नितिन नवीन की नई टीम का एलान, 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और आठ महामंत्री बनाए गए…………

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को पार्टी के नए राष्ट्रीय पदाधिकारियों के नामों का एलान कर दिया। पार्टी की ओर से जारी सूची के मुताबिक, नई टीम में कई वरिष्ठ नेताओं को अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं। नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। नई टीम में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
सोमवार, 17 अगस्त 2026, 07:30 AM 9 मिनट read
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नितिन नवीन की नई टीम का एलान, 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और आठ महामंत्री बनाए गए…………
Photo: UB India News Archive

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को पार्टी के नए राष्ट्रीय पदाधिकारियों के नामों का एलान कर दिया। पार्टी की ओर से जारी सूची के मुताबिक, नई टीम में कई वरिष्ठ नेताओं को अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं। नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। नई टीम में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया समेत 13 नेताओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं स्मृति ईरानी और विनोद तावड़े को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है।

वसुंधरा राजे समेत 13 नेताओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया

भाजपा की ओर से जारी सूची के अनुसार, वसुंधरा राजे सिंधिया, तीरथ सिंह रावत, राम माधव, बैजयंत जय पांडा, डी. पुरंदेश्वरी, रेखा वर्मा, वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी, डॉ. भारती प्रवीण पवार, सरदार मनप्रीत सिंह बादल, लाल सिंह आर्य, प्रो. एम. नागराजा, प्रो. तारिक मंसूर और डॉ. मधुचंद्र कर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। इस सूची में अलग-अलग राज्यों के नेताओं को जगह दी गई है, जिससे संगठन में क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व का भी ध्यान रखा गया है।

स्मृति ईरानी और विनोद तावड़े को मिली बड़ी जिम्मेदारी

नई टीम में स्मृति ईरानी और विनोद तावड़े को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। दोनों नेताओं को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी की जारी सूची में बीएल संतोष को राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) के पद पर बरकरार रखा गया है। वहीं शिवप्रकाश और सौदान सिंह को राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री (संगठन) की जिम्मेदारी दी गई है।

भाजपा की नई टीम में महिला नेताओं को भी खास जगह मिली

नई राष्ट्रीय टीम में महिला नेताओं की भी अच्छी भागीदारी दिखाई देती है। वसुंधरा राजे सिंधिया, डी. पुरंदेश्वरी, रेखा वर्मा, वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी, डॉ. भारती प्रवीण पवार और डॉ. मधुचंद्र कर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। इस तरह पार्टी की नई संगठनात्मक टीम में कई महिला नेताओं को महत्वपूर्ण राष्ट्रीय जिम्मेदारियां मिली हैं।

नितिन नवीन की टीम में कई राज्यों को मिला प्रतिनिधित्व

भाजपा की नई सूची में राजस्थान, उत्तराखंड, दिल्ली, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों के नेताओं को शामिल किया गया है। पार्टी के केंद्रीय संगठन में अलग-अलग राज्यों के नेताओं को जिम्मेदारी दिए जाने से राष्ट्रीय स्तर पर संगठन के विस्तार और समन्वय को मजबूत करने का संकेत मिलता है।

भाजपा की नई टीम में किसे कौन सी जिम्मेदारी मिली?

  • राष्ट्रीय उपाध्यक्ष: वसुंधरा राजे सिंधिया, तीरथ सिंह रावत, राम माधव, बैजयंत जय पांडा, डी. पुरंदेश्वरी, रेखा वर्मा, वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी, डॉ. भारती प्रवीण पवार, सरदार मनप्रीत सिंह बादल, लाल सिंह आर्य, प्रो. एम. नागराजा, प्रो. तारिक मंसूर और डॉ. मधुचंद्र कर।
  • राष्ट्रीय महामंत्री: विनोद तावड़े और स्मृति ईरानी।
  • राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन): बीएल संतोष।
  • राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री (संगठन): शिवप्रकाश और सौदान सिंह।

 

स्मृति ईरानी समेत कौन-कौन से नेता बने महामंत्री

1. विनोद तावड़े                                                                                                                                                                    2. सुनील बंसल
3. बिप्लब कुमार देब
4. स्मृति ईरानी
5. सतीश पूनिया
6. गजेंद्र पटेल
7. हरीश द्विवेदी
8. संजय भाटिया

किन नेताओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया

1. वसुंधरा राजे सिंधिया
2. तीरथ सिंह रावत
3. राम माधव
4. बैजयंत जय पांडा
5. डी पुरंदेश्वरी
6. रेखा वर्मा
7. वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी
8. भारती प्रवीण पवार
9. सरदार मनप्रीत सिंह बादल
10. लाल सिंह आर्य
11. प्रो एम नागराज
12. प्रो तारीक मंसूर
13. मधुचंद्रा कार

पूनिया फिलहाल भाजपा के हरियाणा प्रभारी
सतीश पूनिया फिलहाल भाजपा के हरियाणा प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब राष्ट्रीय महामंत्री बनाए जाने के बाद संगठन में उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है। पूनियां इससे पहले राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं और संगठन में लंबे समय तक विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।

राजस्थान से राष्ट्रीय संगठन में बढ़ा पूनिया का कद
सतीश पूनिया को इसी साल राजस्थान से भाजपा ने राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया था और वे निर्विरोध निर्वाचित हुए। इसके बाद अब पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय संगठन में महामंत्री की जिम्मेदारी दी है। ऐसे में राजस्थान भाजपा की राजनीति में उनका कद और बढ़ गया है।

वसुंधरा राजे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद पर बरकरार
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद पर बरकरार रखा गया है। यानी राजस्थान से राष्ट्रीय संगठन में पूनियां को महामंत्री की नई जिम्मेदारी मिली है, जबकि वसुंधरा राजे का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद कायम रखा गया है। राजे लंबे समय से भाजपा की राष्ट्रीय टीम में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। 2023 में जारी भाजपा की राष्ट्रीय पदाधिकारियों की सूची में भी उनका नाम राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के तौर पर शामिल था।

नई राष्ट्रीय टीम में कई बड़े बदलाव
भाजपा की ओर से जारी सूची में बीएल संतोष को राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) की जिम्मेदारी पर बरकरार रखा गया है। वहीं, शिवप्रकाश और सौदान सिंह को राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री (संगठन) के रूप में शामिल किया गया है। राष्ट्रीय महामंत्रियों की सूची में सतीश पूनियां के अलावा विनोद तावड़े, सुनील बंसल, बिप्लब कुमार देब, स्मृति ईरानी, गजेंद्र पटेल, हरीश द्विवेदी और संजय भाटिया के नाम शामिल हैं।

 

 

बीजेपी अध्यक्ष का पद संभालने के बाद नवीन के पहले बड़े संगठनात्मक फेरबदल में अनुराग ठाकुर और स्मृति ईरानी की संभावित वापसी सबसे अहम बातों में से एक होगी. हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से लोकसभा सांसद ठाकुर पहले सूचना और प्रसारण तथा युवा मामले और खेल मंत्री रह चुके हैं. उन्होंने राज्य मंत्री के तौर पर वित्त और कॉर्पोरेट मामलों का विभाग भी संभाला है.

इस बीच, ईरानी बीजेपी की एक प्रमुख नेता हैं, जिन्होंने केंद्रीय मंत्री के तौर पर काम किया और 2019 से 2024 तक लोकसभा में अमेठी का प्रतिनिधित्व किया. उन्होंने संगठन में कई अहम जिम्मेदारियां भी संभाली हैं, जिनमें बीजेपी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय सचिव के पद शामिल हैं.
इन दो नेताओं को शामिल करने की उम्मीद नवीन की टीम को युवा चेहरा देने की बड़ी कोशिश का हिस्सा है. संगठन में बदलाव की यह प्रक्रिया तब से चल रही है, जब 45 साल की उम्र में नवीन इस साल की शुरुआत में बीजेपी के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बने. उनके इस पद पर आने को पार्टी में पीढ़ीगत बदलाव के संकेत के तौर पर देखा गया था.
सूत्रों के मुताबिक स्मृति ईरानी और अनुराग ठाकुर के अलावा हरीश द्विवेदी को संगठन में लाया जा सकता है. इसके अलावा दुष्यंत गौतम और राधामोहन दास अग्रवाल की ज़िम्मेदारी को भी बदले जाने की संभावना है. राघव चड्ढा और दूसरे दलों से आए नेताओं को भी बीजेपी की नई टीम में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है.
बीजेपी के संगठन में हो रहे इस बदलाव को सिर्फ रूटीन फेरबदल से कहीं ज़्यादा अहम माना जा रहा है. पार्टी अपने राष्ट्रीय संगठन को आने वाले चुनावी मुकाबलों, खासकर कई अहम राज्यों में 2027 के विधानसभा चुनावों के हिसाब से तैयार करना चाहती है.
यूपी से इन नामों की चर्चा
उत्तर प्रदेश से राष्ट्रीय टीम में शामिल किए जाने या प्रमोशन दिए जाने की चर्चा में कई नाम सामने आ रहे हैं. इनमें राष्ट्रीय मंत्री हरीश द्विवेदी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा, अमरपाल मौर्य, सांसद भोला सिंह, अश्विनी त्यागी, पूर्व मंत्री और एमपी प्रभारी महेंद्र सिंह और राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद के नाम शामिल हैं. पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा और स्मृति ईरानी के नाम की भी चर्चा है. हालांकि इन नामों को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. इसलिए अंतिम तस्वीर नितिन नवीन की नई टीम के ऐलान के बाद ही साफ होगी.
तीन बड़े नेताओं की छुट्टी की चर्चा
सूत्रों के अनुसार, नई टीम में जहां नए और युवा चेहरों को मौका मिलने की बात कही जा रही है, वहीं कुछ वरिष्ठ नेताओं को संगठन से बाहर किए जाने की भी चर्चा है. इनमें लक्ष्मीकांत वाजपेयी, राजेश अग्रवाल और राधामोहन दास अग्रवाल के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं. लक्ष्मीकांत वाजपेयी बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं और उत्तर प्रदेश बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं. चर्चा है कि उम्र को देखते हुए उन्हें नई राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं दी जा सकती. इसी तरह राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल और राष्ट्रीय महामंत्री राधामोहन दास अग्रवाल को भी नई टीम से बाहर किए जाने की अटकलें हैं.
बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम में युवा चेहरों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ संगठन और संसद का अनुभव रखने वाले नेताओं को भी जगह देने की कोशिश की जा सकती है. हरीश द्विवेदी और रेखा वर्मा जैसे नेताओं को प्रमोशन या दोबारा महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने की चर्चा इसी दिशा में देखी जा रही है.
क्यों महत्वपूर्ण है यूपी?
उत्तर प्रदेश अगले साल विधानसभा चुनाव के लिहाज से बीजेपी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. विधानसभा सीटों की संख्या के मामले में यूपी देश का सबसे बड़ा राज्य है. लोकसभा में भी सबसे ज्यादा सीटें उत्तर प्रदेश से ही आती हैं. ऐसे में बीजेपी की राष्ट्रीय टीम में यूपी के नेताओं को बड़ी संख्या में जगह मिलना चुनावी और संगठनात्मक दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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