2023 के संशोधन को हमने सर्वसम्मति से समर्थन दिया और पास किया। लेकिन उसके नाम पर सरकार ने एक और संशोधन लाकर उसमें परिसीमन का प्रावधान जोड़ दिया, जिससे दोनों मुद्दों को जोड़ दिया गया।

हमने भारत के संविधान की रक्षा का जश्न मनाया है- प्रियंका गांधी

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि हमने भारत के संविधान की रक्षा का जश्न मनाया है। उन्होंने जो परिसीमन लाने की साजिश रची थी, उसे हमने हरा दिया। विपक्ष का कहना है कि सरकार को पुराने महिला आरक्षण विधेयक को वापस लाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस महिला आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन सरकार जिस तरीके से इसे लेकर आई है, उसका समर्थन नहीं किया जा सकता।

परिसीमन पर एमके स्टालिन का बयान

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने परिसीमन के मुद्दे पर बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि  कौन हमारे दोस्त हैं और कौन गद्दार। स्टालिन ने अपने पोस्ट में डीएमके की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि पार्टी ने नया इतिहास रचा है।

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू
खास खबर

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू

राष्ट्रपति ट्रंप ने सबसे बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान का खार्ग द्वीप पूरी तबाह कर दिया गया है. हालांकि अभी ईरान ने इसकी पुष्टि नहीं की है. ट्रंप ने हमले की एआई वीडियो भी जारी की है.

UB India News31 अग॰
युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत
खास खबर

युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत

सोमवार यानी 31 अगस्त को देश के जीडीपी के आंकड़े आने वाले हैं. उम्मीद की जा रही है कि देश की रफ्तार 7% से ज्यादा रह सकती है. वैसे मिडिल ईस्ट वॉर, महंगाई के अलावा फैक्टर्स चुनौतियां बनी हुई हैं. लोन ग्रोथ और कॉरेपोरेट इनकम देश की ग्रोथ को सहारा दे सकते हैं. क्या चुनौतियों के बाद भी देश की इकोनॉमिक ग्रोथ 7% रह सकती है?

UB India News31 अग॰
नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…
खास खबर

नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…

पाल-तिब्बत सीमा के पास भोटेकोशी नदी में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने दोनों ही देशों के इलाकों में भीषण तबाही मचाई है। इस बाढ़ में अब तक 804 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3000 से ज्यादा अब भी लापता हैं। नेपाल-तिब्बत में विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

UB India News31 अग॰
ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा
खास खबर

ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन के बीच बिश्केक में मुलाकात होने वाली है. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद ये पहली बार होगा, जब दोनों देशों के नेता आमने-सामने मिलने वाले हैं. ऐसे में पूरी दुनिया की नजर इस द्विपक्षीय वार्ता पर होगी.

UB India News31 अग॰
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰