नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण कोसी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है, जिसके चलते बिहार में प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। कोसी बराज कंट्रोल रूम के अनुसार, सोमवार सुबह 10 बजे नदी का डिस्चार्ज 97,935 क्यूसेक दर्ज किया गया और जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। एहतियात के तौर पर कोसी बराज के 11 गेट खोल दिए गए हैं।
नेपाल में बारिश, बिहार में खतरा!
नेपाल के बराह क्षेत्र, जो कोसी बेसिन का एक प्रमुख जलग्रहण क्षेत्र है, वहां भी पानी के बहाव में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सुबह 10 बजे यहां डिस्चार्ज 1,23,000 क्यूसेक पहुंच गया और अधिकारियों के अनुसार जलस्तर अभी भी बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ऊपरी इलाकों में बारिश जारी रही तो दिन में यह बहाव 1,50,000 क्यूसेक से अधिक हो सकता है।
कोसी तटबंध के भीतर के क्षेत्रों पर मंडराया खतरा
इससे कोसी तटबंधों के भीतर रहने वाले क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी व्यवस्था सक्रिय कर दी है। बीरपुर जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता संजीव शैलेश ने बताया कि जलस्तर में वृद्धि नेपाल में हो रही बारिश के कारण हो रही है। उन्होंने कहा कि इंजीनियरों और फील्ड कर्मियों को पहले ही तैनात कर दिया गया है। विभाग के अनुसार जूनियर इंजीनियर, सहायक इंजीनियर और अन्य कर्मचारियों को तटबंधों और संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
कोसी इलाके में लोगों के बीच चिंता
कोसी तटबंध के भीतर रहने वाले लोगों में पिछले बाढ़ के अनुभवों को लेकर चिंता बनी हुई है। बिहार में हर साल कोसी नदी से सटे जिलों में भारी बाढ़ आती है, जिससे हजारों परिवार प्रभावित होते हैं और फसल, घर और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान होता है।
कई जिलों में मौसम विभाग का भी अलर्ट
मौसम विभाग ने बिहार के कई जिलों में मौसम अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है।
- पटना
- गया
- जहानाबाद
- नालंदा
- नवादा
- शेखपुरा
- बेगूसराय
- लखीसराय
- मुंगेर
- जमुई
- खगड़िया
- सहरसा
- मधेपुरा
- सुपौल
- अररिया
- पूर्णिया
- किशनगंज
- कटिहार
- भागलपुर
- बांका
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। किसानों, मछुआरों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को भारी बारिश और आंधी-तूफान के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है। कोसी नदी की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आगे की कार्रवाई नेपाल में बारिश और नदी के जलस्तर पर निर्भर करेगी।
कोसी बराज से पानी किया गया डिस्चार्ज
जानकारी के मुताबिक, कोसी बराज पर इस साल का सबसे ज्यादा जलप्रवाह दर्ज किया गया है. जलप्रवाह में बढ़ोतरी की वजह से जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग अलर्ट हो गया है. ऐसी स्थिति में तटबंधों और कटावरोधी संरचनाओं पर निगरानी बढ़ा दी गई है. बताया जा रहा है कि सोमवार को सुबह 8 बजे कोसी बराज पर 91,575 क्यूसेक जलप्रवाह बढ़ते क्रम में दर्ज किया गया, जबकि नेपाल स्थित बराह इलाके में 74 हजार क्यूसेक जलप्रवाह रिकॉर्ड किया गया.
इसके बाद दोपहर 12 बजे तक बराह इलाके का डिस्चार्ज बढ़कर 1,00,955 क्यूसेक तक पहुंच गया. इतना ही नहीं, जलस्तर में इसके बाद भी तेजी आई और दोपहर 2 बजे तक कोसी बराज पर जलप्रवाह बढ़कर 1,86,385 क्यूसेक तक हो गया. इस तरह से पानी डिस्चार्ज होने की वजह से बिहार में बाढ़ का खतरा अभी से ही मंडराने लगा है.
कमला बलान नदी का बढ़ रहा जलस्तर
दूसरी तरफ नेपाल में हो रही बारिश की वजह से कमला बलान नदी के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हो रही है. झंझारपुर के अलावा नदी के आस-पास के इलाकों में जलस्तर के बढ़ने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. जानकारी के मुताबिक, सोमवार को झंझारपुर में कमला बलान नदी का जलस्तर 50 मीटर तक पहुंच गया.
यानी कि यह नदी अपने खतरे के निशान से सिर्फ 50 सेंटीमीटर ही नीचे है. अगर इसी तरह से जलस्तर में बढ़ोतरी होती रही तो दोनों तरफ के बने तटबंधों पर दबाव बढ़ता जाएगा. साथ ही नदी के आस-पास के इलाकों में स्थिति बिगड़ने लगेगी.
नदी के किनारे बढ़ाई गई निगरानी
बताया जा रहा है कि नदी के इस पार से उस पार जाने के लिए स्थानीय लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ता है. ऐसे में नदी के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ के खतरे को देखते हुए तटबंधों पर निगरानी तेज कर दी गई है. इसके अलावा भी तमाम संवेदनशील और अतिसंवेदनशील जगहों पर नजर रखी जा रही है.








