- पटना में पीएचडी होल्डर्स का आंदोलन जारी है. आर ब्लॉक चौराहे पर हालात को संभालने के लिए पुलिस आंदोलनकारियों से बातचीत कर रही है. आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कुमुद पटेल भी आर ब्लॉक चौराहे पर पहुंच गए हैं. वह व्हीलचेयर पर वहां पहुंचे. बताया जा रहा है कि कुमुद पटेल समेत कई पीएचडी होल्डर्स पिछले 19 दिनों से अनशन पर हैं. फिलहाल पुलिस आंदोलनकारियों के प्रतिनिधियों से बातचीत कर उन्हें शांत करने और आगे की स्थिति पर सहमति बनाने की कोशिश कर रही है.
- पटना में लोक भवन मार्च को लेकर पीएचडी कर रहे छात्रों का प्रदर्शन तेज हो गया. छात्र आर ब्लॉक चौराहे पर पहुंच गए. यहां उन्होंने बैरिकेडिंग तोड़ दी और आगे बढ़ने की कोशिश की. इस दौरान छात्रों और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई. कई छात्र बैरिकेडिंग पर चढ़कर नारे लगा रहे हैं. पुलिस उन्हें रोकने की कोशिश कर रही है. छात्र अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन कर रहे हैं और उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं.
असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की प्रक्रिया नियमित और स्थायी हो, यानी खाली पदों पर जल्द नियमित नियुक्ति की जाए.
अधिकतम उम्र सीमा बढ़ाकर 55 साल की जाए.
बिहार में प्रभावी डोमिसाइल नीति लागू की जाए.
बिहार स्टैच्यूट 2026 में बताई जा रही विसंगतियों को दूर किया जाए और योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति में उचित मौका मिले. गेस्ट असिस्टेंट प्रोफेसर से जुड़े मामलों में सेवा सुरक्षा या उचित समायोजन किया जाए.
विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की स्वायत्तता में कथित हस्तक्षेप बंद किया जाए.
विश्वविद्यालयों में खाली Assistant Professor के पदों पर जल्द नियुक्ति की जाए.
चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लिखी चिट्ठी में सहायक प्राध्यापक नियुक्ति नियमावली-2026 पर पुनर्विचार की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि नियमावली को अंतिम रूप देने से पहले छात्रों, अभ्यर्थियों, अतिथि शिक्षकों, विश्वविद्यालयों और विषय विशेषज्ञों से व्यापक चर्चा की जाए. साथ ही भर्ती प्रक्रिया को यूजीसी रेगुलेशन 2018 और टेबल 3A के अनुरूप करने, अभ्यर्थियों की अधिकतम उम्र सीमा 55 साल करने और विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों की नियमित नियुक्ति सुनिश्चित करने की मांग उठाई थी. चिराग ने लंबे समय से काम कर रहे अतिथि शिक्षकों के अनुभव और भविष्य को सुरक्षित रखने के साथ योग्य अभ्यर्थियों को न्यायसंगत अवसर देने की बात भी कही थी.








