पटना के बाढ़ में गंगा में नाव पलटने से 3 लोगों की डूबने से मौत हो गई। जबकि 4 लापता बताए जा रहे हैं। 7 लोगों को बचा लिया गया है। नाव पर करीब 14 लोग सवार थे। जिसमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे शामिल थे। हादसा बाढ़ के उमानाथ इलाके में हुआ है।मृतकों की पहचान नीलम कुमारी (30), श्रवण महतो (36) और काशी कुमार (15) के रूप में हुई है। श्रवण और काशी का संबंध पिता-बेटे का है।घायलों में राहुल कुमार, ममता देवी, कबूतरी कुमारी और 16 साल की एक नाबालिग लड़की शामिल है। बाकी 3 की पहचान अभी नहीं हो पाई है।
तेज हवा और अधिक लोड का कारण पलटी नाव
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार की सुबह 5:45 बजे बिंद टोली के 14 लोग नाव से समस्तीपुर जिला के सुल्तानपुर दियारा गए थे। बाढ़ से लोग अक्सर सब्जी तोड़ने और खेती के काम उस इलाके में जाते हैं। वापस लौटने के दौरान तेज हवा और क्षमता से अधिक लोड के कारण नाव पलट गई। नाव पर बचाव के उपकरण भी नहीं थे।
परवल तोड़ने जा रहे थे सभी लोग
हादसे की भयंकर भनक लगते ही स्थानीय ग्रामीण तुरंत नावों के सहारे नदी में उतरे और अपने स्तर से बचाव कार्य शुरू किया. थोड़ी ही देर में प्रशासनिक टीम और भारी पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गए. अब तक नदी से दो लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि बाकी लापता लोगों की तलाश के लिए गोताखोरों की मदद ली जा रही है.
अचानक डगमगाने लगी नाव, तेज धार में बहे लोग
नाव पर सवार लोगों ने बताया कि, जैसे ही नाव नदी की बीच धारा में पहुंची, डगमगाने लगी। हमलोग कुछ समझ पाते इतने में नाव नदी में डूब गई। धारा इतनी तेज थी कि कुछ सवारियां तो बह गईं, उन्हें बचाने तक का मौका नहीं मिला। डूबते नाव को देखकर आसपास मौजूद मल्लाहों और स्थानीय गोताखोरों ने गंगा में छलांग लगा दी और 7 लोगों को बचा लिया। इन सबको इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भेजा गया। 5 लोगों के रेस्क्यू के लिए SDRF की टीम लगी है।
घटनास्थल पर बाढ़ के अंचल अधिकारी नरेंद्र कुमार और बाढ़ थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार पुलिस बल के साथ कैंप कर रहे हैं. इस हादसे के बाद से लापता और मृत लोगों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. घाट पर भारी भीड़ जमा है और पूरे इलाके में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है. स्थानीय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जब तक आखिरी व्यक्ति को ढूंढ नहीं लिया जाता, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहेगा.








