मौसम विभाग ने सूबे के 16 जिलों में गंभीर स्थिति को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इन जिलों में हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. प्रभावित होने वाले मुख्य जिले हैं:
- उत्तर और पश्चिमी बिहार: पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण.
- दक्षिण और मध्य बिहार: भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, अरवल और औरंगाबाद.
- पूर्वी बिहार: खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर, बांका और जमुई.
22 जिलों में येलो अलर्ट
इनके अलावा राज्य के बाकी बचे 22 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है. जहां मध्यम से तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है.
तापमान का हाल
इस मौसमी बदलाव के बीच शुक्रवार को भभुआ (कैमूर) 41.3°C तापमान के साथ राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा. वहीं डेहरी में 40.6°C और राजधानी पटना में 37.1°C पारा दर्ज किया गया. सबसे कम न्यूनतम तापमान पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर में 24.0°C रहा. वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है.
इस बार समय से पहले आएगा मानसून
बिहार के लिए एक राहत भरी खबर यह है कि इस साल मानसून अपने तय समय से 4 दिन पहले दस्तक दे सकता है. आमतौर पर बिहार में मानसून 12 से 15 जून के बीच आता है, लेकिन इस बार इसके 8 से 10 जून के बीच पहुंचने की संभावना है. इसकी वजह यह है कि मानसून 26 मई को ही केरल पहुंच रहा है, जो कि तय समय से 5 दिन पहले है.
मौसम विभाग ने किया सावधानः
मौसम विभाग की ओर से आम जनजीवन की सुरक्षा को देखते हुए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. खराब मौसम के दौरान सुरक्षित रहने के लिए निम्नलिखित बातों का खास ध्यान रखें:
सुरक्षित स्थानों पर लें शरण: आंधी, तूफान या बिजली कड़कने के दौरान खुले में बिल्कुल न रहें. तुरंत किसी सुरक्षित और पक्के मकान के भीतर चले जाएं.
पेड़ों और खंभों से रहें दूर: मौसम खराब होने पर पेड़ों, बिजली के खंभों, ऊंचे टावरों या बड़े विज्ञापन होर्डिंग्स के नीचे खड़े होने से बिल्कुल बचें, क्योंकि इनके गिरने या इन पर बिजली गिरने का सबसे ज्यादा खतरा रहता है.
किसानों के लिए विशेष हिदायत: खेतों में काम कर रहे किसान मौसम बदलते ही तुरंत सुरक्षित स्थानों पर लौट जाएं. इसके साथ ही, खेतों या खलिहानों में रखी अपनी कटी हुई फसलों को तिरपाल या प्लास्टिक से अच्छी तरह ढक दें ताकि उन्हें भीगने और नुकसान होने से बचाया जा सके.
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग बंद करें: वज्रपात (आकाशीय बिजली) की स्थिति में घरों के भीतर रहें। सुरक्षा के लिहाज से टीवी, फ्रिज, कंप्यूटर और वाशिंग मशीन जैसे बिजली से चलने वाले उपकरणों के प्लग मुख्य बोर्ड से निकाल दें ताकि शॉर्ट-सर्किट से बचा जा सके.








