पश्चिम बंगाल में बना इतिहास, TMC की दो पत्तियों के मुकाबले कमल कितना दमदार?

पश्चिम बंगाल में आज (29 अप्रैल) को दूसरे और अंतिम चरण का मतदान पूरा हो गया। इसी के साथ चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनावी कार्यक्रम का आखिरकार अंत हुआ। अब 4 मई को इन सभी राज्यों में मतगणना का दिन है। हालांकि, इससे पहले 29 अप्रैल को मतदान खत्म होने के […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
गुरुवार, 30 अप्रैल 2026, 07:22 AM 6 मिनट read
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पश्चिम बंगाल में बना इतिहास, TMC की दो पत्तियों के मुकाबले कमल कितना दमदार?
Photo: UB India News Archive

पश्चिम बंगाल में आज (29 अप्रैल) को दूसरे और अंतिम चरण का मतदान पूरा हो गया। इसी के साथ चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनावी कार्यक्रम का आखिरकार अंत हुआ। अब 4 मई को इन सभी राज्यों में मतगणना का दिन है। हालांकि, इससे पहले 29 अप्रैल को मतदान खत्म होने के बाद अलग-अलग सर्वे एजेंसियां चुनाव के नतीजों का अनुमान बताने वाले एग्जिट पोल्स जारी कर रही हैं। इन पोल के जरिए ये बताने की कोशिश हुई है कि किस राज्य में कौन सी पार्टी सरकार बन सकती है या कितनी सीटें जीत सकती है।

एग्जिट पोल के नतीजों की सटीकता को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। फिर चाहे 2024 में लोकसभा और हरियाणा विधानसभा चुनावों की बात हो या 2025 के बिहार-दिल्ली विधानसभा चुनाव। कुछ मौकों पर यह एग्जिट पोल पूरी तरह असलियत से दूर रहे हैं और कुछ चुनावों में इनके अनुमान काफी हद तक निशाने पर भी लगे हैं।
इसी तर्ज पर यह जानना अहम है कि आखिर जिन पांच राज्यों में आज चुनावी कार्यक्रम का अंत हो गया है, वहां 2021 में जब चुनाव हुए थे तो एग्जिट पोल के अनुमान क्या थे? यह असल नतीजों से कितना अलग रहे थे? इससे यह जानने में आसानी होगी कि एग्जिट पोल की विश्वसनीयता कितनी है और इसके दावे कितने सटीक होते हैं? 

पिछले चुनाव में एग्जिट पोल के कैसे नतीजे थे?

1. पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 के एग्जिट पोल के नतीजों में मुख्य रूप से सत्ताधारी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच कड़ी टक्कर का अनुमान लगाया गया था। इसके अलावा कांग्रेस और माकपा को भारी नुकसान का अनुमान लगाया गया।

294 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 148 सीटों की आवश्यकता है। 2021 के सभी प्रमुख एग्जिट पोल्स का एक औसत निकाला जाए तो सामने आता है कि टीएमसी के नेतृत्व वाले गठबंधन को 143-155 सीटें, भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन को 121-134 सीटें और संयुक्त मोर्चा (कांग्रेस-माकपा गठबंधन) को 12-17 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया था। इनमें से तीन एग्जिट पोल्स में तो भाजपा को पूर्ण बहुमत मिलने तक की संभावना जताई थी।

2. असम

2021 के असम विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल के नतीजों में मुख्य रूप से सत्ताधारी भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए और कांग्रेस के नेतृत्व वाले महाजोत के बीच मुकाबला दिखाया गया था, जिसमें ज्यादातर एजेंसियों ने एनडीए की सत्ता में वापसी का अनुमान लगाया था।

126 विधानसभा सीटों वाले असम में जीत के लिए 64 सीटों की जरूरत थी। कई प्रमुख सर्वे एजेंसियों ने चुनाव में एनडीए को स्पष्ट बहुमत मिलने की भविष्यवाणी की थी। हालांकि, कुछ एग्जिट पोल्स ने दोनों गठबंधनों के बीच बेहद कड़ी टक्कर और त्रिशंकु विधानसभा होने का अनुमान जताया था।

3. तमिलनाडु

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2021 के एग्जिट पोल के नतीजों में एकमत होकर एमके. स्टालिन के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (एसपीए) की जीत का अनुमान लगाया गया था। इस गठबंधन में द्रमुक और कांग्रेस के अलावा तमिलनाडु के ही कई क्षेत्रीय दल शामिल थे। दूसरी तरफ सत्ताधारी एनडीए, जिसमें अन्नाद्रमुक  और भाजपा के अलावा पीएमके समेत कुछ और क्षेत्रीय दल शामिल थे, की सत्ता से विदाई का अनुमान लगाया गया था।


234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की आवश्यकता थी। एग्जिट पोल के सर्वे में सीधे तौर डीएमके गठंबधन को बढ़त दिखाई गई थी।

4. केरल

2021 के केरल विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल के नतीजों में अधिकतर सर्वे एजेंसियों ने पिनरई विजयन के नेतृत्व वाले सत्ताधारी वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की सत्ता में शानदार वापसी की भविष्यवाणी की थी। 140 सीटों वाली केरल विधानसभा में सरकार बनाने के लिए बहुमत का जादुई आंकड़ा 71 था।

कई बड़ी सर्वे एजेंसियों ने एलडीएफ को दो-तिहाई बहुमत के करीब या स्पष्ट जीत मिलने का अनुमान लगाया था। वहीं, कुछ और एग्जिट पोल्स में मुख्य विपक्षी दल- संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) और एलडीएफ के बीच काफी कड़े मुकाबले का अनुमान जताया गया, हालांकि बढ़त लेफ्ट को ही दी गई थी।

5. पुदुचेरी

पुदुचेरी विधानसभा चुनाव 2021 के एग्जिट पोल से भाजपा और ऑल इंडिया एनआर. कांग्रेस (एआईएनआरसी) के नेतृत्व वाले एनडीए की जीत और सत्ताधारी कांग्रेस-द्रमुक के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की हार का अनुमान लगाया गया था।

पुदुचेरी की 30 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 16 सीटों की आवश्यकता थी। इन एग्जिट पोल्स के अलावा, चुनाव से पहले आए अधिकतर ओपिनियन पोल्स ने भी स्पष्ट रूप से एनडीए को 16 से 27 सीटों के बीच पूर्ण बहुमत मिलने की भविष्यवाणी की थी।

एग्जिट पोल्स के बाद असल नतीजे कैसे रहे?

1. पश्चिम बंगाल

यहां के असल नतीजे एग्जिट पोल्स के त्रिशंकु या बेहद कड़े मुकाबले के अनुमानों से बिल्कुल उलट रहे। जहां ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस ने 215 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया तो वहीं भाजपा 77 सीटों पर सिमट गई। दूसरी तरफ राज्य के इतिहास में पहली बार वाम मोर्चा और कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला, जबकि संयुक्त मोर्चा की ओर से केवल आईएसएफ को एक सीट मिली।

2. असम

असम में एग्जिट पोल्स का सत्ता वापसी का अनुमान बिल्कुल सटीक साबित हुआ। भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने 75 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया और लगातार दूसरी बार सरकार बनाई। कांग्रेस के नेतृत्व वाले महाजोत को 50 सीटें मिलीं। एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार (अखिल गोगोई) ने जीती।

3. तमिलनाडु

तमिलनाडु में भी एग्जिट पोल्स का सत्ता परिवर्तन का अनुमान काफी हद तक सही साबित हुआ। एमके. स्टालिन के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (एसपीए) ने 159 सीटें जीतकर शानदार जीत दर्ज की। इसमें अकेले द्रमुक ने 133 सीटें जीतीं। सत्ताधारी एनडीए 75 सीटों पर सिमट गया, जिसमें एआईएडीएमके ने 66 सीटें जीतीं।

4. केरल

केरल के असल नतीजों ने एग्जिट पोल्स की भविष्यवाणी पर मुहर लगाई और 1977 के बाद पहली बार किसी गठबंधन ने लगातार दूसरी बार सरकार बनाई। पिनरई विजयन के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने 99 सीटें जीतकर ऐतिहासिक सत्ता वापसी की। मुख्य विपक्षी गठबंधन यूडीएफ को 41 सीटें प्राप्त हुईं। एनडीए अपना खाता खोलने में भी विफल रहा और उसका वोट प्रतिशत भी गिर गया।

5. पुदुचेरी

पुदुचेरी में भी एग्जिट पोल्स का सत्ता परिवर्तन का अनुमान सही निकला। एन. रंगास्वामी के नेतृत्व वाले एनडीए (एआईएनआरसी+भाजपा+अन्नाद्रमुक) ने 16 सीटें जीतकर साधारण बहुमत हासिल किया और सरकार बनाई। सत्ताधारी यूपीए (कांग्रेस+द्रमुक) को केवल आठ सीटें मिलीं। बाकी छह सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की।
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